मुंगेर: जिलाधिकारी निखिल धनराज की अध्यक्षता में भूमि-अर्जन से जुड़ी विकास परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक; अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश
मुंगेर (बिहार): मुंगेर जिले में विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी निखिल धनराज की अध्यक्षता में भूमि-अर्जन से संबंधित विकास परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान जिले में चल रही सभी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई, और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनेकार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करें।
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, जिले की बुनियादी संरचना और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन पूरी तरह से गंभीर नजर आ रहा है। आइए जानते हैं इस समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदुओं और तय किए गए दिशा-निर्देशों का एक विस्तृत विश्लेषण।
भूमि-अर्जन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा
विकास कार्यों की गति को तेज करने के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ी अड़चनों को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया।
डीएम की अध्यक्षता में बैठक: जिलाधिकारी निखिल धनराज ने एक-एक करके सभी चल रही परियोजनाओं की फाइलें खंगाली और जमीनी स्तर पर आ रही दिक्कतों की जानकारी ली।
अड़चनों का त्वरित समाधान: जिन परियोजनाओं में भूमि-अर्जन (Land Acquisition) के कारण देरी हो रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के लिए संबंधित अंचल अधिकारियों और भूमि-सुधार उप-समाहर्ताओं को आवश्यक निर्देश दिए गए।
समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने की सख्त हिदायत
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नकेल कसते हुए गुणवत्ता और समय का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
डेडलाइन का पालन: डीएम ने दोटूक शब्दों में कहा कि सभी अधिकारी अपनी योजनाओं के लिए तय की गई समय-सीमा (Deadline) का सख्ती से पालन करें और विलंब करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
गुणवत्ता और पारदर्शिता: कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों के प्रमुखों को सौंपी गई।
जिलाधिकारी निखिल धनराज की अध्यक्षता में हुई भूमि-अर्जन से जुड़ी विकास परियोजनाओं की यह साप्ताहिक समीक्षा बैठक मुंगेर जिले में प्रशासनिक सक्रियता का स्पष्ट संदेश देती है। यदि अधिकारी तय समय-सीमा के भीतर इन कार्यों को अमलीजामा पहनाने में सफल होते हैं, तो जिले के विकास को एक नई गति मिलेगी।