छपरा में बीडीओ पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ का फूटा गुस्सा; नवगछिया में अधिकारियों ने बांधी काली पट्टी, खरीक बीडीओ मोना कुमारी सोनी सहित अन्य ने किया शांतिपूर्ण विरोध और कामकाज
भागलपुर/नवगछिया, कार्यालय संवाददाता: बिहार के प्रशासनिक हलकों में इन दिनों सनसनी और गहरा आक्रोश व्याप्त है। सारण (छपरा) जिले में एक प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सूबे के प्रशासनिक अधिकारियों का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। इसी कड़ी में बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में भी अधिकारियों और प्रशासनिक कर्मियों ने अनोखे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। विरोध प्रदर्शन के तहत अधिकारियों ने अपने हाथों और बांहों पर काली पट्टी बांधकर न केवल अपनी एकजुटता दिखाई, बल्कि राज्य में कानून व्यवस्था और अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए। इस विरोध प्रदर्शन के क्रम में खरीक की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मोना कुमारी सोनी ने भी काली पट्टी बांधकर ही अपने तमाम सरकारी कार्यों का निष्पादन किया, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला? छपरा की घटना से सहमा प्रशासनिक महकमा
बिहार के छपरा (सारण) जिले में हाल ही में प्रखंड विकास पदाधिकारी पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानलेवा हमला किए जाने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद से पूरे बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों और खासकर ग्रामीण विकास सेवा संघ से जुड़े अधिकारियों में भारी रोष है:
सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल: अधिकारियों का कहना है कि यदि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले और जनता के बीच रहकर काम करने वाले बीडीओ और अन्य अधिकारी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो वे स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कैसे कर पाएंगे।
संघ का कड़ा रुख: इस कायराना हमले के विरोध में 'बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ' ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का ऐलान किया है। संघ की मांग है कि दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सबसे कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
नवगछिया में काली पट्टी बांधकर अधिकारियों ने जताया विरोध
छपरा की घटना के विरोध में नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मियों ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीका अपनाते हुए विरोध दर्ज कराया:
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार नहीं, बल्कि कार्य करते हुए विरोध: प्रशासनिक कामकाज बाधित न हो और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न उठानी पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने अनूठा रास्ता चुना। उन्होंने कार्यालय अवधि के दौरान अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर काम करने का निर्णय लिया।
अधिकारियों की एकजुटता: नवगछिया प्रखंड, अंचल और विभिन्न कार्यालयों में तैनात अधिकारियों ने संघ के आह्वान पर एकजुटता दिखाते हुए काले बिल्ले या काली पट्टी धारण की और सरकार व प्रशासन तक अपना संदेश पहुंचाया कि वे इस तरह के हमलों से डरने वाले नहीं हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा के प्रति पूरी तरह गंभीर हैं।
खरीक बीडीओ मोना कुमारी सोनी ने काली पट्टी लगाकर किए सरकारी कार्य
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान खरीक प्रखंड की प्रखंड विकास पदाधिकारी मोना कुमारी सोनी की भूमिका ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा:
ड्यूटी के साथ जताया विरोध: खरीक बीडीओ मोना कुमारी सोनी ने संघ के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए अपने कार्यालय में बांह पर काली पट्टी बांधकर तमाम सरकारी फाइलों का निपटारा किया और जनशिकायतों की सुनवाई की।
अधिकारियों में भारी आक्रोश: मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, बीडीओ मोना कुमारी सोनी सहित पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों में इस बात को लेकर जबरदस्त नाराजगी है कि ड्यूट पर तैनात अधिकारियों पर इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं ताकि सरकार और प्रशासन का ध्यान उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की ओर आकर्षित किया जा सके।
पूरे प्रदेश में अफसरों का समर्थन और प्रशासनिक हलचल
नवगछिया और खरीक की यह घटना केवल एक बानगी है, बल्कि पूरे बिहार में इस बात को लेकर प्रशासनिक महकमे में उबाल है:
संघ का समर्थन: राज्य के अन्य जिलों और प्रखंडों से भी ऐसी ही खबरें आ रही हैं जहां ग्रामीण विकास सेवा संघ से जुड़े अधिकारी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि दोषियों पर स्पीडी कार्रवाई नहीं की गई, तो संघ आगे और भी कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
आम जनता और शासन पर असर: इस विरोध के जरिए अधिकारी यह भी संदेश दे रहे हैं कि वे जनता के विकास कार्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं, लेकिन अपनी कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए उन्हें सुरक्षित माहौल की सख्त आवश्यकता है।
छपरा में बीडीओ पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के बैनर तले नवगछिया में किया गया यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन और खरीक बीडीओ मोना कुमारी सोनी द्वारा काली पट्टी बांधकर सरकारी कार्य करना इस बात का प्रतीक है कि अधिकारी अन्याय और हिंसा के आगे झुकने वाले नहीं हैं। यह विरोध एक तरफ जहां प्रशासनिक एकजुटता को दर्शाता है, वहीं दूसरी तरफ शासन-प्रशासन के लिए यह एक गंभीर चेतावनी भी है कि वह अपने मैदानी अधिकारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।