मुजफ्फरपुर रेलखंड पर बड़ा असर आगासोद-बीना स्टेशन के बीच थर्ड लाइन कमीशनिंग के चलते सितंबर-अक्टूबर में 28 ट्रेनें रहेंगी प्रभावित 22 ट्रेनों का बदला गया रूट, रेलवे ने यात्रियों से की यात्रा से पूर्व ट्रेन की स्थिति और समय सारणी जांचने की अपील

मुजफ्फरपुर (बिहार): भारतीय रेलवे लगातार देश के विभिन्न रेलखंडों पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने, ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और क्षमता विस्तार के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के आधुनिकीकरण का कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले आगासोद और बीना स्टेशन के बीच थर्ड लाइन (Third Line Commissioning) और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण मुजफ्फरपुर सहित बिहार से गुजरने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें प्रभावित होने वाली हैं। आगामी सितंबर और अक्टूबर महीने में इस तकनीकी और निर्माण कार्य के चलते कुल 28 ट्रेनों के परिचालन पर सीधा असर पड़ेगा। रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा और तकनीकी बाध्यताओं को ध्यान में रखते हुए इनमें से 22 महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग (Route Diversion) में बदलाव किया गया है, जबकि अन्य ट्रेनों को विनियमित (Regulate) या आंशिक रूप से रद्द किया जा सकता है। इस बड़े बदलाव के बाद रेलवे ने मुजफ्फरपुर और आसपास के यात्रियों से विशेष अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की अद्यतन स्थिति और नए रूट की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

निर्माण कार्य का विवरण: क्यों हो रहा है बदलाव?

यात्री सुरक्षा और ट्रेनों के आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से रेलवे लाइनों का विस्तार और दोहरीकरण/तिहरीकरण किया जाना अति आवश्यक होता है।

आगासोद-बीना थर्ड लाइन प्रोजेक्ट: पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल के अंतर्गत महत्वपूर्ण आगासोद-बीना खंड पर तीसरी लाइन बिछाने का कार्य अपने अंतिम चरण में है। इस नए ट्रैक को मुख्य सिग्नलिंग प्रणाली और पटरियों के साथ जोड़ने (Commissioning) के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (Non-Interlocking) का काम किया जाना तय हुआ है।

यातायात और तकनीकी सुरक्षा: भारी मशीनों और तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में होने वाले इस बड़े कार्य के दौरान उस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक ब्लॉक लेना अनिवार्य होता है। इसी कारण इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों के समय और मार्गों में फेरबदल करना पड़ा है।

प्रभावित ट्रेनों का विवरण: 28 ट्रेनें होंगी प्रभावित, 22 का रूट बदला

रेलवे अधिकारियों से प्राप्त सूचना के मुताबिक, इस कमीशनिंग कार्य का असर देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाली एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों पर पड़ेगा।

22 ट्रेनों का बदला गया मार्ग: मुजफ्फरपुर और बिहार के अन्य स्टेशनों से होकर गुजरने वाली अथवा इस रूट का उपयोग करने वाली प्रमुख लंबी दूरी की 22 ट्रेनों को उनके निर्धारित मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा। परिवर्तित मार्ग से चलने के कारण इन ट्रेनों के गंतव्य तक पहुंचने के समय में बदलाव हो सकता है।

बाकी ट्रेनों पर विनियमन का असर: शेष बची ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से नियंत्रित (Regulate) करके चलाया जाएगा या उन्हें रास्ते में कुछ समय के लिए रोका जाएगा ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो और ट्रेनें सुरक्षित गुजर सकें। हालांकि रेलवे ने यह स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य पूरा होते ही ट्रेनों का परिचालन पुनः उनके नियमित मार्ग पर बहाल कर दिया जाएगा।

यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, रेलवे की ओर से जारी की गई अपील

त्योहारों के सीजन से ठीक पहले सितंबर और अक्टूबर के महीनों में ट्रेनों के रूट बदलने से यात्रियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

असुविधा से बचने की सलाह: मुजफ्फरपुर जंक्शन और आसपास के रेल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रेनों के बदले हुए रूट की पूरी जानकारी जुटा लें। रूट परिवर्तन के कारण यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचने में अतिरिक्त समय लग सकता है।

रेलवे की आधिकारिक अपील: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए रेलवे के अधिकृत पूछताछ काउंटर, नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति और समय सारणी की जांच करने के बाद ही घर से निकलें।

आगासोद-बीना स्टेशन के बीच थर्ड लाइन कमीशनिंग के चलते सितंबर और अक्टूबर में प्रभावित होने वाली 28 ट्रेनें और बदले गए 22 रूट इस बात को दर्शाते हैं कि रेलवे दीर्घकालिक सुधार के लिए बड़े कदम उठा रहा है, जिसका तात्कालिक असर यात्रियों की यात्रा पर पड़ना तय है। मुजफ्फरपुर के यात्रियों के लिए यह आवश्यक है कि वे रेलवे के इन बदलावों से अपडेट रहें ताकि उन्हें यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। भविष्य में इस थर्ड लाइन के शुरू हो जाने से ट्रेनों के विलम्ब होने की समस्या से स्थाई रूप से निजात मिलने की पूरी उम्मीद है।