बिहार में बारिश का दौर जारी, 18 जिलों में ऑरेंज और 5 में येलो अलर्ट; वज्रपात को लेकर भी चेतावनी

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। गुरुवार, 13 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता को देखते हुए राज्य के 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में इन जिलों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 13 अगस्त को देश के कई हिस्सों के साथ बिहार में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

बारिश के कारण तापमान में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन लगातार बादल छाए रहने और उमस के कारण कई इलाकों में मौसम असहज भी रह सकता है। शहरी क्षेत्रों में जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या बढ़ सकती है।

18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट का मतलब

मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट लोगों को संभावित खराब मौसम के लिए तैयार रहने और आवश्यक सावधानी बरतने का संकेत देता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर स्थान पर एक जैसी तीव्रता से बारिश होगी, बल्कि चेतावनी वाले जिलों में कुछ स्थानों पर मौसम गंभीर रूप ले सकता है।

भारी बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में खुले मैदान, खेत, सड़क किनारे पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास खड़े रहने से बचना जरूरी है।

बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में लगातार बारिश का सीधा असर खेती पर भी पड़ता है। पर्याप्त बारिश धान सहित खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।

पांच जिलों में येलो अलर्ट

राज्य के पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। येलो अलर्ट का अर्थ है कि मौसम को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। इन इलाकों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा जैसी मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को मौसम में अचानक बदलाव पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बिजली गिरने की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

पटना समेत कई शहरों में बारिश का असर

राजधानी पटना सहित बिहार के कई शहरी इलाकों में बारिश का असर यातायात और जनजीवन पर पड़ सकता है। तेज बारिश होने पर सड़कों पर पानी जमा होने की संभावना रहती है। निचले इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

बारिश के दौरान वाहन चालकों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सड़क पर पानी जमा होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते और अचानक ब्रेक लगाने या तेज गति से वाहन चलाने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए तेज बारिश और फिसलन वाली सड़कें विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी होने पर ही यात्रा करने और गति नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है।

बिजली गिरने से बचाव जरूरी

मानसून के दौरान बिहार में आकाशीय बिजली एक गंभीर खतरा बनी रहती है। बारिश के साथ गरज-चमक सुनाई देने पर लोगों को खुले स्थानों से तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाना चाहिए।

खेतों में काम कर रहे किसानों, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों और खुले मैदान में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना सुरक्षित नहीं माना जाता है।

लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। मोबाइल फोन और अन्य माध्यमों से मिलने वाले मौसम अलर्ट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है मौसम अलर्ट

बिहार में अगस्त का महीना खरीफ खेती के लिए महत्वपूर्ण होता है। धान की फसल के अलावा मक्का, दलहन और अन्य फसलों पर भी बारिश का सीधा प्रभाव पड़ता है।

सामान्य बारिश किसानों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन बहुत अधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए किसानों को अपने खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

जिन क्षेत्रों में पहले से पानी जमा है, वहां अतिरिक्त बारिश स्थिति को और खराब कर सकती है। ऐसे क्षेत्रों में किसानों को स्थानीय कृषि विभाग की सलाह के अनुसार कदम उठाने चाहिए।

नदियों और निचले इलाकों पर नजर

लगातार बारिश होने की स्थिति में बिहार की नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखना जरूरी हो जाता है। राज्य में गंगा, कोसी, गंडक, बागमती और अन्य नदियों के आसपास रहने वाली आबादी को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।

यदि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश होती है तो इसका असर नदियों के जलस्तर पर बाद में दिखाई दे सकता है। ऐसे में तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनी पर ध्यान देना चाहिए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बारिश से आवागमन, बिजली आपूर्ति और स्थानीय बाजारों पर भी असर पड़ सकता है।

अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना

मौसम पूर्वानुमान में बिहार में अगले कई दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई दिखाई दे रही है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार 14 अगस्त को भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं और इसके बाद भी 15 से 20 अगस्त के बीच अलग-अलग दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

इससे संकेत मिलता है कि राज्य में मानसून की गतिविधि तत्काल पूरी तरह समाप्त होने वाली नहीं है। हालांकि किसी विशेष जिले में बारिश की मात्रा और तीव्रता अलग-अलग हो सकती है।

मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले ताजा अलर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।

आम लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए

बारिश और आंधी के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। यदि बाहर निकलना जरूरी हो तो मौसम की स्थिति और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें।

बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और धातु की संरचनाओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है। घर से बाहर रहने वाले लोगों को सुरक्षित और मजबूत भवन में शरण लेनी चाहिए।

वाहन चालकों को बारिश के दौरान हेडलाइट का इस्तेमाल करने, धीमी गति से चलने और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन भी अलर्ट रहने की जरूरत

ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिलों में स्थानीय प्रशासन के लिए भी चुनौती बढ़ सकती है। भारी बारिश की स्थिति में जलजमाव, सड़क बाधित होने, बिजली आपूर्ति में व्यवधान और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए तैयारी जरूरी है।

निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा सकती है। आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी संभावित स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।

बारिश से गर्मी और उमस में मिल सकती है राहत

बारिश के कारण दिन के तापमान में कमी आ सकती है। इससे गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ने की संभावना बनी रहती है।

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बादल, बारिश और धूप के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसलिए एक ही दिन में कई तरह की मौसमी परिस्थितियां सामने आ सकती हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत

13 अगस्त को बिहार में बारिश को लेकर जारी चेतावनी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 18 जिलों के लिए ऑरेंज और पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम की गतिविधियों पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में आज व्यापक मानसूनी गतिविधियां रहने की संभावना है और बिहार भी इससे प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। 

फिलहाल राज्य में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा सूचनाओं पर नजर रखें, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से बचें और भारी बारिश की स्थिति में अनावश्यक यात्रा न करें। किसानों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

कुल मिलाकर 13 अगस्त को बिहार में मानसून सक्रिय रहने वाला है और कई जिलों में मौसम का असर सामान्य जनजीवन से लेकर खेती और यातायात तक दिखाई दे सकता है। आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां बने रहने के संकेत हैं, इसलिए राज्य के लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।