ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय: PAT-2024 को निरस्त करने के निर्णय के खिलाफ फूटा गुस्सा, शोधार्थियों ने बताया अन्यायपूर्ण
दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में राजभवन के निर्देश पर पीएचडी एडमिशन टेस्ट (PAT-2024) को रद्द किए जाने का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर स्थित केंद्रीय पुस्तकालय के पास बाबा नागार्जुन स्मारक के समीप PAT-2024 के अभ्यर्थियों और छात्र प्रतिनिधियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजभवन और विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त किया गया।
शोधार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़: वक्ता
बैठक को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं और वक्ताओं ने कहा कि पैट-2024 की प्रवेश परीक्षा, उसका परिणाम प्रकाशन और पूरी प्रक्रिया यूजीसी रेगुलेशन के तहत नियमों का पालन करते हुए संचालित की गई थी। बावजूद इसके अचानक इसे निरस्त किया जाना सैकड़ों शोधार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के साथ सीधा अन्याय है।
वक्ताओं ने मुख्य रूप से निम्नलिखित चिंताएं व्यक्त कीं:
अनिश्चितता में छात्रों का भविष्य: परीक्षा पास करने के बाद अचानक चयन प्रक्रिया को बीच में रोकना पूरी तरह अनुचित है, जिससे लगभग 831 सफल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
नेट (NET) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों पर संकट: विशेषकर वर्ष 2024 में नेट उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की पात्रता अवधि सीमित होती है। ऐसे में बार-बार प्रक्रिया रद्द होने से वे सीधे तौर पर नामांकन की दौड़ से बाहर हो सकते हैं।
मेहनत और समय की बर्बादी: अभ्यर्थियों ने पूरी वैधानिक प्रक्रिया और कड़ी मेहनत से परीक्षा पास की है, ऐसे में अंतिम चरण में आकर प्रक्रिया को रद्द करना उनकी मेहनत का अपमान है।
शांतिपूर्ण आंदोलन और धरने का ऐलान
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि छात्र इस तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। अपनी मांगों के समर्थन में 21 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार धरना दिया जाएगा तथा राज्यपाल सह कुलाधिपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रमुख मांगें
PAT-2024 तत्काल बहाल हो: पूर्व में प्रकाशित परिणामों और नियमों के आधार पर बिना किसी विलंब के साक्षात्कार (Interview) आयोजित कर पीएचडी नामांकन प्रक्रिया शुरू की जाए।
निरस्तीकरण का आदेश वापस हो: राजभवन और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रहित को ध्यान में रखते हुए इस तुगलकी आदेश को तुरंत वापस लें।