चुनाव प्रचार थमा, 48 घंटे का साइलेंट पीरियड लागू; नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 48 घंटे का साइलेंट पीरियड लागू हो गया है। अब मतदान संपन्न होने तक विधानसभा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की चुनावी सभा, रैली, रोड शो, प्रचार अभियान या मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइलेंट पीरियड के दौरान निर्वाचन आयोग के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने के स्थानों की विशेष जांच की जा रही है ताकि बाहरी लोग साइलेंट पीरियड के दौरान चुनाव को किसी भी तरह प्रभावित न कर सकें।
चुनाव प्रचार का हुआ समापन
कई दिनों तक चले जोरदार चुनाव प्रचार के बाद बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का प्रचार अभियान निर्धारित समय पर समाप्त हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनसुराज सहित सभी प्रमुख दलों के नेताओं और उम्मीदवारों ने अंतिम समय तक जनसभाएं, रोड शो, पदयात्राएं और घर-घर संपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से समर्थन मांगा।
अब चुनाव प्रचार थमने के साथ ही पूरा ध्यान 30 जुलाई को होने वाले मतदान पर केंद्रित हो गया है।
लागू हुआ 48 घंटे का साइलेंट पीरियड
प्रचार समाप्त होते ही निर्वाचन आयोग का अनिवार्य 48 घंटे का साइलेंट पीरियड प्रभावी हो गया। इस अवधि के दौरान कोई भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या समर्थक मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रचार-प्रसार नहीं कर सकेगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाताओं को शांत वातावरण में बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपने मत का निर्णय लेने का अवसर देना है।
बाहरी प्रचारकों को क्षेत्र छोड़ने के निर्देश
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि जो स्टार प्रचारक, चुनावी कार्यकर्ता या अन्य व्यक्ति बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें साइलेंट पीरियड के दौरान क्षेत्र छोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि केवल स्थानीय मतदाता और चुनाव ड्यूटी में अधिकृत अधिकारी एवं कर्मचारी ही निर्वाचन क्षेत्र में रह सकेंगे। प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों से निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
होटल, लॉज और गेस्ट हाउस की हो रही जांच
साइलेंट पीरियड का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने के स्थानों पर विशेष जांच अभियान शुरू किया है।
अधिकारी वहां ठहरे लोगों की पहचान का सत्यापन कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई बाहरी प्रचारक या चुनावी कार्यकर्ता नियमों का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र में मौजूद न हो।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई मतदाताओं को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को रोकने के उद्देश्य से की जा रही है।
नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
संयुक्त प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी और एसएसपी ने स्पष्ट किया कि साइलेंट पीरियड के दौरान चुनावी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बिना अनुमति सभा आयोजित करना, चुनाव प्रचार करना, मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास करना, प्रचार सामग्री बांटना या आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर चुनाव कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था की गई और मजबूत
मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत कर दी है। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, बिहार पुलिस, दंडाधिकारी, फ्लाइंग स्क्वॉड और स्टैटिक सर्विलांस टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदाताओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
तकनीक के जरिए भी होगी निगरानी
साइलेंट पीरियड के दौरान सीसीटीवी कैमरों, वीडियो सर्विलांस टीमों और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे विधानसभा क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि भ्रामक सूचना, भड़काऊ सामग्री या अवैध चुनाव प्रचार पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मतदाताओं से मतदान की अपील
निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मतदाता किसी भी प्रकार की अफवाह या लालच में आए बिना अपने विवेक से मतदान करें।
यदि किसी भी प्रकार की चुनावी अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन या चुनाव अधिकारियों को सूचित करें।
30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को मतगणना
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतों की गणना की जाएगी।
मतदान समाप्त होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा, जहां मतगणना तक चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी।
अंतिम चरण की तैयारियों में जुटा प्रशासन
चुनाव प्रचार समाप्त होने और साइलेंट पीरियड लागू होने के साथ ही जिला प्रशासन अंतिम चरण की तैयारियों में जुट गया है।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था, सतत निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से मतदाताओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
अब सभी की निगाहें 30 जुलाई को होने वाले मतदान पर हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि प्रत्येक मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग बिना किसी भय और दबाव के कर सकेगा।