डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण समिति की बैठक संपन्न; प्रतिमा के सौंदर्यीकरण और सामाजिक एकता पर जोर
जगदीशपुर (भागलपुर): बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से जगदीशपुर में ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व सांसद भूदेव चौधरी ने की। बैठक में मुख्य रूप से डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के सौंदर्यीकरण और परिसर के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य एजेंडा: प्रतिमा का सौंदर्यीकरण
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जगदीशपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का रखरखाव और उसका सौंदर्यीकरण था। समिति के सदस्यों ने एकमत से इस बात पर जोर दिया कि बाबा साहेब की प्रतिमा न केवल एक प्रतीक है, बल्कि वह प्रेरणा का एक जीवंत स्रोत भी है।
पूर्व सांसद भूदेव चौधरी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, "डॉ. आंबेडकर केवल एक जाति या वर्ग के नेता नहीं थे, बल्कि वे आधुनिक भारत के निर्माता और संविधान के शिल्पी थे। उनकी प्रतिमा का रखरखाव करना और उसे एक गरिमामयी स्वरूप देना हमारा नैतिक कर्तव्य है।"
बैठक में सौंदर्यीकरण के तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:
परिसर का विकास: प्रतिमा के आसपास के क्षेत्र में बेहतर लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई की नियमित देखरेख।
पुष्प वाटिका और संरक्षण: प्रतिमा के चारों ओर सौंदर्यीकरण के लिए पुष्प वाटिका का निर्माण और सुरक्षा के लिए घेराबंदी को मजबूत करना।
स्मृति दिवस का आयोजन: समिति ने निर्णय लिया कि भविष्य में बाबा साहेब से जुड़े प्रमुख अवसरों पर यहाँ भव्य आयोजन किए जाएंगे ताकि युवा पीढ़ी उनके विचारों से जुड़ सके।
सामाजिक एकता और शिक्षा पर संवाद
बैठक में केवल प्रतिमा के सौंदर्यीकरण पर ही नहीं, बल्कि बाबा साहेब के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मूल मंत्र पर भी गहन चर्चा हुई। विभिन्न नेताओं और प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि दलितों, पिछड़ों और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए शिक्षा ही एकमात्र हथियार है।
पूर्व सांसद भूदेव चौधरी ने कहा कि हमें ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में भाईचारे और समरसता का संदेश फैलाना चाहिए। बैठक में शामिल स्थानीय नेताओं ने भी अपने सुझाव दिए कि किस तरह इस समिति के माध्यम से गरीब छात्रों की शिक्षा में मदद की जा सकती है और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा सकता है।
नेताओं और प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
इस बैठक में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और समिति के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे पूरी निष्ठा के साथ प्रतिमा के सौंदर्यीकरण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराएंगे।
समिति के अन्य सदस्यों ने बताया कि इसके लिए वे स्थानीय प्रशासन और नगर पंचायत प्रतिनिधियों से भी सहयोग लेंगे ताकि इस कार्य को एक अभियान के रूप में चलाया जा सके। स्थानीय युवाओं ने भी इस पहल का स्वागत किया और प्रतिमा स्थल पर नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया।
जगदीशपुर में आयोजित यह बैठक न केवल एक विकासात्मक पहल है, बल्कि यह बाबा साहेब के प्रति क्षेत्र के लोगों की कृतज्ञता को भी दर्शाती है। भूदेव चौधरी ने बैठक के अंत में सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह बैठक इस बात का भी प्रमाण है कि जब समाज के जागरूक नागरिक एक साथ आते हैं, तो वे अपनी विरासतों और महापुरुषों के सम्मान को अक्षुण्ण रखने के लिए सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। आने वाले समय में जगदीशपुर का यह आंबेडकर परिसर एक व्यवस्थित और आकर्षक स्थल के रूप में विकसित होगा, जो न केवल बाबा साहेब के अनुयायियों को बल्कि आम लोगों को भी आकर्षित करेगा।