प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पीएचसी नवगछिया में सराहनीय पहल; निक्षय मित्रों और चिकित्सकों ने छह टीबी रोगियों को बांटे पोषण आहार किट, स्वास्थ्य लाभ की कामना

भागलपुर, विशेष संवाददाता: देश को वर्ष 2025-26 तक त्पैदिक यानी टीबी (Tuberculosis) मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी राष्ट्रीय संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सिल्क सिटी भागलपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) नवगछिया में एक प्रेरणादायक और मानवीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में समाज के संवेदनशील नागरिकों और 'निक्षय मित्रों' के सहयोग से छह टीबी (क्षय) मरीजों को निःशुल्क पोषण आहार किट (Nutritional Support Kits) वितरित की गई। इस दौरान प्रख्यात चिकित्सक डॉ. बी. दास और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों (ANM) ने अपने हाथों से मरीजों को पौष्टिक सामग्रियां मुहैया कराईं और उन्हें इस बीमारी से लड़ने के लिए मानसिक संबल प्रदान किया।

क्या है प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान और 'निक्षय मित्र' पहल?

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित यह अभियान देश से टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है:

निक्षय मित्र बनने की अनूठी पहल: इस अभियान के तहत 'निक्षय मित्र' योजना एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके अंतर्गत सक्षम नागरिक, जनप्रतिनिधि, संगठन या चिकित्सक स्वेच्छा से टीबी रोगियों को गोद लेते हैं और उनके इलाज की अवधि के दौरान उन्हें नियमित रूप से पोषण युक्त आहार प्रदान करते हैं।

पोषण का महत्व: चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, टीबी के मरीजों के लिए दवाइयों के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाला पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी होता है। कुपोषण के शिकार या कमजोर शरीर वाले मरीजों पर टीबी की दवाइयां असर करने में कठिनाई होती है, इसलिए पोषण आहार किट उनके रिकवरी रेट को तेजी से बढ़ाती है।

पीएचसी नवगछिया में आयोजित कार्यक्रम का विवरण

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) नवगछिया में आयोजित इस वितरण समारोह का माहौल पूरी तरह सकारात्मक और उत्साहवर्धक था:

डॉ. बी. दास और एएनएम की सराहनीय उपस्थिति: कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के जाने-माने चिकित्सक डॉ. बी. दास, अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तथा अन्य समर्पित एएनएम व स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने हाथों से सभी छह चिन्हित टीबी रोगियों को दाल, चावल, चना, सोयाबीन, तेल, और मल्टीविटामिन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर किट सौंपी।

मरीजों की काउंसलिंग और हौसला अफजाई: किट वितरण के दौरान डॉक्टरों ने मरीजों और उनके परिजनों से विस्तार से बातचीत की। उन्होंने मरीजों को समझाया कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसकी दवाइयां नियमित रूप से समय पर ली जाएं। बीच में दवा छोड़ने से यह बीमारी और गंभीर रूप (MDR-TB) ले सकती है, इसलिए अनुशासन बेहद जरूरी है।

मरीजों और उनके परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

नवगछिया पीएचसी से पोषण आहार किट प्राप्त करने के बाद मरीजों और उनके स्वजनों में गहरी संतुष्टि और खुशी का भाव देखा गया:

शासन और प्रशासन का आभार: मरीजों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे अक्सर अपने खान-पान का सही से ख्याल नहीं रख पाते थे, जिससे कमजोरी और थकान बनी रहती थी। निक्षय मित्रों और स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिले इस पोषण आहार से उन्हें इस जंग को जीतने में बड़ी मदद मिलेगी।

सामाजिक सहभागिता का संदेश: इस प्रकार के आयोजनों से समाज में यह संदेश जाता है कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में जब सरकारी तंत्र के साथ-साथ आम लोग भी 'निक्षय मित्र' बनकर आगे आते हैं, तो किसी भी बड़े लक्ष्य को पाना आसान हो जाता है।

पीएचसी नवगछिया में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत निक्षय मित्रों द्वारा छह टीबी रोगियों को पोषण आहार किट वितरित किए जाने की यह पहल समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है। डॉ. बी. दास और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों के नेतृत्व में संपन्न हुआ यह कार्यक्रम इस बात को पुख्ता करता है कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें, तो भागलपुर जिला ही नहीं बल्कि पूरा देश जल्द ही टीबी के अभिशाप से पूरी तरह मुक्त हो सकता है। स्वस्थ और पोषित समाज के निर्माण की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।