भवानीपुर प्रखंड में जिलाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित: आवास योजना और विकास कार्यों में शिथिलता बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी, अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

बिहार के पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड से प्रशासनिक कसावट और विकास कार्यों की समीक्षा से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। जिलाधिकारी (DM) अंशुल कुमार की अध्यक्षता में भवानीपुर प्रखंड मुख्यालय सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य एजेंडा ग्रामीण विकास योजनाओं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, और अन्य जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का जायजा लेना था।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के कार्यों की एक-एक फाइल खंगाली और कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई। डीएम अंशुल कुमार ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं के लाभ से किसी भी जरूरतमंद को वंचित नहीं किया जाना चाहिए और सभी लंबित योजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद से प्रखंड और अंचल कार्यालयों के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला? (समीक्षा बैठक की रूपरेखा और मुख्य बिंदु)

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी अंशुल कुमार अपने प्रशासनिक दौर के तहत भवानीपुर प्रखंड पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायत जनप्रतिनिधियों और प्रखंड स्तरीय कमेटियों के साथ एक लंबी मैराथन बैठक की।

आवास योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी: बैठक की शुरुआत में ही जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अब तक पूरे हुए और अधूरे पड़े मकानों की समीक्षा की। जिन पंचायतों में आवास निर्माण की गति धीमी पाई गई, वहाँ के प्रभारियों से कड़ा स्पष्टीकरण तलब किया गया।

लक्ष्य और गुणवत्ता पर जोर: डीएम ने निर्देश दिया कि जिन लाभुकों को पहली या दूसरी किस्त जारी हो चुकी है, वे हर हाल में अपना निर्माण कार्य पूरा करें। कार्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनिमत्ता या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सरकारी जमीन और अतिक्रमण की समीक्षा: बैठक में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण हटाने को लेकर भी अंचल अधिकारी (CO) को विशेष निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि जनहित के कार्यों और योजनाओं के लिए भूमि की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

जिलाधिकारी अंशुल कुमार के कड़े निर्देश और चेतावनी

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी दी कि जनता के विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही सहन नहीं की जाएगी।

कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता: डीएम ने कहा कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचे। इसलिए सभी अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं और फाइलों को लटकाने की बजाय उनका त्वरित निष्पादन करें।

लापरवाह कर्मियों पर गाज: बैठक में अनुपस्थित रहने वाले या अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन पाए जाने वाले कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) करने का निर्देश संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को दिया गया।

जनशिकायतों का त्वरित निपटारा: जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों द्वारा दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने और जनता दरबार के माध्यम से समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने पर बल दिया।

स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में भवानीपुर प्रखंड के सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO), चिकित्सा प्रभारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचल अधिकारी (CO) और विभिन्न पंचायतों के पंचायत सेवक व आवास सहायक उपस्थित रहे।

अधिकारियों की सफाई और प्रतिबद्धता: बैठक में मौजूद अधिकारियों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट रखी और आश्वासन दिया कि दिए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए आगामी कुछ हफ्तों में सभी लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।

विकास कार्यों में तेजी की उम्मीद: स्थानीय प्रबुद्धजनों का मानना है कि जिला मुखिया (DM) के इस प्रकार के औचक दौरों और समीक्षा बैठकों से प्रशासनिक अमले पर दबाव बनता है, जिससे जमीनी स्तर पर विकास योजनाओं की रफ्तार में तेजी आती है।

भवानीपुर प्रखंड मुख्यालय में जिलाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित यह समीक्षा बैठक प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक ठोस कदम है। आवास योजनाओं और अन्य विकास कार्यों की मॉनिटरिंग जिस सख्ती के साथ जिलाधिकारी ने की है, उससे यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब किसी भी प्रकार की सुस्ती के मूड में नहीं है। यदि इन निर्देशों का पालन धरातल पर पूरी ईमानदारी से हुआ, तो भवानीपुर प्रखंड के विकास को एक नई गति मिलेगी और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।