विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़; पूर्णिया-भागलपुर रूट पर बढ़ेंगी बसें, नवगछिया के नए बस स्टैंड से होगा बसों का परिचालन
भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में देवघर जाने वाले शिव भक्तों और आम यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी गई है। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत के साथ ही भागलपुर तथा इसके पड़ोसी जिलों में श्रद्धालुओं और यात्रियों की आवाजाही में अचानक भारी इजाफा दर्ज किया गया है। यात्रियों की इस अतिरिक्त भीड़ और यातायात के दबाव को सुचारू रूप से संभालने के लिए प्रशासन और परिवहन विभाग ने पूर्णिया से भागलपुर रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया है, ताकि सफर करने वाले आम नागरिकों और कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
क्यों पड़ी पूर्णिया-भागलपुर रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने की जरूरत?
श्रावण मास के दौरान उत्तरवाहिनी गंगा सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर और बासुकिनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के कारण पूरे अंग क्षेत्र में यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
यात्रियों की अतिरिक्त भीड़: भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार और सीमांचल के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आम लोग भागलपुर के रास्ते आवाजाही करते हैं। सामान्य दिनों की तुलना में मेले के दौरान इस रूट पर यात्रियों का 'फुटफाल' अत्यधिक बढ़ जाता है।
यातायात का बढ़ता दबाव: श्रावणी मेले के अवसर पर सड़क मार्ग पर निजी और सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही में हुई वृद्धि के कारण पुराने रूटों पर क्षमता से अधिक बोझ पड़ रहा है, जिससे यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन अनिवार्य हो गया था।
विक्रमशिला सेतु और रूट की तकनीकी समस्याएं
पूर्णिया-भागलपुर मार्ग पर परिचालन को लेकर लंबे समय से कुछ व्यावहारिक दिक्कतें बनी हुई थीं, जिन्हें दूर करने के लिए प्रशासन ने अब कड़े कदम उठाए हैं:
परबत्ता और जाह्नवी चौक के पास की स्थिति: वर्तमान में विक्रमशिला सेतु के ऊपर से भारी यात्री बसों के नियमित आवागमन पर प्रतिबंध व अन्य तकनीकी कारणों से बस ऑपरेटर (सरकारी और गैर-सरकारी दोनों) अपनी बसों को परबत्ता के समीप एक निजी पेट्रोल पंप या जाह्नवी चौक के पास खड़ा करते थे।
सड़क किनारे पार्किंग से लगती थी जाम: इन अस्थायी और अनियोजित जगहों पर बसों के खड़े होने के कारण सड़क पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती थी। यात्रियों को गाड़ी पकड़ने में भारी परेशानी होती थी और सड़क किनारे दोनों तरफ बसें खड़ी रहने से हर वक्त सड़क दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता था। इसके अलावा वहां यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव था।
नवगछिया के प्रस्तावित बस स्टैंड से होगा बसों का संचालन
यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है:
नया आदेश प्रभावी: प्रशासनिक और परिवहन अधिकारियों (एमवीआई) की उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह तय किया गया है कि पूर्णिया-भागलपुर रूट की सभी सरकारी और गैर-सरकारी बसों का संचालन अब नवगछिया स्थित प्रस्तावित/सरकारी बस स्टैंड से ही किया जाएगा।
सख्ती से पालन के निर्देश: परिवहन विभाग द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि सड़क पर अनियोजित ढंग से बसें खड़ी करने वालों पर नकेल कसी जाएगी और इस व्यवस्था का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा, ताकि यात्रियों को सुगम यात्रा का लाभ मिल सके।
श्रावणी मेले को लेकर अन्य प्रशासनिक तैयारियां
मेले के दौरान यात्रियों और शिवभक्तों की सुगमता के लिए प्रशासन ने कई अन्य मोर्चों पर भी विशेष इंतजाम किए हैं:
विशेष रूट मैप और ट्रैफिक प्लान: राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और मुख्य मार्गों पर जाम से निपटने के लिए एनएचएआई (NHAI) और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मिलकर एक विशेष रोड मैप तैयार किया है। भारी वाहनों और यात्री बसों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
यात्री सुविधाओं का विस्तार: भागलपुर, बांका और मुंगेर क्षेत्र में टेंट सिटी, पेयजल, रोशनी और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले कांवरियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
श्रावणी मेले के पावन अवसर पर पूर्णिया-भागलपुर रूट पर बसों की संख्या में बढ़ोतरी और नवगछिया के व्यवस्थित बस स्टैंड से बसों के संचालन का निर्णय यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है। प्रशासन के इस कदम से न केवल मेला क्षेत्र में लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि श्रद्धालुओं और आम यात्रियों का सफर भी सुरक्षित और आरामदायक बन सकेगा।