तिलकामांझी चौक पर उग्र भीड़ की पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के बाद पुलिस का एक्शन, डीएम और एसएसपी ने संभाली कमान
बिहार के भागलपुर में छात्रों के प्रदर्शन के नाम पर शुरू हुआ उपद्रव उस वक्त अपने चरम पर पहुंच गया जब तिलकामांझी चौक जंग का मैदान बन गया। उग्र भीड़ ने कानून-व्यवस्था की सभी सीमाओं को लांघते हुए पुलिस बल पर ताबड़तोड़ पत्थरबाजी की और सड़कों पर खड़े वाहनों को निशाना बनाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित और कड़े कदम उठाए, जिसके तहत पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया और उपद्रवियों को गलियों व मोहल्लों तक खदेड़ दिया। इस दौरान हालात को काबू में करने के लिए खुद जिला दरोगा/कलेक्टर (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने मोर्चा संभाला।
उग्र भीड़ का तांडव और पुलिस पर पथराव
तिलकामांझी चौक पर अचानक भड़की हिंसा के दौरान असामाजिक तत्वों ने उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों के बीच छिपे उपद्रवियों ने पुलिस बल को चारों तरफ से घेरकर ईंट-पत्थरों और कांच की बोतलों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हिंसक हमले में कई पुलिसकर्मी और अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके साथ ही, उग्र भीड़ ने सड़क किनारे खड़े पुलिस और आम नागरिकों के वाहनों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई और लाठीचार्ज
अपने जवानों पर लगातार हो रहे हमलों और सार्वजनिक संपत्ति को बचाए रखने के लिए पुलिस ने आखिरकार संयम तोड़ते हुए सख्त कदम उठाया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया।
लाठीचार्ज के साथ ही सुरक्षाबलों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए उपद्रवियों को मुख्य सड़कों से खदेड़ना शुरू कर दिया। जो उपद्रवी मुख्य मार्ग पर उत्पात मचा रहे थे, उन्हें पुलिस बल ने खदेड़ते हुए आसपास की गलियों और रिहायशी मोहल्लों के अंदर तक खदेड़ दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से हुड़दंगियों में हड़कंप मच गया और वे गलियों में छिपने को मजबूर हो गए।
डीएम और एसएसपी की सीधी निगरानी में नियंत्रण
इस गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति की नजाकत को भांपते हुए भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) तुरंत प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। उच्चाधिकारियों ने खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति की कमान संभाली।
फील्ड कमांड: डीएम और एसएसपी ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों की सीधी मौजूदगी से पुलिस बल का मनोबल बढ़ा और स्थिति पर तेजी से नियंत्रण पाया गया।
फ्लैग मार्च और गश्त: उपद्रवियों को कड़ा संदेश देने के लिए संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया। प्रशासन ने साफ कर दिया कि शहर की शांति भंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
वर्तमान स्थिति और प्रशासन की चेतावनी
फिलहाल भागलपुर के तिलकामांझी चौक और उसके आसपास के सभी प्रमुख मार्गों पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल अभी भी तैनात है। पुलिस प्रशासन वीडियो फुटेज और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पत्थरबाजी और तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों की पहचान करने में जुट गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वाले, पुलिस पर हमला करने वाले और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले एक-एक उपद्रवी को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है और नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।