खेत में पटवन के दौरान बरपा बिजली का कहर; करंट लगने से 20 वर्षीय युवक गंभीर, अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग जारी
शिवनारायणपुर/भागलपुर: भागलपुर जिले के शिवनारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकलूगंज गांव में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खेती-बारी के काम में जुटे एक 20 वर्षीय युवक अमित कुमार को खेत की सिंचाई (पटवन) के दौरान बिजली का जोरदार झटका लगा। करंट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि युवक वहीं अचेत होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में एनटीपीसी अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे भागलपुर रेफर कर दिया गया।
खेत में कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अमित सुबह के समय अपने खेत में पंपसेट (मोटर) के माध्यम से फसल की सिंचाई कर रहा था। काम के दौरान किसी तरह बिजली का नंगा तार या पंपसेट का लिकेज तार उसके संपर्क में आ गया। जैसे ही युवक ने मोटर या तार को छूने की कोशिश की, उसे तेज बिजली का झटका लगा। आसपास काम कर रहे ग्रामीणों ने जब अमित की चीख सुनी और उसे झटके से गिरते देखा, तो वे तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे।
गांव वालों ने हिम्मत दिखाते हुए बिजली का कनेक्शन काटा और उसे लकड़ी के सहारे तार से अलग किया। इस दौरान अमित की हालत काफी गंभीर हो चुकी थी।
एनटीपीसी अस्पताल में प्राथमिक उपचार और रेफर
घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए स्थानीय एनटीपीसी जीवन ज्योति अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसे प्राथमिक उपचार (Emergency Aid) प्रदान किया। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, करंट लगने के कारण युवक का शरीर बुरी तरह झुलस गया था और उसका हृदय तथा श्वसन तंत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
डॉक्टरों ने कहा कि अमित की स्थिति नाजुक है, इसलिए उसे बेहतर इलाज और एडवांस मेडिकल केयर के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) के लिए रेफर कर दिया गया है।
परिजन सदमे में, क्षेत्र में शोक की लहर
अमित के साथ हुई इस दुर्घटना की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। घर के इकलौते या युवा चिराग के इस तरह दुर्घटना का शिकार होने से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और उसकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अमित एक मेहनती लड़का था और अपने परिवार के साथ खेती के कार्यों में हाथ बंटाता था।
खेती में बढ़ते बिजली हादसे: एक बड़ा सवाल
टिकलूगंज की यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के दौरान होने वाले बिजली हादसों की ओर एक बार फिर इशारा करती है। भागलपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में अक्सर लोग बिना उचित सुरक्षा मानकों के मोटर और बिजली के नंगे तारों का उपयोग करते हैं।
सुरक्षा का अभाव: खेतों में बिछाई गई बिजली की तारें अक्सर जर्जर होती हैं और बारिश के मौसम में लिकेज का खतरा बढ़ जाता है।
सावधानी की कमी: सिंचाई के दौरान अक्सर लोग नंगे पैर काम करते हैं या गीले हाथों से बिजली उपकरणों को छूते हैं, जो जानलेवा साबित होता है।
प्रशासन और विभाग की जिम्मेदारी
स्थानीय ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि खेतों में बिछाई गई बिजली की लाइनों की जांच की जाए और जर्जर तारों को बदला जाए। साथ ही, कृषि कार्य में लगे लोगों को बिजली से बचाव के तरीके सिखाने के लिए जागरूकता शिविर लगाने की भी आवश्यकता है।
अमित कुमार का इलाज कर रहे विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली के झटके से होने वाली चोटें आंतरिक अंगों को भी नुकसान पहुँचाती हैं, इसलिए अगले 48 घंटे उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पूरा गांव अमित के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।
टिकलूगंज गांव की यह घटना एक चेतावनी है। कृषि कार्य करते समय बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना ही जीवन रक्षा का एकमात्र उपाय है। जब तक अमित पूरी तरह स्वस्थ होकर घर नहीं लौटता, तब तक उसके परिजनों और शुभचिंतकों की सांसे अटकी हुई हैं। यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए संकट है, बल्कि पूरे समाज के लिए बिजली से जुड़ी सावधानियों को गंभीरता से लेने का एक सबक भी है।