भागलपुर के ऐतिहासिक खानकाह आलिया शहबाजिया में जुलूस-ए-मुहम्मदी की तैयारियां तेज मौलानाचक में हुई उच्चस्तरीय बैठक, तय समय पर जुलूस पहुंचने की अपील

भागलपुर : बिहार के ऐतिहासिक और रूहानी केंद्र के रूप में ख्याति प्राप्त मौलानाचक स्थित खानकाह आलिया शहबाजिया में आगामी जुलूस-ए-मुहम्मदी के आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। पर्व को शांतिपूर्ण, अनुशासनबद्ध और भव्य तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से खानकाह परिसर में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता खानकाह के सज्जादानशीन एवं अध्यक्ष सैय्यद शाह मोहम्मद अहरार आलम शहबाजी ने की। बैठक में शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने वाले विभिन्न जुलूसों के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और समय-बद्धता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें खानकाह के कार्यालय प्रभारी (ऑफिस इंचार्ज) सुल्तान खान समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अध्यक्ष सैय्यद शाह मोहम्मद अहरार आलम शहबाजी की अपील: समय का रखें विशेष ध्यान

बैठक के दौरान खानकाह के अध्यक्ष सैय्यद शाह मोहम्मद अहरार आलम शहबाजी ने सभी कमेटियों और जुलूस लेकर आने वाले लोगों से एक विशेष अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया:

दोपहर 12 बजे तक पहुंचने का निर्देश: अध्यक्ष महोदय ने सभी जुलूसों के प्रबंधकों से अपील की है कि वे अपने-अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए दोपहर 12:00 बजे तक हर हाल में खानकाह आलिया शहबाजिया परिसर में पहुंच जाएं।

अनुशासन और सौहार्द: उन्होंने कहा कि जुलूस-ए-मुहम्मदी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शान में अकीदत और मोहब्बत का इजहार करने का दिन है, इसलिए इसे पूरी शालीनता, भाईचारे और शांति के साथ मनाया जाना चाहिए। समय पर पहुंचने से प्रशासनिक व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण में भी सहूलियत होगी।

कार्यालय प्रभारी सुल्तान खान द्वारा व्यवस्थाओं पर चर्चा

बैठक में खानकाह के ऑफिस इंचार्ज सुल्तान खान ने आयोजन से जुड़ी प्रशासनिक और आंतरिक व्यवस्थाओं का ब्योरा प्रस्तुत किया:

रूट और स्वागत की तैयारियां: उन्होंने बताया कि विभिन्न मोहल्लों से आने वाले जुलूसों के स्वागत और उनके विश्राम के लिए खानकाह प्रबंधन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

प्रशासन के साथ समन्वय: जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि जुलूस के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहें और किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।

खानकाह आलिया शहबाजिया की ऐतिहासिक महत्ता और आयोजन का स्वरूप

भागलपुर का खानकाह आलिया शहबाजिया केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की एक महान मिसाल है:

श्रद्धालुओं का सैलाब: जुलूस-ए-मुहम्मदी के अवसर पर भागलपुर ही नहीं बल्कि दूर-दराज के जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में अकीदतमंद इस ऐतिहासिक खानकाह में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं।

दुआ और शांति का पैगाम: इस पावन अवसर पर देश में अमन-चैन, भाईचारा और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी जाती हैं।

मौलानाचक स्थित खानकाह आलिया शहबाजिया में हुई इस बैठक और अध्यक्ष सैय्यद शाह मोहम्मद अहरार आलम शहबाजी के दिशा-निर्देशों से यह स्पष्ट है कि इस वर्ष का जुलूस-ए-मुहम्मदी पूरी भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न होगा। आयोजकों की समयबद्धता और प्रशासनिक सहयोग से भागलपुर की यह पारंपरिक शान एक बार फिर देखने को मिलेगी, जो शहर में आपसी सौहार्द की मिसाल को और मजबूत करेगी।