तेज रफ्तार बाइक ने तीन साल के मासूम आयुष को मारी जोरदार टक्कर, गंभीर रूप से घायल; सीएचसी से मायागंज रेफर, परिवार में मचा कोहराम
सुल्तानगंज/भागलपुर (विशेष संवाददाता): शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अनियंत्रित और तेज रफ्तार वाहनों का कहर किस कदर आम जनता की जान पर भारी पड़ रहा है, इसकी एक और दिल दहला देने वाली घटना सुल्तानगंज क्षेत्र से सामने आई है। सुल्तानगंज में घर के बाहर खेल रहे तीन साल के मासूम बच्चे आयुष कुमार को एक तेज रफ्तार बाइक चालक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में मासूम आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और रोते-बिलखते परिजन आनन-फानन में बच्चे को लेकर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज अस्पताल) रेफर कर दिया है। इस घटना के बाद से पूरे परिवार में मातम और रोष का माहौल है।
कैसे घटी यह दुर्घटना?
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब मासूम आयुष अपने घर के पास खेल रहा था:
अचानक आई तेज रफ्तार बाइक: सुल्तानगंज के स्थानीय मार्ग पर एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल चालक बेहद तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। सड़क किनारे खेल रहे मासूम को बाइक चालक संभल नहीं पाया और उसने सीधे बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया।
सड़क पर पसरा सन्नाटा और चीख-पुकार: टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्चा दूर जा गिरा और बुरी तरह जख्मी हो गया। घटना के बाद चालक मौके से बाइक समेत फरार होने में कामयाब रहा, जबकि मासूम के खून से लथपथ शरीर को देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC सुल्तानगंज) में अफरा-तफरी
हादसे के तुरंत बाद परिजनों ने बिना एक पल गंवाए लहूलुहान अवस्था में आयुष को सुल्तानगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया:
चिकित्सकों की त्वरित कार्रवाई: अस्पताल पहुंचते ही ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने आपातकालीन कक्ष (Emergency Ward) में बच्चे का प्राथमिक इलाज शुरू किया।
गंभीर स्थिति और मायागंज रेफर: डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे के सिर और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMC) रेफर कर दिया। एम्बुलेंस की मदद से परिजनों के साथ बच्चे को मायागंज रवाना किया गया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर बढ़ा आक्रोश
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और राहगीरों में बाइक चालकों की बेलगाम रफ्तार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा फूट पड़ा है:
स्थानीय लोगों की चेतावनी: लोगों का कहना है कि सुल्तानगंज के शहरी और ग्रामीण इलाकों में आजकल कम उम्र के लड़के और बाइक चालक बिना किसी डर के तेज रफ्तार से गाड़ियां दौड़ाते हैं। इस वजह से अक्सर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सड़क हादसे हो रहे हैं।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग: स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और शहर के व्यस्त चौराहों व कॉलोनियों के पास स्पीड ब्रेकर (Speed Breaker) लगवाए जाएं ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम की जान खतरे में न पड़े।
सुल्तानगंज में तीन वर्षीय आयुष कुमार के साथ हुआ यह हादसा हर संवेदनशील इंसान का दिल दहला देने के लिए काफी है। लापरवाही से चलाई गई एक बाइक ने न केवल एक मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में धकेल दिया है। मायागंज अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे मासूम आयुष के ठीक होने की दुआ हर कोई कर रहा है। यह घटना समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि यातायात के नियमों की अनदेखी और रफ्तार का यह दानव अब हमारे घरों के आंगन तक पहुंच चुका है, जिस पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है।