अज्ञात वाहन की टक्कर से टूटा आधा हिस्सा; सड़क पर बिखरा मलबा दे रहा हादसों को खुला निमंत्रण
भागलपुर: स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रहे भागलपुर शहर की प्रशासनिक उदासीनता और लचर ट्रैफिक व्यवस्था का एक और चिंताजनक मामला सामने आया है। शहर के सबसे अति-व्यस्त और प्रमुख चौराहों में शुमार नगर निगम चौक के पास सड़क के बीचों-बीच बना रोड डिवाइडर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थानीय दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा किसी भारी और तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की जोरदार टक्कर के कारण हुआ है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस घटना को कई दिन बीत जाने और सोमवार तक भी इसकी मरम्मत न किए जाने के कारण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। इतना ही नहीं, टक्कर के बाद डिवाइडर का कंक्रीट और मलबा अभी भी सड़क पर बिखरा पड़ा है, जो वाहन चालकों के लिए बड़े खतरे का सबब बन गया है।
कैसे हुआ हादसा? दुकानदारों की जुबानी
नगर निगम चौक के आसपास व्यापार करने वाले स्थानीय दुकानदारों ने दुर्घटना के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है:
अज्ञात वाहन का कहर: दुकानदारों का कहना है कि बीती रातों में किसी अनियंत्रित तेज रफ्तार भारी वाहन ने डिवाइडर में जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि डिवाइडर का कंक्रीट, ईंटें और सीमेंटेड ढांचा चकनाचूर होकर सड़क पर बिखर गया।
सोमवार तक नहीं हुई मरम्मत: स्थानीय लोगों का रोष इस बात पर है कि घटना के बाद से कई दिन गुजर चुके हैं और सोमवार का पूरा दिन बीत जाने के बावजूद नगर निगम या सड़क रखरखाव से जुड़ी किसी भी एजेंसी ने सुधि नहीं ली।
बिखरा मलबा बढ़ा रहा खतरा: डिवाइडर के टूटने के बाद उसका मलबा और पत्थर के टुकड़े अभी भी सड़क के मुख्य हिस्से पर ही बिखरे हुए हैं, जिससे गुजरने वाले वाहनों के टायरों के फिसलने का खतरा बना रहता है।
यातायात के लिए बना ‘मौत का जाल’, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना
नगर निगम चौक एक ऐसा चौराहा है जहाँ दिन-रात हजारों वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में यहाँ बरती जा रही यह लापरवाही कभी भी किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकती है:
वाहन चालकों को नहीं दिखता क्षतिग्रस्त हिस्सा: रात के वक्त जब इस मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था अपर्याप्त होती है, तब दोपहिया वाहन चालकों (बाइक्स और स्कूटी) को यह टूटा हुआ और बिना मार्किंग वाला डिवाइडर बिल्कुल दिखाई नहीं देता।
अचानक ब्रेक लगाने से हादसे की आशंका: तेज रफ्तार कार या बाइक चालक जब अचानक इस टूटे हुए डिवाइडर और सड़क पर बिखरे मलबे को देखते हैं, तो वे अचानक ब्रेक लगाते हैं, जिससे पीछे से आ रहे अन्य वाहनों के आपस में टकराने (पाइल-अप) की पूरी संभावना बनी रहती है।
पैदल राहगीरों और बुजुर्गों की परेशानी: सड़क पार करने वाले आम नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी इस जर्जर और मलबे से भरे क्षेत्र से गुजरना जोखिम भरा हो गया है।
नगर निगम प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
भागलपुर नगर निगम कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर स्थित इस प्रमुख चौक पर इस प्रकार की बदहाली प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है:
जिम्मेदारों की अनदेखी: हर रोज इसी मार्ग से होकर प्रशासनिक अधिकारियों और शहर के जनप्रतिनिधियों का आना-जाना होता है, इसके बावजूद उनकी नजर इस टूटे हुए डिवाइडर और मलबे पर क्यों नहीं पड़ी?
मेंटेनेंस सेल की सुस्ती: शहर की सड़कों, डिवाइडर और ट्रैफिक सेफ्टी का ध्यान रखने के लिए बनी समितियाँ और मेंटेनेंस टीमें क्या कर रही हैं? जनता के टैक्स के पैसों से चलने वाले महकमे की ऐसी लापरवाही किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है।
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों की त्वरित कार्रवाई की मांग
नगर निगम चौक के दुकानदारों और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए सख्त कदम उठाने की मांग की है:
युद्धस्तर पर हो डिवाइडर की मरम्मत: नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम तुरंत अपनी टीमों को भेजकर क्षतिग्रस्त डिवाइडर की पक्की कंक्रीट से मरम्मत कराए और सड़क पर फैले मलबे को साफ करवाए।
रेडियम रिफ्लेक्टर और बैरिकेडिंग की व्यवस्था: जब तक स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक उस स्थान पर प्लास्टिक के बैरिकेड्स, चेतावनी बोर्ड और रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जाएं ताकि रात के समय आने-जाने वाले वाहन चालकों को दूर से ही खतरे का अहसास हो सके।
भागलपुर नगर निगम चौक पर सड़क डिवाइडर के क्षतिग्रस्त होने, सोमवार तक मरम्मत न किए जाने और सड़क पर मलबा बिखरे रहने की यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही का जीवंत उदाहरण है। शहर के एक अति-महत्वपूर्ण और व्यस्त चौराहे पर इस तरह के खुले खतरे को नजरअंदाज करना आम जनता की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। यदि प्रशासन ने इस पर जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो यहाँ कभी भी एक गंभीर सड़क दुर्घटना घट सकती है, जिसकी पूरी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की होगी।