अमरपुर गांव में आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर असामाजिक तत्वों का पथराव व फायरिंग, मची अफरा-तफरी

भागलपुर: भागलपुर जिले के बिहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अमरपुर गांव से एक बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक खबर सामने आई है। किसी आपराधिक मामले में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए गई पुलिस टीम पर स्थानीय कुछ उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों ने अचानक हमला बोल दिया। इस दौरान पुलिसर्किमयों को खदेड़ने के लिए पथराव किया गया और कुछ राउंड फायरिंग की भी सूचना है, जिससे पूरे इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पुलिस बल ने भारी विरोध के बावजूद सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और अंततः अतिरिक्त पुलिस बल के सहयोग से मामले पर काबू पाया गया। इस दुस्साहसिक घटना के बाद से पूरे इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और हमलावरों की पहचान कर उनकी धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।

क्या है पूरी घटना और कैसे भड़की हिंसा? (घटना की पृष्ठभूमि)

बिहपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अमरपुर गांव में किसी गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहा एक नामजद आरोपी छिपा हुआ है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस दल-बल के साथ आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गांव में उतरा था:

छापेमारी के दौरान विरोध: पुलिस जब संबंधित आरोपी के घर के पास पहुंची और उसे दबोचने का प्रयास किया, तो आरोपी के परिजनों और उसके समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया।

भीड़ का इकट्ठा होना: कुछ ही मिनटों में वहां भारी भीड़ जमा हो गई, जिसमें से कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस टीम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया ताकि आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाया जा सके।

पुलिस टीम पर पथराव और जानलेवा हमला

जब पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को साथ ले जाने की कोशिश की, तो स्थिति हिंसक हो गई:

छतों से फेंके गए पत्थर: उग्र भीड़ ने अचानक पुलिसर्किमयों पर पथराव शुरू कर दिया। घरों की छतों और गलियों से ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे कई पुलिसर्किमयों को खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।

हथियार छीनने का प्रयास: उपद्रवियों ने पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी कामकाज में बाधा डालते हुए आरोपियों को भगाने का पूरा प्रयास किया। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा दहशत फैलाने की नीयत से हवाई फायरिंग करने की भी बात सामने आ रही है।

अतिरिक्त पुलिस बल का पहुंचना और स्थिति पर नियंत्रण

स्थानीय थाने की छोटी सी टीम पर अचानक हुए इस हमले की सूचना जैसे ही बिहपुर थाना प्रभारी और वरीय पुलिस अधिकारियों को मिली, प्रशासन में हड़कंप मच गया:

वैकल्पिक फोर्स की तैनाती: तुरंत ही नवगछिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में आसपास के कई थानों की पुलिस और वज्र वाहन को अमरपुर गांव के लिए रवाना किया गया।

सख्ती से निपटी पुलिस: भारी संख्या में पुलिस बल के पहुंचते ही उपद्रवियों के हौसले पस्त हो गए और वे मौके से फरार होने लगे। पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया और गांव में फ्लैग मार्च निकाला।

प्रशासन की कड़ी चेतावनी: बख्शे नहीं जाएंगे उपद्रवी

इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। वरीय अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों और पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा:

वीडियो फुटेज से पहचान: पुलिस पथराव और उपद्रव करने वाले लोगों की पहचान वीडियो फुटेज और तस्वीरों के माध्यम से कर रही है।

दर्ज होगी प्राथमिकी (FIR): इस संबंध में सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने, बलवा और आर्म्स एक्ट के तहत कई नामजद और अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि रातभर छापेमारी कर मुख्य आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

अमरपुर गांव में हुई यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कुछ असामाजिक तत्वों के मन से खाकी का खौफ किस हद तक कम हो चुका है। पुलिस टीम पर हमला करने वाले इन उपद्रवियों के खिलाफ यदि कड़ी और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई नहीं की गई, तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। फिलहाल, पुलिस की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अमरपुर गांव और उसके आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे शांत करने के लिए पुलिस लगातार कैंप कर रही है।