भागलपुर में ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी रफ्तार जिलाधिकारी ने पीरपैंती ताप विद्युत परियोजना की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा, कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और देश के प्रमुख पावर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में भागलपुर के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय स्थित सभागार में पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट (पीरपैंती ताप विद्युत परियोजना) की प्रगति की एक विस्तृत और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने में आ रही प्रशासनिक, तकनीकी और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी अड़चनों को दूर करने के लिए अधिकारियों के साथ गहन मंथन किया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में निर्देश दिया कि परियोजना के निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

परियोजना की वर्तमान स्थिति और समीक्षा के मुख्य बिंदु

पीरपैंती ताप विद्युत परियोजना पूर्वी बिहार के सबसे बड़े औद्योगिक और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिस पर सरकार और प्रशासन की विशेष नजर है:

भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक प्रक्रिया: बैठक के दौरान मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition), पर्यावरणीय स्वीकृतियों (Environmental Clearances) और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

निर्माण एजेंसियों के साथ समन्वय: परियोजना से जुड़ी विभिन्न निर्माण कंपनियों और तकनीकी विभागों के प्रतिनिधियों ने अब तक हुई प्रगति का ब्योरा प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय मजबूत करने को कहा ताकि फाइलों का आवागमन और प्रशासनिक स्वीकृतियां बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकें।

समय-सीमा का कड़ाई से पालन: डीएम ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि तय की गई समय-सारिणी (Timeline) के भीतर ही परियोजना के विभिन्न चरणों को पूरा किया जाए।

चुनौतियां और प्रशासनिक समाधान

इतनी बड़ी परियोजना के क्रियान्वयन में कुछ जमीनी और तकनीकी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं, जिनका त्वरित समाधान निकालने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है:

किसानों और रैयतों के हितों की सुरक्षा: बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भूमि देने वाले किसानों और स्थानीय रैयतों को नियमानुसार समय पर उचित मुआवजा और अन्य अनुमन्य लाभ हर हाल में मिलने चाहिए।

गुणवत्ता और पारदर्शिता: निर्माण कार्यों में उच्च कोटि की गुणवत्ता बनाए रखने तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।

क्षेत्र के विकास पर पड़ने वाला दूरगामी प्रभाव

पीरपैंती ताप विद्युत परियोजना के पूर्ण होने से भागलपुर और आसपास के पूरे अंग क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी:

रोजगार के नए अवसर: इस महापरियोजना के धरातल पर उतरने से स्थानीय स्तर पर हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे पलायन की समस्या पर भी रोक लगेगी।

औद्योगिक विकास: निर्बाध बिजली की आपूर्ति मिलने से इस क्षेत्र में नए उद्योगों, लघु उद्यमों और व्यावसायिक इकाइयों के स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।

जिलाधिकारी द्वारा पीरपैंती ताप विद्युत परियोजना की प्रगति की यह उच्चस्तरीय समीक्षा इस बात का प्रमाण है कि जिला प्रशासन इस मेगा प्रोजेक्ट को लेकर पूरी तरह गंभीर और सक्रिय है। प्रशासनिक कसावट और नियमित निगरानी से यह उम्मीद बंध गई है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर यह परियोजना अपने मूर्त रूप में आएगी, जो न केवल भागलपुर बल्कि पूरे बिहार के विकास को एक नई और ऊर्जावान उड़ान देगी।