श्रावणी मेले के दौरान सक्रिय हुए जाली नोट के सौदागर; सुल्तानगंज में स्थानीय दुकानदारों की सजगता से 500 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहा युवक गिरफ्तार

भागलपुर, विशेष संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान देश के कोने-कोने से आने वाले शिवभक्तों और कांवरियों की भीड़ का फायदा उठाने की फिराक में बैठे असामाजिक तत्वों और अपराधियों के मंसूबों पर पानी फिरना शुरू हो गया है। मेला क्षेत्र के सबसे संवेदनशील और मुख्य केंद्र सुल्तानगंज में सतर्क स्थानीय दुकानदारों और आम नागरिकों की सूझबूझ से एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। श्रावणी मेले की आड़ में बाजार में 500 रुपये का जाली नोट चलाने की कोशिश कर रहे एक युवक को स्थानीय लोगों ने रंगेहाथ धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद से मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है।

क्या है पूरी घटना? कैसे हुआ मामले का खुलासा?

श्रावणी मेले के इस पावन अवसर पर सुल्तानगंज के मुख्य बाजार और उत्तरवाहिनी गंगा तट के आसपास के इलाके पूरी तरह से गुलजार हैं। देश भर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं:

दुकानदार को हुआ शक: घटना के दिन आरोपी युवक बाजार की एक स्थानीय दुकान से पूजा-पाठ की कुछ सामग्रियां और खान-पान की वस्तुएं खरीद रहा था। खरीदारी के बाद उसने दुकानदार को भुगतान के रूप में 500 रुपये का एक नोट दिया। दुकानदार ने जब उस नोट को गौर से देखा और हाथों से टटोला, तो उसे उसकी बनावट, रंग और पेपर की क्वालिटी पर संदेह हुआ।

रंगेहाथ दबोचा गया युवक: दुकानदार ने जब अन्य व्यापारियों और आसपास मौजूद लोगों की मदद से उस नोट की बारीकी से जांच की, तो वह पूरी तरह से जाली (नकली) निकला। दुकानदार ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए शोर मचाया, जिसके बाद मौके पर मौजूद अन्य लोगों और दुकानदारों ने तत्परता दिखाते हुए भागने की कोशिश कर रहे उस युवक को मौके पर ही दबोच लिया।

पुलिस के हवाले किया गया आरोपी, पूछताछ जारी

घटना की सूचना मिलते ही मेला ड्यूटी में तैनात स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई:

गिरफ्तारी और बरामदगी: पुलिस ने भीड़ के चंगुल से आरोपी युवक को अपने कब्जे में लिया और उसके पास से वह 500 रुपये का जाली नोट तथा अन्य संदिग्ध सामग्रियां जब्त कर लीं। पुलिस उसे तुरंत थाने ले गई, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

रैकेट की तलाश: पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह युवक अकेला ही इस गोरखधंधे में लिप्त है या इसके पीछे किसी बड़े अंतरराज्यीय जाली नोट गिरोह (Counterfeit Currency Syndicate) का हाथ है। आरोपी के पास से और भी नकली नोट बरामद होने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी तलाशी ली जा रही है।

श्रावणी मेले की भीड़ का फायदा उठाने की साजिश

खुफिया और प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार, ऐसे मेलों और बड़े धार्मिक आयोजनों में अपराधियों द्वारा नकली नोटों को बाजार में खपाने का प्रयास अक्सर किया जाता है:

सावधानी ही बचाव: श्रावणी मेले के दौरान छोटे दुकानदारों, प्रसाद विक्रेताओं और होटल संचालकों के पास भारी भीड़ होती है, जिसका फायदा उठाकर ये शातिर अपराधी 500 और 200 रुपये के जाली नोट आसानी से चला देते हैं।

व्यापारियों की सजगता की सराहना: इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और व्यापार संघ ने दुकानदारों की उस सजगता की जमकर सराहना की है, जिसके कारण एक बड़ा शातिर अपराधी पकड़ा गया। प्रशासन ने सभी दुकानदारों से अपील की है कि मेले के दौरान लेन-देन करते समय नोटों की अच्छी तरह जांच-परख जरूर करें।

सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस मुस्तैद

इस घटना के बाद मेला क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने अपनी चौकसी और बढ़ा दी है:

सादे लिबास में पुलिस बल: संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बाजार और मेला परिसर में सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है ताकि इस तरह के किसी भी आपराधिक षड्यंत्र को समय रहते कुचला जा सके।

चेतावनी: प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मेले की आड़ में अवैध और असामाजिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुल्तानगंज में श्रावणी मेले के दौरान जाली नोट के साथ पकड़े गए युवक की यह घटना यह दर्शाती है कि कांवरियों और श्रद्धालुओं के इस महाकुंभ में अपराधियों की भी पैनी नजर है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों की सतर्कता ने यह साबित कर दिया कि यदि जनता जागरूक रहे, तो अपराधियों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो सकते। पुलिस अब इस मामले के मुख्य सरगना तक पहुंचने के लिए अपनी जांच का दायरा तेजी से बढ़ा रही है