51वें वर्ष पर 30 जुलाई को सुल्तानगंज के लिए रवाना होगा 67 श्रद्धालुओं का जत्था, 4 अगस्त को देवघर में करेंगे जलाभिषेक

बिहार के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पटल पर मुजफ्फरपुर जिले की एक अलग ही पहचान है। यहाँ के शिव भक्तों में भगवान भोलेनाथ के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण देखने को मिलता है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित न्यू एरिया कांवर संघ की एक अति महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संघ के संरक्षक मोतीलाल छापरिया ने घोषणा की कि इस वर्ष यह संघ अपनी स्थापना का 51वां वर्ष (स्वर्ण जयन्ती के करीब) मना रहा है। इस विशेष अवसर पर संघ द्वारा अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस साल भी कांवरिया जत्था को देवघर के लिए रवाना करने की मुकम्मल तैयारी कर ली गई है।

बैठक की मुख्य बातें और संरक्षक मोतीलाल छापरिया का संबोधन

न्यू एरिया कांवर संघ की इस बैठक में आगामी श्रावण मास की यात्रा को लेकर लंबी चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए और पूरी रूपरेखा साझा करते हुए संघ के संरक्षक मोतीलाल छापरिया ने बताया कि पिछले 50 वर्षों से यह संघ लगातार शिव भक्तों को संगठित कर बाबाधाम की यात्रा कराता आ रहा है।

51वें वर्ष की गौरवशाली यात्रा: श्री छापरिया ने गर्व के साथ कहा कि किसी भी संस्था के लिए 50 साल का सफर पूरा कर 51वें वर्ष में प्रवेश करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस ऐतिहासिक वर्ष को यादगार बनाने के लिए इस बार यात्रा को और अधिक भव्य और अनुशासित तरीके से आयोजित किया जाएगा।

जत्थे का स्वरूप और अनुशासन: इस वर्ष न्यू एरिया कांवर संघ की ओर से कुल 67 श्रद्धालुओं का एक समर्पित जत्था इस पावन यात्रा पर निकलेगा। जत्थे में शामिल सभी कांवड़िए पारंपरिक भगवा वस्त्र धारण कर 'बम-बम भोले' के जयकारे के साथ अनुशासन का कड़ाई से पालन करेंगे।

यात्रा का पूरा शेड्यूल (Schedule of Yatra)

श्रद्धालुओं और संघ के सदस्यों की सुविधा के लिए यात्रा का पूरा कार्यक्रम तय कर लिया गया है:

30 जुलाई को रवानगी: संघ का यह 67 सदस्यीय जत्था निर्धारित समयानुसार 30 जुलाई को मुजफ्फरपुर से सुल्तानगंज के लिए रवाना होगा। सुल्तानगंज पहुँचकर सभी शिव भक्त उत्तर वाहिनी गंगा से पवित्र जल भरेंगे।

कांवर पदयात्रा: सुल्तानगंज से देवघर तक की लगभग 105 किलोमीटर की कठिन और पवित्र कांवर यात्रा पैदल तय की जाएगी। रास्ते में जगह-जगह कांवरियों की सेवा के लिए शिविरों और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है।

4 अगस्त को जलाभिषेक: कांवर यात्रा पूरी करने के बाद यह जत्था 4 अगस्त को झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुँचेगा और तय समयानुसार विधिवत रूप से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेगा।

श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और व्यवस्थाएं

न्यू एरिया कांवर संघ के इस 51वें वर्ष की यात्रा को लेकर मुजफ्फरपुर के शिव भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। बैठक के दौरान संघ के अन्य सदस्यों ने भी यात्रा के दौरान खान-पान, चिकित्सा सहायता, ठहरने के स्थान और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। संरक्षक मोतीलाल छापरिया ने सभी सदस्यों से अपील की कि वे आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ इस यात्रा को सफल बनाएं, ताकि बाबा गरीबनाथ और बाबा बैद्यनाथ का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।

मुजफ्फरपुर के न्यू एरिया कांवर संघ द्वारा आयोजित यह बैठक और 51वें वर्ष के अवसर पर 30 जुलाई को सुल्तानगंज से 67 श्रद्धालुओं के जत्थे की रवानगी इस बात का प्रमाण है कि हमारी सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराएं आज भी उतनी ही जीवंत हैं। 4 अगस्त को देवघर में होने वाले इस जलाभिषेक से न केवल मुजफ्फरपुर का नाम रोशन होगा, बल्कि यह यात्रा आपसी सौहार्द और भक्ति की एक मिसाल कायम करेगी।