शहर को जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम; कृष्णगढ़ चौक से बाजार की ओर चारपहिया और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित, अब फोरलेन से होकर गुजरेंगी बड़ी गाड़ियां
भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर में आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने एक अत्यंत कठोर और दूरदर्शी निर्णय लिया है। बढ़ती आबादी, वाहनों के बेकाबू दबाव और मुख्य बाजारों में दिनभर लगने वाली गाड़ियों की लंबी कतारों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक नया रूट चार्ट लागू किया है। इसके तहत अब कृष्णगढ़ चौक से बाजार की ओर सभी प्रकार के भारी वाहनों और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अब सभी बड़ी गाड़ियां और मालवाहक वाहन शहर के बीचों-बीच गुजरने के बजाय नवनिर्मित फोरलेन (बायपास) से होकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे।
क्यों पड़ी इस सख्त ट्रैफिक नियम की आवश्यकता?
भागलपुर का मुख्य बाजार क्षेत्र (जैसे कोतवाली चौक, मानिक सरकार, खलीफाबाग चौक और आसपास के इलाके) व्यवसायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। पिछले कुछ वर्षों में इन संकरे रास्तों पर यातायात का दबाव इस हद तक बढ़ गया था कि हर घंटे जाम लगना आम बात हो गई थी:
पैदल चलना भी हुआ मुहाल: मुख्य बाजारों की सड़कों पर जहां एक ओर खरीदारों की भारी भीड़ होती है, वहीं दूसरी ओर बेतरतीब ढंग से घुसने वाले चारपहिया वाहन और मालवाहक ट्रक स्थिति को और बदतर बना देते थे। स्थिति यह हो गई थी कि आपातकालीन एम्बुलेंस और स्कूल बसों को भी घंटों जाम में फंसना पड़ता था।
व्यापारियों और आम नागरिकों की शिकायतें: स्थानीय दुकानदारों, खरीदारों और आम नागरिकों ने लगातार प्रशासन से गुहार लगाई थी कि जब तक शहर के भीतर भारी और व्यावसायिक वाहनों की इंट्री पर लगाम नहीं लगाई जाएगी, तब तक भागलपुर को जाम की समस्या से मुक्ति नहीं मिल सकती। जनता की इन्हीं गंभीर समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
नया ट्रैफिक प्लान: क्या बदला है और क्या रहेगा प्रतिबंध?
यातायात विभाग द्वारा जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार, वाहनों के परिचालन को लेकर निम्नलिखित नियम कड़ाई से लागू किए गए हैं:
कृष्णगढ़ चौक पर बैरिकेडिंग और सख्ती: कृष्णगढ़ चौक से बाजार की तरफ जाने वाले मार्ग पर पुलिस बल और ट्रैफिक जवानों की तैनाती कर दी गई है। इस पॉइंट से किसी भी चारपहिया निजी वाहन, कमर्शियल वाहन या बड़े ट्रकों को बाजार के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
फोरलेन (बायपास) का उपयोग अनिवार्य: शहर के बाहर से आने वाले या दूसरे जिलों को जाने वाले भारी वाहन, ट्रक, बसें और मालवाहक अब शहर के आंतरिक मार्गों का उपयोग करने के बजाय फोरलेन और आउटर बायपास के रास्ते से ही निकलेंगे। इससे न केवल शहर के भीतर का प्रदूषण और दबाव कम होगा, बल्कि सफर भी तेज और सुरक्षित हो जाएगा।
ई-रिक्शा और ऑटो के लिए भी नियम: बाजार क्षेत्र में अत्यधिक दबाव पैदा करने वाले अनियोजित ई-रिक्शा और ऑटो के परिचालन को भी विनियमित (Regulate) करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पैदल चलने वाले राहगीरों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासनिक सख्ती और चालान की कार्रवाई
नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है:
सख्ती से पालन के निर्देश: यातायात पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी चालक नियमों की अवहेलना करते हुए कृष्णगढ़ चौक से बाजार की तरफ वाहन ले जाने का प्रयास करेगा, तो उसपर भारी जुर्माना (चालान) लगाया जाएगा और वाहन को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।
ड्राइवर और वाहन स्वामियों को चेतावनी: परिवहन विभाग ने शहर के सभी ट्रांसपोर्टरों, दुकानदारों (जो माल मंगाते हैं) और वाहन चालकों को पहले ही यह चेतावनी जारी कर दी है कि वे अपने भारी वाहनों को तय समय सीमा (रात के वक्त जब नो-एंट्री खुलती है) के भीतर ही फोरलेन के रास्ते संचालित करें। दिन के समय बाजार के अंदर माल अनलोड करने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
आम जनता और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
प्रशासन के इस कदम पर शहरवासियों की मिली-जुली लेकिन ज्यादातर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है:
आम नागरिकों में राहत: शहर के आम लोगों और खरीदारी करने आने वाले ग्राहकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस रोक के बाद अब बाजारों में चैन से चलना संभव हो सकेगा और महिलाओं तथा बच्चों को आवाजाही में सहूलियत मिलेगी।
व्यापारियों का पक्ष: हालांकि कुछ व्यापारियों का मानना है कि दिन में माल ढुलाई बंद होने से उनके लॉजिस्टिक्स पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन वे भी इस बात से सहमत हैं कि अगर शहर जाम मुक्त रहेगा, तो ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी जिससे अंततः व्यापार को ही फायदा होगा। प्रशासन ने दुकानदारों को यह भी सुझाव दिया है कि वे अपने माल की लोडिंग-अनलोडिंग का समय रात के वक्त या सुबह निर्धारित समयानुसार तय करें।
भागलपुर के कृष्णगढ़ चौक से बाजार की ओर चारपहिया और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक तथा फोरलेन के जरिए उनके संचालन का यह प्रशासनिक निर्णय सिल्क सिटी को आधुनिक और व्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि इस नियम का कड़ाई से और निरंतर पालन कराया गया, तो वह दिन दूर नहीं जब भागलपुर की सड़कें जाम के अभिशाप से पूरी तरह मुक्त नजर आएंगी। फिलहाल, इस कड़े कदम से पूरे शहर में चर्चा का बाजार गर्म है और लोग इसके सकारात्मक परिणामों की उम्मीद कर रहे हैं।