सिमरीबख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर मजदूरी और पैसे चोरी के शक को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष: राधेश्याम सादा और धीरज सादा समेत कई लोग घायल, रेलवे परिसर में मची अफरा-तफरी

सहरसा/सिमरीबख्तियारपुर: पूर्व मध्य रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले व्यस्त सिमरीबख्तियारपुर रेलवे स्टेशन परिसर में शनिवार को एक अप्रत्याशित और तनावपूर्ण घटना सामने आई। पैसे चोरी के एक मामूली शक को लेकर स्टेशन पर काम करने वाले मजदूरों और एक स्थानीय युवक के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और खूनी संघर्ष शुरू हो गया। इस हिंसक झड़प में राधेश्याम सादा और धीरज सादा समेत कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुई इस मारपीट की घटना से रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया और यात्रियों के बीच दहशत फैल गई।

विवाद की पृष्ठभूमि और पैसे चोरी का आरोप

घटना की शुरुआत स्टेशन परिसर में उस समय हुई जब कुछ मजदूरों ने एक स्थानीय युवक पर उनके पैसे चुराने का गंभीर आरोप लगाया। मजदूरों का दावा था कि उनके मेहनतकश की गाढ़ी कमाई के पैसे उस युवक ने गायब किए हैं।

शक के आधार पर गरमाया माहौल: शुरुआती दौर में दोनों पक्षों के बीच केवल कहासुनी और बहस हो रही थी, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला इतनी तेजी से बढ़ा कि कुछ ही मिनटों में बात हाथापाई तक पहुंच गई।

गुस्से में आपा खो बैठे लोग: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब मजदूरों ने शक के आधार पर उस युवक को पकड़कर पूछताछ शुरू की, तो युवक के समर्थकों और मजदूरों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया।

हिंसक झड़प और घायलों की स्थिति

झगड़ा इतना हिंसक हो गया कि दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान बीच-बचाव करने आए या विवाद में फंसे लोग गंभीर रूप से चोटिल हो गए।

राधेश्याम सादा और धीरज सादा हुए घायल: इस पूरी हिंसक घटना में राधेश्याम सादा और धीरज सादा को गंभीर चोटें आईं। उनके शरीर पर कई जगहों पर वार किए गए, जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।

अस्पताल में भर्ती: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अनुमंडल अस्पताल, सिमरीबख्तियारपुर पहुंचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान पर इस तरह का खुला संघर्ष सुरक्षा तंत्र की पोल खोलता है।

यात्रियों में दहशत: घटना के समय प्लेटफॉर्म और सर्कुलेटिंग एरिया में मौजूद यात्री सहम गए। कई परिवारों ने अपनी ट्रेन छूटने के डर और सुरक्षा कारणों से खुद को एक सुरक्षित कोने में छिपा लिया।

आरपीएफ और जीआरपी की कार्रवाई: घटना के बाद रेलवे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि झगड़े में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा सके।

सिमरीबख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना यह दर्शाती है कि लोग छोटी-छोटी बातों पर किस तरह कानून अपने हाथ में ले रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो सके और रेलवे परिसर में शांति व कानून-व्यवस्था बनी रहे।