विक्रमशिला बेली पुल को दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ तक चालू रखने की मांग पूर्व विधायक प्रत्याशी शैलेश कुमार समेत राजद नेताओं ने कहा- पुल बंद होने से गंगा पार के लोगों को होगी परेशानी

नवगछिया : नवगछिया के पूर्व विधायक प्रत्याशी शैलेश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अन्य नेताओं ने विक्रमशिला बेली पुल को आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ महापर्व तक चालू रखने की मांग की है। नेताओं का कहना है कि यह पुल गंगा के दोनों किनारों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है। पर्व-त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में पुल को बंद किए जाने से आम लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

राजद नेताओं ने कहा कि त्योहारों के दौरान भागलपुर और नवगछिया समेत आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के क्षेत्रों में आते-जाते हैं। कई परिवारों के रिश्तेदार गंगा के दूसरे किनारे रहते हैं। ऐसे समय में सीधा संपर्क मार्ग उपलब्ध रहने से लोगों को काफी सुविधा होती है। बेली पुल के बंद होने की स्थिति में लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे दूरी और यात्रा का समय दोनों बढ़ जाएंगे।

पर्व के दौरान बढ़ जाता है आवागमन

शैलेश कुमार ने कहा कि दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ बिहार के प्रमुख पर्व हैं। इन अवसरों पर बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ-साथ निजी वाहनों और सार्वजनिक परिवहन की संख्या भी बढ़ जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों से लोग खरीदारी, पूजा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए शहरों का रुख करते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि त्योहारों के ठीक पहले बेली पुल को बंद कर दिया जाता है तो लोगों को काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। इससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होगी। वहीं, वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या भी गंभीर हो सकती है।

गंगा के दोनों किनारों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क

राजद नेताओं ने कहा कि विक्रमशिला बेली पुल केवल एक पुल नहीं, बल्कि गंगा के दोनों किनारों के लोगों के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण साधन है। नवगछिया और भागलपुर क्षेत्र के लोगों के लिए इसका महत्व काफी अधिक है। पुल के माध्यम से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े लोगों का आवागमन आसान होता है।

उन्होंने कहा कि पुल के बंद होने से सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को होगी जिन्हें रोजाना किसी जरूरी काम से गंगा के दूसरे किनारे जाना पड़ता है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, विद्यार्थियों के आने-जाने और छोटे कारोबारियों के लिए भी परेशानी बढ़ सकती है।

छठ महापर्व में विशेष महत्व

नेताओं ने छठ महापर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों तक पहुंचते हैं। परिवार के लोग दूर-दराज से अपने घर लौटते हैं। ऐसे में आवागमन के प्रमुख मार्ग को चालू रखना बेहद जरूरी है।

उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की कि पुल की स्थिति की नियमित जांच कराई जाए और यदि तकनीकी रूप से संभव हो तो इसे पर्वों तक चालू रखा जाए। सुरक्षा से समझौता किए बिना यातायात को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जा सकती है।

सरकार और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

राजद नेताओं ने सरकार और जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुल को लेकर यदि कोई तकनीकी या संरचनात्मक समस्या है तो उसका समाधान जल्द किया जाना चाहिए। साथ ही पुल की मरम्मत और रखरखाव के कार्य को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

नेताओं ने कहा कि त्योहारों के दौरान आम लोगों को परेशानी से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की योजना तैयार की जानी चाहिए।