पीजी सेमेस्टर-2 की परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा और प्रश्न पत्र लीक होने की आशंका; सादी उत्तर पुस्तिका की जगह लिखी कॉपी बदलते तीन धराए, परीक्षा नियंत्रक ने दिए जांच के आदेश

भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के शैक्षणिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। भागलपुर में स्नातकोत्तर (पीजी) सेमेस्टर-2 की परीक्षा के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े और सुनियोजित नकल का मामला प्रकाश में आया है, जिसने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा केंद्र पर सादी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) को हटाकर पहले से तैयार की गई लिखी हुई उत्तर पुस्तिका से बदलने का खेल चल रहा था, जिसे सतर्कता के बाद बेनकाब कर दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद अब पीजी सेमेस्टर-2 की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने की भी गहरी आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ फर्जीवाड़े का पर्दाफाश?

प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के अंतर्गत आयोजित की जा रही पीजी सेमेस्टर-2 की परीक्षाओं के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर उस समय अफरातफरी मच गई जब ड्यूटी पर तैनात परीक्षकों और जिम्मेदारों की नजर कुछ संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी।

सादी कॉपी की जगह लिखी हुई कॉपी बदलने का खेल: परीक्षा कक्ष के भीतर कुछ छात्र और बाहरी सक्रिय लोग सादी उत्तर पुस्तिकाओं को चालाकी से बाहर निकालकर पहले से लिखी हुई उत्तर पुस्तिकाओं से रिप्लेस (बदल) करने की कोशिश कर रहे थे।

रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी: इस सनसनीखेज कारनामे को अंजाम दे रहे संदिग्धों को मौके पर ही धर दबोचा गया। तलाशी और शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई कि इस अवैध कृत्य में कुछेक लोग शामिल थे, जिनमें से दो को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि एक अन्य आरोपी मौका पाकर वहां से फरार होने में कामयाब रहा।

प्रश्न पत्र लीक होने की आशंका ने बढ़ाई विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता

इस घटना के बाद से अकादमिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पकड़े गए छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की जब शिक्षकों द्वारा बारीकी से जांच की गई, तो उनके होश उड़ गए।

प्रश्नों और उत्तरों की अद्भुत समानता: परीक्षा में जो सवाल पूछे गए थे, बिल्कुल वैसे ही और सटीक उत्तर उन कॉपियों में पहले से लिखे हुए पाए गए थे। शिक्षकों ने भी इस बात पर गहरा आश्चर्य जताया कि बिना प्रश्न पत्र की पूर्व जानकारी या लीक हुए बिना परीक्षा हॉल के बाहर इतने सटीक उत्तर लिखना असंभव है।

परीक्षा नियंत्रक का बयान: इस पूरे घटनाक्रम और पेपर लीक की आशंका पर प्रतिक्रिया देते हुए परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। उत्तर पुस्तिकाओं को बदलने और परीक्षा की पवित्रता को खंडित करने का यह प्रयास किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करता है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस बात की गहराई से पड़ताल कर रहा है कि क्या परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र बाहर आ गया था या इसके पीछे किसी संगठित नकल गिरोह का हाथ है।

फरार आरोपी की तलाश तेज, परीक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस बड़ी गड़बड़ी के सामने आने के बाद छात्र संगठनों और शिक्षाविदों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि उच्च शिक्षा के स्तर पर इस तरह के खुलासे होने लगे हैं, तो सामान्य छात्रों की मेहनत का क्या मूल्य रह जाएगा।

पुलिस और प्रशासनिक जांच: विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थानीय थाने की मदद से पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, जो आरोपी मौके से फरार हुआ है, उसकी धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

सख्त सुरक्षा घेरा बनाने की मांग: इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी के तमाम परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

पीजी सेमेस्टर-2 की परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका बदलने का यह मामला और उसके साथ जुड़ी प्रश्न पत्र लीक होने की आशंका ने बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। परीक्षा नियंत्रक द्वारा दिए गए जांच के आदेश के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस रैकेट के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर कितनी सख्त कार्रवाई करता है।