राघोपुर तटबंध की सुरक्षा को लेकर पथ निर्माण मंत्री सख्त, अधिकारियों को दी चेतावनी; युद्धस्तर पर बचाव कार्य के निर्देश

पटना/राघोपुर। बिहार में बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच राज्य सरकार ने तटबंधों की सुरक्षा को लेकर निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र ने राघोपुर तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हाल में तटबंध को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री ने अधिकारियों और अभियंताओं को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि तटबंधों की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है। यदि लापरवाही के कारण बाढ़ के दौरान तटबंध को क्षति पहुंचती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसी स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों की नौकरी पर भी संकट आ सकता है।

राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध का किया निरीक्षण

शुक्रवार को पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र ने राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तटबंध के कटाव प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और वहां चल रहे बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्थानीय स्थिति, नदी के जलस्तर, कटाव की स्थिति और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद अभियंताओं और विभागीय अधिकारियों से कहा कि तटबंध की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कटाव प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए युद्धस्तर पर जियो बैग लगाने का काम किया जाए।

उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों में लगभग 25,000 जियो बैग लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा कटाव वाले संवेदनशील इलाकों में बड़े आकार के मेगा जियो बैग भी लगाए जाएंगे, जिससे नदी के तेज बहाव से होने वाले नुकसान को रोका जा सके।

मंत्री ने कहा कि सामान्य जियो बैग के साथ-साथ बड़े जियो बैग का उपयोग अधिक प्रभावी साबित होगा और इससे तटबंध की मजबूती बढ़ेगी।

बाढ़ से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

बिहार में हर साल मानसून के दौरान कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि होती है, जिससे तटबंधों पर दबाव बढ़ जाता है। खासकर नदी किनारे बसे क्षेत्रों में कटाव की समस्या गंभीर हो जाती है।

राघोपुर क्षेत्र में भी नदी के कटाव को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। मंत्री ने कहा कि बाढ़ आने के बाद राहत कार्य करने के बजाय पहले से तैयारी करना अधिक जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संभावित कमजोर स्थानों की पहचान कर वहां पहले से सुरक्षा उपाय किए जाएं।

अधिकारियों की जवाबदेही तय

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि तटबंधों की सुरक्षा केवल विभागीय कार्य नहीं बल्कि लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि तटबंध टूटने से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अभियंताओं और अधिकारियों को हर समय सतर्क रहना होगा।

मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में तैनात सभी अधिकारियों को नियमित रूप से तटबंधों का निरीक्षण करना चाहिए और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को देनी चाहिए।

स्थानीय लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

राघोपुर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे बसे हुए हैं। तटबंध की सुरक्षा सीधे तौर पर उनकी सुरक्षा से जुड़ी हुई है।

मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को बाढ़ और कटाव से सुरक्षित रखना है। इसके लिए विभागीय स्तर पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचाव कार्य में किसी प्रकार की सामग्री या संसाधन की कमी नहीं होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

जियो बैग तकनीक से कटाव नियंत्रण की कोशिश

नदी के कटाव को रोकने के लिए जियो बैग तकनीक का इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा है। इसमें मजबूत भू-तकनीकी बैग में बालू या मिट्टी भरकर नदी किनारे लगाया जाता है, जिससे पानी के तेज बहाव का प्रभाव कम होता है।

राघोपुर तटबंध पर भी इसी तकनीक के माध्यम से कटाव को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते पर्याप्त संख्या में जियो बैग लगाने से तटबंध को सुरक्षित रखा जा सकता है।

ग्रामीणों में जगी उम्मीद

मंत्री के निरीक्षण और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश के बाद स्थानीय ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि समय रहते अगर कटाव रोकने के उपाय किए जाते हैं तो बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगातार निगरानी बनाए रखने और जरूरत के अनुसार तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।

सरकार की नजर तटबंधों की सुरक्षा पर

राज्य सरकार मानसून के दौरान सभी प्रमुख तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। जल संसाधन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राघोपुर तटबंध का मामला भी इसी प्राथमिकता के तहत देखा जा रहा है। मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि तटबंध सुरक्षा में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध पर बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। 25,000 जियो बैग लगाने के लक्ष्य और मेगा जियो बैग के उपयोग से प्रशासन को उम्मीद है कि कटाव पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा और क्षेत्र को बाढ़ के संभावित खतरे से बचाया जा सकेगा।