ओस्कार्प एनजीओ के तत्वावधान में मुस्लिम माइनॉरिटी डिग्री कॉलेज में वक्ताओं ने युवाओं को मिसाइल मैन के सपनों का भारत गढ़ने का किया आह्वान
भागलपुर (वरीय संवाददाता): देश के महान वैज्ञानिक, प्रेरणास्रोत और 'मिसाइल मैन' के रूप में विश्वभर में विख्यात पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जीवन गाथा और उनके उच्च आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से भागलपुर में एक भव्य शैक्षिक एवं प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। शहर के प्रतिष्ठित मुस्लिम माइनॉरिटी डिग्री कॉलेज के सभागार में ओस्कार्प (Oscorp) एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. कलाम के तैलচিত্র पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इस संगोष्ठी का मुख्य विषय 'डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचार और आज के युवाओं की भूमिका' रखा गया था, जिस पर वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए छात्रों को उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया।
दीप प्रज्वलन और ओस्कार्प एनजीओ के उद्देश्यों पर प्रकाश
कार्यक्रम के आरंभ में ओस्कार्प एनजीओ के प्रमुख पदाधिकारियों और मुस्लिम माइनॉरिटी डिग्री कॉलेज के प्राध्यापकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया:
शिक्षा और सामाजिक विकास का संकल्प: ओस्कार्प एनजीओ के प्रतिनिधियों ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज के पिछड़े और वंचित युवाओं को शिक्षा, विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। डॉ. कलाम का पूरा जीवन इस बात का प्रमाण है कि यदि इंसान के पास पक्का इरादा और उच्च सोच हो, तो वह गरीबी और अभावों को मात देकर देश के सर्वोच्च शिखर तक पहुँच सकता है।
कॉलेज प्रबंधन का संबोधन: मुस्लिम माइनॉरिटी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य और प्रबंध समिति के सदस्यों ने एनजीओ के इस प्रयास की भूरी-भुरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के बौद्धिक विकास और उनके चरित्र निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वक्ताओं के विचार: "सपने वो नहीं जो सोते वक्त देखें, सपने वो हैं जो सोने न दें"
संगोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन के विभिन्न पहलुओं, उनकी सादगी, वैज्ञानिक उपलब्धियों और छात्रों के प्रति उनके अगाध प्रेम पर विस्तार से प्रकाश डाला:
युवाओं को सपनों की उड़ान भरने का संदेश: मुख्य वक्ताओं ने डॉ. कलाम के प्रसिद्ध कोट "सपने वो नहीं जो सोते वक्त देखें, सपने वो हैं जो सोने न दें" को दोहराते हुए कहा कि आज के युवाओं को केवल नौकरी की तलाश करने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Employment Provider) बनना चाहिए। उन्होंने विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं को आगे आने का आह्वान किया।
राष्ट्र निर्माण में छात्रों की भागीदारी: वक्ताओं ने कहा कि डॉ. कलाम का सपना था कि भारत वर्ष 2020 तक एक विकसित राष्ट्र बने। यद्यपि वह लक्ष्य समयसीमा पार कर चुका है, लेकिन आज भी देश के युवाओं के पास देश को वैश्विक पटल पर सिरमौर बनाने की असीम क्षमता मौजूद है। आवश्यकता इस बात की है कि छात्र अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं।
छात्र-छात्राओं में दिखा गजब का उत्साह और सहभागिता
इस संगोष्ठी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें मुस्लिम माइनॉरिटी डिग्री कॉलेज और आसपास के अन्य संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी बात रखी:
भाषण और विचार-विमर्श: कॉलेज के कई छात्र-छात्राओं ने डॉ. कलाम के जीवन पर आधारित अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कलाम साहब की प्रसिद्ध पुस्तक 'विंग्स ऑफ़ फायर' (Wings of Fire) से सीख लेते हुए जीवन में कभी हार न मानने और कठिन परिस्थितियों से मुकाबला करने का संकल्प लिया।
प्रश्नोत्तरी और संवादात्मक सत्र: कार्यक्रम के अंत में एक संवादात्मक सत्र (Interactive Session) का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने शिक्षा, विज्ञान और करियर से जुड़े कई सवाल पूछे। ओस्कार्प एनजीओ के सदस्यों और कॉलेज के प्रोफेसर्स ने छात्रों के सवालों के बड़े ही सरल और प्रेरणादायक जवाब दिए।
संकल्प सभा और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में ओस्कार्प एनजीओ की ओर से उपस्थित सभी विद्यार्थियों को डॉ. कलाम के जीवन दर्शन से जुड़ी पुस्तकें और प्रेरणादायी पठन सामग्री वितरित की गई:
सामूहिक संकल्प: सभा में उपस्थित सभी युवाओं ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे ईमानदारी, मेहनत और राष्ट्रनिष्ठा के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे और देश के विकास में अपना योगदान देंगे।
धन्यवाद ज्ञापन: कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक द्वारा सभी अतिथियों, एनजीओ के सदस्यों और छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। अंत में राष्ट्रीय गान के साथ इस भव्य और प्रेरणादायी संगोष्ठी का समापन हुआ।
भागलपुर के मुस्लिम माइनॉरिटी डिग्री कॉलेज में ओस्कार्प एनजीओ के तत्वावधान में आयोजित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति से जुड़ी यह संगोष्ठी इस बात का प्रमाण है कि महापुरुषों के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। इस आयोजन ने न केवल युवाओं को विज्ञान और शिक्षा के प्रति प्रेरित किया, बल्कि उनके दिलों में राष्ट्र सेवा की अलख को भी और अधिक तेज कर दिया। ऐसे आयोजन भागलपुर के शैक्षणिक माहौल को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।