प्रसंडो में हर्ष जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति की वार्षिक आम सभा संपन्न; महिला सशक्तिकरण और वित्तीय साक्षरता पर जोर, उपस्थित रहीं सैकड़ों जीविका दीदी

बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उन्हें आत्मनिर्भर करने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में 'जीविका' (बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति) की भूमिका किसी क्रांति से कम नहीं है। इसी कड़ी में मुंगेर या आसपास के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसंडो में हर्ष जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आम सभा (Annual General Meeting) का आयोजन किया गया।

इस भव्य वार्षिक आम सभा में मुख्य अतिथि, विशेष आमंत्रित मेहमानों के साथ-साथ बड़ी संख्या में जीविका दीदियां पूरी तन्मयता के साथ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के आर्थिक विकास, आपसी बचत, ऋण प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। आइए इस वार्षिक आम सभा के मुख्य आयोजनों, जीविका दीदियों के उत्साह और महिला सशक्तिकरण की इस बानगी का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।

पृष्ठभूमि: क्या है हर्ष जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति?

ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को संगठित कर उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए जीविका के तहत इस तरह की स्वावलंबी सहकारी समितियों का गठन किया जाता है।

महिलाओं का अपना संगठन: प्रसंडो स्थित हर्ष जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति पूरी तरह से ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित एक ऐसा मंच है, जहां वे अपनी छोटी-छोटी बचतों को जमा करती हैं और जरूरत पड़ने पर आपसी सहमति से कम ब्याज पर ऋण (Loan) प्राप्त कर अपने छोटे-मोटे व्यवसाय या घरेलू जरूरतों को पूरा करती हैं।

वार्षिक आम सभा का महत्व: वर्ष भर के लेखा-जोखा (Audited Report), वित्तीय वर्ष की आय-व्यय, नए ऋण वितरण, और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए प्रत्येक वर्ष इस प्रकार की आम सभा का आयोजन किया जाता है, जिसमें समिति से जुड़ी सभी दीदियां और अधिकारी भाग लेते हैं।

वार्षिक आम सभा का मुख्य आकर्षण और अतिथियों का स्वागत

प्रसंडो में आयोजित इस वार्षिक आम सभा का माहौल पूरी तरह से उत्सव जैसा और अनुशासित था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और जीविका के तराना के साथ की गई।

अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति: सभा में स्थानीय प्रशासन, जीविका प्रोजेक्ट के उच्च अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य अतिथि विशेष रूप से मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत जीविका दीदियों द्वारा पारंपरिक तरीके से पुष्पगुच्छ और स्वागत गान के साथ किया गया।

दीदियों का उत्साह: फोटो 'केजीपी 1' में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि किस प्रकार बड़ी संख्या में बैठी जीविका दीदियों के चेहरे पर आत्मनिर्भरता का आत्मविश्वास झलकता है। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी ये महिलाएं ग्रामीण भारत की बदलती हुई तस्वीर को बयां कर रही थीं।

वित्तीय वर्ष की रिपोर्ट और दीदियों की सफलता की कहानियां

आम सभा के दौरान समिति की प्रबंध समिति (Management Committee) ने पिछले एक साल का आय-व्यय और प्रगति रिपोर्ट सबके सामने रखी।

बचत और ऋण अदायगी में अव्वल: रिपोर्ट में बताया गया कि किस प्रकार प्रसंडो की हर्ष जीविका समिति से जुड़ी महिलाओं ने समय पर अपने ऋण की किस्तें चुकाई हैं और अपनी पूंजी में बढ़ोतरी की है। यह इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण महिलाएं वित्तीय अनुशासन को लेकर कितनी गंभीर और जागरूक हो चुकी हैं।

सफलता की जुबानी (Success Stories): सभा के दौरान कुछ चुनिंदा जीविका दीदियों ने मंच से अपनी कहानी साझा की कि कैसे जीविका से जुड़ने के बाद उन्होंने पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान या अन्य लघु उद्योग शुरू किए और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारा। उनके संघर्ष और सफलता की कहानियों ने अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया।

महिला सशक्तिकरण और भविष्य की रूपरेखा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथियों और जीविका के अधिकारियों ने कहा कि महिलाएं अब परिवार की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था की धुरी बन रही हैं।

वित्तीय साक्षरता पर जोर: अधिकारियों ने दीदियों को डिजिटल बैंकिंग, लेन-देन में सावधानी और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के तौर-तरीके सिखाए। उन्हें यह भी समझाया गया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें ताकि आने वाली पीढ़ी और अधिक सशक्त बन सके।

आपसी एकता का संदेश: बैठक के अंत में सभी जीविका दीदियों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे संगठन की एकता को और मजबूत करेंगी तथा गांव की हर उस महिला को जीविका से जोड़ेंगी जो अब तक इससे वंचित हैं।

प्रसंडो में आयोजित हर्ष जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति की यह वार्षिक आम सभा इस बात का जीवंत प्रमाण है कि बिहार की ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इस प्रकार के आयोजन न केवल महिलाओं में आत्मविश्वास जगाते हैं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक करते हैं। हर्ष जीविका समिति का यह सफर आने वाले दिनों में क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनेगा।