कहलगांव के रसलपुर में करंट की चपेट में आने से 30 वर्षीय युवक मिथिलेश कुमार की दर्दनाक मौत; घर में मोटर का तार जोड़ते समय हुआ हादसा, परिजनों में मचा कोहराम

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के कहलगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रसलपुर गांव में मंगलवार को एक भीषण और मर्मस्पर्शी हादसा सामने आया है। जरा सी असावधानी और विद्युत उपकरणों से जुड़ी लापरवाही किस तरह पल भर में किसी हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण रसलपुर की इस घटना ने पेश किया है। घर के भीतर पानी चलाने के लिए मोटर का बिजली का तार जोड़ रहे 30 वर्षीय युवक मिथिलेश कुमार को अचानक जोरदार करंट (Electric Shock) लग गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस आकस्मिक और वज्राघात जैसी घटना से मृतक के घर में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

कैसे हुआ हादसा? जानिए पूरी घटना

प्राप्त जानकारी और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मिथिलेश कुमार अपने घर पर ही किसी घरेलू कार्य में व्यस्त थे:

मोटर का तार जोड़ना पड़ा महंगा: घर में पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए बिजली की मोटर चालू करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मोटर का कोई तार ढीला या कटा हुआ था, जिसे ठीक करने या जोड़ने के लिए मिथिलेश कुमार खुद भिड़ गए।

अचानक प्रवाहित हुआ करंट: जैसे ही उन्होंने बिजली के नंगे तारों या स्विच बोर्ड के पास काम करना शुरू किया, अचानक तेज विद्युत प्रवाह (Electric Current) उनकी चपेट में आ गया। करंट इतना शक्तिशाली था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे वहीं अचेत होकर गिर पड़े।

परिजनों की चीख-पुकार और अस्पताल की दौड़

घटना के वक्त घर के अन्य सदस्य आसपास ही मौजूद थे। जैसे ही उन्होंने मिथिलेश को अहोश हालत में जमीन पर गिरे देखा, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई:

तत्काल अस्पताल ले जाने की कोशिश: चीख-पुकार सुनकर आसपास के पड़ोसी भी तुरंत दौड़ पड़े। परिजनों ने बिना एक पल गंवाए आनन-फानन में अचेत पड़े मिथिलेश कुमार को उठाकर नजदीकी अस्पताल या कहलगांव अनुमंडल अस्पताल की ओर भागे।

डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किया जाना: अस्पताल पहुंचने पर आपातकालीन वार्ड में तैनात चिकित्सकों ने तुरंत उनके स्वास्थ्य की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद मिथिलेश कुमार को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही अत्यधिक करंट लगने के कारण उनकी सांसें थम चुकी थीं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पसरा मातम

मिथिलेश कुमार की असामयिक मौत से उनके पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है:

रो-रोकर बुरा हाल: मृतक मिथिलेश अपने परिवार का एक अहम हिस्सा थे। उनकी इस तरह अचानक हुई दर्दनाक मौत से पत्नी, माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की चीख-पुकार सुनकर अस्पताल और गांव में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

मासूम बच्चों के सिर से उठा साया: स्थानीय लोगों ने बताया कि मिथिलेश बेहद मेहनतकश और मिलनसार स्वभाव के युवक थे। उनके जाने के बाद अब परिवार के पालन-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोग शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हुए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और प्रशासनिक प्रक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय रसलपुर और कहलगांव थाना की पुलिस हरकत में आ गई:

शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम: पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेज दिया।

सावधानी बरतने की अपील: पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इस दुखद घटना के बाद एक बार फिर आम नागरिकों से अपील की है कि बिजली के घरेलू उपकरणों, मोटरों या तारों की मरम्मत करते समय पूरी तरह सावधानी बरतें। जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए काम करते वक्त मेन स्विच बंद रखना बेहद आवश्यक है।

कहलगांव के रसलपुर गांव में घटी यह दुर्घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे घरों में उपयोग होने वाली बिजली कितनी उपयोगी होने के साथ-साथ खतरनाक भी हो सकती है। 30 वर्षीय मिथिलेश कुमार की विद्युत करंट लगने से हुई मौत ने एक परिवार को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल दिया है। इस दुखद घड़ी में पूरा समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है, और यह घटना हम सभी के लिए एक गंभीर सबक है कि बिजली के कार्यों में कभी भी जल्दबाजी या लापरवाही न बरतें।