गोविंदपुर दियारा में खूनी संघर्ष, चंद्रदेव मंडल और गीता देवी गंभीर रूप से घायल

पीरपैंती (भागलपुर): भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड स्थित गोविंदपुर दियारा इलाके में शुक्रवार को आपसी विवाद के चलते जमकर मारपीट हुई। इस हिंसक झड़प में एक दंपति, चंद्रदेव मंडल और गीता देवी, गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को पीरपैंती रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर (मायागंज अस्पताल) रेफर कर दिया है।

घटना का विवरण: जमीन विवाद बना संघर्ष की वजह

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गोविंदपुर दियारा में लंबे समय से दो पक्षों के बीच जमीन के एक टुकड़े को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार सुबह जब चंद्रदेव मंडल अपने घर के समीप थे, तभी विपक्षी पक्ष के लोग वहां पहुंचे और पुरानी रंजिश को लेकर तीखी बहस शुरू कर दी। बहस इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया।

आरोप है कि विपक्षी गुट ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर चंद्रदेव मंडल और उनकी पत्नी गीता देवी पर हमला कर दिया। इस हमले में दंपति को सिर और शरीर के संवेदनशील हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं। चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के ग्रामीण दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे, तो हमलावर मौके से फरार हो गए।

अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल

घटना के तुरंत बाद घायलों को पीरपैंती रेफरल अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने तत्काल प्रभाव से घायलों का इलाज शुरू किया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने बताया, "घायलों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। प्राथमिक चिकित्सा के उपरांत उन्हें बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए तुरंत भागलपुर रेफर करना आवश्यक था।" एम्बुलेंस के माध्यम से दोनों को कड़ी निगरानी में भागलपुर भेजा गया है, जहाँ वे वर्तमान में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा

घटना की सूचना मिलते ही पीरपैंती थाना की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए बयान के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा:

संदिग्धों की पहचान: हमले में शामिल लोगों को चिह्नित किया जा रहा है।

छापेमारी: फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम गांव के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

शांति व्यवस्था: गोविंदपुर दियारा में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो।

दियारा क्षेत्र में बढ़ती अशांति

गोविंदपुर जैसे दियारा क्षेत्रों में अक्सर आपसी विवाद को सुलझाने के लिए प्रशासन की सक्रियता की कमी खलती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर ऐसे विवादों का समय रहते निपटारा किया जाए, तो इस तरह की हिंसक वारदातों को रोका जा सकता है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कानून अपने हाथ में न लें और किसी भी विवाद की सूचना तुरंत थाना को दें।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गांव के अन्य निवासियों ने बताया कि चंद्रदेव मंडल शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, और इस तरह के हमले ने पूरे गांव को सकते में डाल दिया है।

न्याय की आस में गांव

इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी चिंता जताई है। पुलिस का दावा है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस की निगरानी है और जांच की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सभी की नजरें अब इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण अंचल में बढ़ते आपसी वैमनस्य और हिंसा के प्रति समाज को सचेत करने के लिए मजबूर करती है। अब भागलपुर के मायागंज अस्पताल से आने वाली मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हमले की गंभीरता का पूर्ण आकलन हो पाएगा।