प्राचीन शनिदेव मंदिर में दो दिवसीय भव्य शनिदेव जयंती महोत्सव की तैयारियां जोरों पर; 151 किलो सरसों तेल से होगा विशेष अभिषेक, निकलेगी महिलाओं की कलश यात्रा और 12 अगस्त को सजेगा भंडारा
भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: बिहार के भागलपुर शहर में धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है। शहर के ऐतिहासिक और प्राचीन शनिदेव मंदिरों में भगवान शनिदेव की जयंती को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आगामी 11 अगस्त को विधि-विधान औरार पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ शनिदेव जयंती महोत्सव का भव्य शुभारंभ होगा। इस दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान भगवान शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए 151 किलो सरसों के तेल से उनका विशेष अभिषेक किया जाएगा, वहीं इस अवसर पर निकलने वाली महिलाओं की भव्य कलश व पालकी यात्रा तथा अगले दिन यानी 12 अगस्त को आयोजित होने वाले विशाल भंडारे को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।
11 अगस्त को होगा 151 किलो सरसों तेल से भव्य अभिषेक
आयोजन समिति और मंदिर के पुजारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार के जन्मोत्सव को बेहद खास और ऐतिहासिक बनाया जा रहा है:
सुबह-सवेरे होगा अनुष्ठान: महोत्सव के पहले दिन यानी 11 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे भगवान शनिदेव का विशेष अभिषेक किया जाएगा। न्याय के देवता माने जाने वाले शनिदेव को समर्पित इस अनुष्ठान में कुल 151 किलो शुद्ध सरसों के तेल का उपयोग किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की उमड़ेगी भीड़: इस दुर्लभ और पवित्र अभिषेक के दौरान बड़ी संख्या में शहर और आसपास के जिलों से शिव-शशनि भक्त पहुंचेंगे। तेल अभिषेक के बाद मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
निकलेगी भव्य पालकी और 151 महिलाओं की कलश यात्रा
इस दो दिवसीय महोत्सव का एक अन्य मुख्य आकर्षण शहर में निकाली जाने वाली भव्य शोभायात्रा और कलश यात्रा होगी:
फूलों से सजी चरण पादुका की पालकी यात्रा: भगवान शनिदेव की पावन चरण पादुका को मनमोहक फूलों से सजाकर एक भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों जैसे कोतवाली चौक, वैरायटी चौक और स्टेशन चौक सहित विभिन्न हिस्सों से गुजरेगी।
151 महिलाओं की सहभागिता: इस धार्मिक यात्रा में अनुशासन और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा, जहां सिर पर कलश धारण किए 151 महिलाएं शामिल होंगी। यह शोभायात्रा निर्धारित समयानुसार गोशाला परिसर से आरंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। यात्रा के दौरान गूंजते 'जय शनिदेव' के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान हो जाएगा।
12 अगस्त को होगा विशाल भंडारा और रात्रि जागरण
जयंती महोत्सव के दूसरे दिन यानी 12 अगस्त को धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए बड़े स्तर पर सार्वजनिक आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है:
विशाल भंडारे का आयोजन: मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि 12 अगस्त की शाम लगभग 7:30 बजे से देवी बाबू धर्मशाला या निर्धारित प्रांगण में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर महाप्रसाद ग्रहण करेंगे।
भक्तिमय रात्रि जागरण: भंडारे के साथ-साथ मंदिर परिसर में भव्य रात्रि जागरण का भी आयोजन किया गया है। इस सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संध्या में प्रसिद्ध गायक और भजन मंडलियों द्वारा एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिसमें श्रद्धालु पूरी रात भक्ति गीतों का आनंद ले सकेंगे।
तैयारियों में जुटे सेवादार और आयोजन समिति
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए मंदिर के मुख्य पुजारियों, सेवकों और स्थानीय नागरिकों ने कमर कस ली है:
समिति के प्रमुख सदस्य: इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान के संचालन में संजय शर्मा, प्रकाश शर्मा, सत्यनारायण शाह, केसरवानी समाज के अध्यक्ष राकेश रंजन केसरी, संजय जायसवाल, राकेश भगत, कैलाश सिंह, शंभु मंडल, शंकर मंडल, दीपक सानंद, गणेश शर्मा, संजीव ठाकुर, सुरेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरुष वालंटियर और भक्तगण पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं।
प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था: भारी भीड़ के मद्देनजर यातायात नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि उत्सव में शामिल होने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
भागलपुर में 11 और 12 अगस्त को आयोजित होने वाला यह शनिदेव जयंती महोत्सव अपनी भव्यता, 151 किलो तेल से होने वाले ऐतिहासिक अभिषेक और अनुष्ठानों के कारण शहरवासियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को प्रगाढ़ करता है, बल्कि आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूती प्रदान करता है।