केशरवानी वैश्य सभा के अनुमंडल स्तरीय सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब; एकता और शिक्षा पर रहा मुख्य जोर

कहलगांव (भागलपुर): गंगा के तट पर बसे ऐतिहासिक शहर कहलगांव में रविवार का दिन केशरवानी समाज की शक्ति और एकता का गवाह बना। केशरवानी वैश्य सभा के तत्वावधान में आयोजित अनुमंडल स्तरीय सम्मेलन में पूरे क्षेत्र से हजारों की संख्या में समाज के लोग जुटे। इस भव्य आयोजन ने न केवल सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत मंच भी तैयार किया।

शक्ति प्रदर्शन और सामाजिक महाकुंभ

सम्मेलन की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कहलगांव अनुमंडल के सुदूर इलाकों से आए महिला-पुरुषों, बुजुर्गों और युवाओं की भारी उपस्थिति ने इस आयोजन को एक 'सामाजिक महाकुंभ' का रूप दे दिया। मंच से वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि समाज की उन्नति का मार्ग शिक्षा और आपसी सहयोग से ही प्रशस्त होता है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज के बिखरे हुए लोगों को एक सूत्र में पिरोना और राजनीतिक व सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करना था।

नई कार्यकारिणी का गठन: योगेंद्र केशरी बने अध्यक्ष

सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी नई कार्यकारिणी का चुनाव रहा। लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाते हुए, सर्वसम्मति से योगेंद्र केशरी को केशरवानी वैश्य सभा का अध्यक्ष चुना गया। वहीं, संगठन की बागडोर संजय केशरी को सचिव के रूप में सौंपी गई।

चुनाव परिणाम घोषित होते ही समर्थकों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया। अपने संबोधन में नवनिर्वाचित अध्यक्ष योगेंद्र केशरी ने विश्वास दिलाया कि वे समाज के हर उस व्यक्ति तक पहुंचेंगे जिसे मदद की आवश्यकता है। सचिव संजय केशरी ने कहा कि उनका लक्ष्य संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करना और युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा देना है।

विधायक शुभानंद मुकेश का संबोधन: शिक्षा ही असली ताकत

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कहलगांव के विधायक शुभानंद मुकेश ने कहा कि केशरवानी समाज हमेशा से प्रगतिशील और उद्यमी रहा है। उन्होंने समाज की एकता की सराहना करते हुए कहा, "समाज की असली ताकत उसकी एकता में निहित है, और शिक्षा वह आधार है जो इस एकता को और भी मजबूती प्रदान करती है।"

विधायक ने शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर देते हुए समाज के युवाओं का आह्वान किया कि वे प्रतिस्पर्धात्मक युग में पीछे न रहें। उन्होंने कहा, "जब तक समाज का हर बच्चा शिक्षित नहीं होगा, तब तक हम सर्वांगीण विकास का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते। केशरवानी समाज के लोग शिक्षा के क्षेत्र में न केवल खुद आगे बढ़ें, बल्कि जो बच्चे आर्थिक तंगी के कारण पीछे छूट रहे हैं, उन्हें भी साथ लेकर चलें।" उन्होंने समाज के योग्य और मेधावी युवाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

समाज की दिशा और दशा पर मंथन

सम्मेलन में सामाजिक सुधारों पर भी गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने दहेज प्रथा, दिखावे के खर्चों को कम करने और बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने जैसे विषयों पर समाज को जागरूक रहने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि वैश्य समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और इसे आगे बढ़ाने के लिए हमें राजनीतिक प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक सेवाओं में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

सांस्कृतिक और सामाजिक मिलन का अनूठा दृश्य

इस सम्मेलन ने एक बड़े पारिवारिक मिलन का भी काम किया। कहलगांव के अलग-अलग गांवों से आए लोगों ने एक-दूसरे के सुख-दुख साझा किए। दोपहर बाद आयोजित सामूहिक भोज (प्रसाद ग्रहण) ने इस एकता के भाव को और पुख्ता किया। आयोजकों ने इस दौरान समाज के उन वरिष्ठ लोगों को भी सम्मानित किया जिन्होंने दशकों से इस संस्था को सींचने का काम किया है।

आगामी कार्ययोजना: विकास की नई राह

सम्मेलन के समापन पर संगठन ने अगले एक वर्ष का रोडमैप तैयार किया। इसमें:

समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए 'स्कॉलरशिप प्रोग्राम' शुरू करना।

जरूरतमंदों की सहायता के लिए एक 'हेल्पलाइन सेंटर' की स्थापना।

समय-समय पर स्वास्थ्य और शिक्षा शिविरों का आयोजन करना।

कहलगांव में आयोजित यह अनुमंडल स्तरीय सम्मेलन इस बात का प्रतीक है कि यदि समाज एकजुट हो जाए, तो किसी भी लक्ष्य को पाना कठिन नहीं है। योगेंद्र केशरी और संजय केशरी के नेतृत्व में नई टीम को उम्मीद है कि वे केशरवानी वैश्य सभा को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। विधायक शुभानंद मुकेश के प्रेरणादायी शब्दों ने समाज के युवाओं में नया जोश भर दिया है। अब देखना यह है कि यह नया नेतृत्व समाज की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और कहलगांव में केशरवानी समाज की एकता का यह कारवां कैसे आगे बढ़ता है।