भागलपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई लोहिया पुल के नीचे चल रहे अवैध जुए के अड्डे पर छापेमारी, दो कुख्यात जुआरी रितिक और कपिलदेव गिरफ्तार; नकद और डायरियां बरामद

भागलपुर (विशेष संवाददाता): बिहार के भागलपुर जिले में अपराधियों और गैर-कानूनी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सख्त रुख अपना रहा है। इसी क्रम में भागलपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले लोहिया पुल के नीचे पिछले काफी समय से गुप्त रूप से संचालित हो रहे एक अवैध जुए के अड्डे (Gambling Den) पर पुलिस ने अचानक ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस की इस त्वरित और अचूक कार्रवाई से जुआरियों में हड़कंप मच गया। मौके से पुलिस ने जुआ खेल रहे दो मुख्य आरोपियों—रितिक कुमार और कपिलदेव मंडल—को रंगे हाथों दबोच लिया। पुलिस ने तलाशी के दौरान घटनास्थल से 5,200 रुपये नकद और जुए के लेन-देन का हिसाब-किताब दर्ज करने वाली दो संदिग्ध डायरियां भी बरामद की हैं। इस कार्रवाई से शहर में अवैध धंधा चलाने वालों के बीच हड़कंप मच गया है।

कैसे मिली पुलिस को सूचना? गुप्त ऑपरेशन की पूरी कहानी

पिछले कुछ दिनों से भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि शहर के कई प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और पुलों के नीचे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है और वहां दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक अवैध रूप से जुए का खेल खेला जाता है:

मुखबिर की सटीक सूचना: लोहिया पुल के नीचे अवैध जुए के बड़े पैमाने पर संचालन की गुप्त सूचना स्थानीय पुलिस थाना को मिली थी। सूचना थी कि कुछ शातिर जुआरी रोज़ाना यहाँ दांव लगाते हैं और भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर आर्थिक शोषण कर रहे हैं।

विशेष पुलिस टीम का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल (Special Raiding Team) का गठन किया गया। टीम को सादे लिबास में इलाके की निगरानी करने का निर्देश दिया गया।

छापेमारी का रोमांचक घटनाक्रम: पुलिस को देख मची भगदड़

बुधवार को योजनाबद्ध तरीके से पुलिस बल ने लोहिया पुल के नीचे अचानक दबिश दी:

चारों तरफ से घेराबंदी: पुलिस की टीम ने इतनी खामोशी और तेजी से लोहिया पुल के नीचे के इलाके को घेरा कि जुआरियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस को अपनी ओर आते देख वहां जुआ खेल रहे लोगों में अफरातफरी मच गई।

भागने की कोशिश हुई नाकाम: पुलिस को देखकर कुछ लोग अंधेरे और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों—रितिक कुमार और कपिलदेव मंडल—को मौके पर ही दबोच लिया। भागने की उनकी तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं।

बरामदगी: मौके से क्या-क्या मिला?

पकड़े गए आरोपियों की विधिवत तलाशी लेने और घटनास्थल की घेराबंदी कर छानबीन करने के बाद पुलिस ने महत्वपूर्ण सामग्रियां जब्त कीं:

5,200 रुपये नकद: जुए के दांव पर लगाए गए और मौके पर मौजूद टेबल/जमीन से कुल 5,200 रुपए नकद बरामद किए गए, जिनका उपयोग दांव खेलने के लिए किया जा रहा था।

दो हिसाब-किताब की डायरियां: पुलिस के हाथ लगी दो डायरियां इस अवैध धंधे का कच्चा चिट्ठा खोलती हैं। इन डायरियों में उन लोगों के नाम, फोन नंबर और उधार-नकद लेन-देन का पूरा हिसाब दर्ज है जो नियमित रूप से इस जुए के अड्डे पर आते थे। पुलिस अब इन डायरियों के आधार पर इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की कुंडली खंगाल रही है।

पुलिस की पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को संबंधित थाने लाया गया, जहां उनसे लंबी पूछताछ की गई:

सहयोगियों की तलाश जारी: पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। उन्होंने उन अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं जो इस अवैध धंधे के संचालन में पर्दे के पीछे से संलिप्त रहते हैं। पुलिस उनके ठिकानों पर भी छापेमारी की तैयारी कर रही है।

विधिक धाराएं दर्ज: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों—रितिक कुमार और कपिलदेव मंडल—के खिलाफ जुआ अधिनियम (Gambling Act) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

सार्वजनिक स्थलों पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त संदेश

इस सफल छापेमारी के बाद भागलपुर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर के किसी भी हिस्से में पुलों के नीचे, पार्कों या सुनसान जगहों पर गैर-कानूनी गतिविधियों या जुआ-सट्टेबाजी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:

गश्त और निगरानी तेज: पुलिस ने कहा है कि ऐसे इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि आम नागरिकों और राहगीरों को किसी प्रकार की असुविधा या डर का सामना न करना पड़े।

जनता से अपील: पुलिस ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और जागरूक लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी इस तरह के अवैध धंधे या असामाजिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

लोहिया पुल के नीचे अवैध जुए के अड्डे पर भागलपुर पुलिस द्वारा की गई यह छापेमारी इस बात का प्रमाण है कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी और नकद व डायरियों की बरामदगी से इस अवैध नेटवर्क की जड़ें हिल गई हैं। पुलिस की इस मुस्तैदी से जहां एक तरफ अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं, वहीं आम जनता ने भी राहत की सांस ली है।