खरीफ सीजन 2026 में किसानों को बड़ी राहत पंपसेट से धान की सिंचाई के लिए मिलेगा डीजल अनुदान, कृषि विभाग ने जारी की गाइडलाइन
भागलपुर: खरीफ फसल की मुख्य पैदावार यानी धान की खेती के इस महत्वपूर्ण समय में बिहार के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सूखे या कम बारिश की आशंका के बीच किसानों की फसलों को बचाने और समय पर सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के कृषि विभाग ने खरीफ सीजन 2026 के तहत डीजल अनुदान योजना को मंजूरी दे दी है। कृषि विभाग द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस बार किसान डीजल पंपसेट के माध्यम से अपनी फसलों की सिंचाई के लिए अनुदान प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे खाद-बीज और सिंचाई के महंगे खर्च से जूझ रहे अन्नदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं और अनुदान का स्वरूप
किसानों पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए कृषि विभाग ने इस योजना में पूरी पारदर्शिता और सुगमता बरती है:
सिंचाई के लिए आर्थिक संबल: डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों को अपने खेतों की सिंचाई करने में भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस अनुदान योजना से किसानों को पंपसेट चलाने में लगने वाले ईंधन के खर्च में सीधी राहत मिलेगी।
प्रति एकड़ निर्धारित अनुदान राशि: नियमों के अनुसार, धान और अन्य खरीफ फसलों की सुरक्षात्मक सिंचाई के लिए किसानों को प्रति एकड़ तय दरों के हिसाब से डीजल अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति किसान निर्धारित की गई है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद किसानों तक इसका लाभ पहुंच सके।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान उन्हें जमीन के कागजात, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और सिंचाई के सत्यापन से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
भागलपुर और अंग क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान
भागलपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ नहरों या अन्य पारंपरिक सिंचाई स्रोतों का पूरा लाभ हर खेत तक नहीं पहुंच पाता है:
मानसून के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा: यदि मानसूनी बारिश के दौरान बीच में सूखा या अंतराल (Dry Spell) आता है, तो धान की रोपाई और उसकी शुरुआती बढ़वार के लिए पानी की भारी जरूरत होती है। ऐसे समय में डीजल पंपसेट ही किसानों का एकमात्र सहारा बनते हैं।
फसल उत्पादन को बढ़ावा: समय पर सिंचाई होने से धान की फसल सूखे की चपेट में आने से बच जाएगी, जिससे जिले में इस वर्ष भी बेहतर पैदावार की उम्मीद बनी रहेगी।
प्रशासनिक निगरानी और पारदर्शिता
योजना का लाभ वास्तविक और जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे, इसके लिए कृषि विभाग ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं:
सत्यापन प्रक्रिया: ऑनलाइन प्राप्त होने वाले आवेदनों का पंचायत स्तर पर कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
समय पर भुगतान: सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में अनुदान की राशि ट्रांसफर की जाएगी, जिससे बिचौलियों की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
खरीफ सीजन 2026 में डीजल अनुदान मिलने की खबर से भागलपुर सहित पूरे बिहार के किसान समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है। कृषि विभाग का यह कदम न केवल किसानों की आर्थिक मुश्किलें कम करेगा, बल्कि अन्नदाताओं को मौसम की अनिश्चितता से लड़कर अपनी फसल बचाने में भी अभूतपूर्व मदद साबित होगा। किसान भाई समय रहते इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं।