भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (BCE) के स्टार्टअप सेल की ओर से विशेष कार्यशाला सह व्याख्यान का आयोजन; कई वक्ताओं ने रखे अपने विचार, छात्रों में उद्यमिता और नवाचार की अलख जगाई

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (Bhagalpur College of Engineering - BCE) में युवा विद्यार्थियों के भीतर छिपी उद्यमिता (Entrepreneurship) की भावना और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। BCE के स्टार्टअप सेल (Startup Cell) के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों और सफल युवा उद्यमियों ने शिरकत की। कार्यशाला के मुख्य सत्र में कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे और छात्रों को केवल नौकरी तलाशने वाले (Job Seekers) की बजाय नौकरी देने वाले (Job Creators) बनने के लिए प्रेरित किया। इस आयोजन ने परिसर में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है।

कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ और दीप प्रज्ज्वलन

भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के मुख्य सभागार में आयोजित इस कार्यशाला की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति: कार्यक्रम में संस्थान के प्राचार्य, स्टार्टअप सेल के समन्वयक (Coordinator), विभिन्न विभागों के प्रोफेसर और स्टार्टअप क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेष अतिथि वक्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

उद्देश्य और रूपरेखा: स्टार्टअप सेल के मुख्य समन्वयक ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी के दौर में स्टार्टअप्स के महत्व से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक सोच होना बेहद आवश्यक है।

वक्ताओं के विचार: ‘आईडिया से लेकर स्टार्टअप तक का सफर’

कार्यशाला का सबसे ज्ञानवर्धक हिस्सा विभिन्न वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए विचार और उनके व्यावहारिक अनुभव रहे। मंच पर आए एक-एक वक्ता ने छात्रों को शून्य से शिखर तक पहुंचने के अपने अनुभवों से अवगत कराया:

सृजनशीलता और जोखिम उठाने की क्षमता: पहले वक्ता के रूप में बोलते हुए एक प्रख्यात उद्यमी ने कहा कि किसी भी स्टार्टअप की नींव एक छोटे से विचार (Idea) पर टिकी होती है। जब तक विद्यार्थी अपनी कम्फर्ट जोन (Comfort Zone) से बाहर निकलकर जोखिम उठाने का साहस नहीं जुटाएंगे, तब तक वे एक सफल उद्यमी नहीं बन सकते। उन्होंने विफलता से न डरने और हर असफलता को एक नए सबक के रूप में देखने की सलाह दी।

तकनीक और एआई (AI) का सही इस्तेमाल: तकनीकी सत्र के दौरान वक्ताओं ने जोर दिया कि आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का है। इंजीनियरिंग के छात्र यदि अपनी तकनीकी स्किल्स को समाज की किसी वास्तविक समस्या (Real-world Problem) के समाधान में लगाएं, तो उनका स्टार्टअप तेजी से सफल हो सकता है।

सरकारी योजनाओं और फंडिंग की जानकारी: कार्यशाला में केंद्र और बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्टार्टअप नीतियों (जैसे 'बिहार स्टार्टअप पॉलिसी') और वित्तीय सहायता (Funding) की प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने छात्रों को समझाया कि अपने प्रोजेक्ट के लिए सीड फंडिंग (Seed Funding) और इन्क्यूबेशन सेंटर (Incubation Centre) का लाभ कैसे उठाया जा सकता है।

छात्रों की सक्रिय भागीदारी और प्रश्नोत्तर सत्र

कार्यक्रम के दौरान BCE के विभिन्न संकायों (CSE, ECE, Mechanical, Civil आदि) से आए छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह दिखाया।

जिज्ञासाओं का समाधान: वक्ताओं के संबोधन के बाद एक विस्तृत प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र आयोजित किया गया। छात्रों ने खुलकर सवाल पूछे—जैसे "कॉलेज की पढ़ाई के साथ स्टार्टअप कैसे शुरू करें?", "शुरुआती चरण में फंडिंग कहां से मिलती है?", और "आईडिया के कॉपी होने से कैसे बचा जाए?"।

विशेष मार्गदर्शन: वक्ताओं ने प्रत्येक छात्र के सवाल का संतोषजनक उत्तर दिया और उन्हें उनके प्रोजेक्ट्स पर व्यक्तिगत सलाह भी दी। कई छात्रों ने अपने मन में चल रहे बिजनेस आइडियाज को भी साझा किया, जिसकी वक्ताओं ने खासी सराहना की।

स्टार्टअप सेल की भविष्य की योजनाएं और संकल्प

कार्यक्रम के अंत में BCE स्टार्टअप सेल के अधिकारियों ने आगामी सत्र की कार्ययोजनाओं की घोषणा की।

इन्क्यूबेशन और मेंटरशिप प्रोग्राम: कॉलेज परिसर में जल्द ही एक अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर को और अधिक सक्रिय किया जाएगा, जहां छात्रों को उनके प्रोडक्ट्स के प्रोटोटाइप (Prototype) तैयार करने के लिए तकनीकी संसाधन और मेंटरशिप मिल सकेगी।

बेड-पिचिंग प्रतियोगिता: संस्थान स्तर पर जल्द ही एक 'बिजनेस प्लान पिचिंग कॉम्पिटिशन' आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें विजेता छात्रों को सीड मनी और सीड सपोर्ट के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।

भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के स्टार्टअप सेल के बैनर तले आयोजित यह कार्यशाला इस बात का प्रमाण है कि अब तकनीकी शिक्षण संस्थान केवल किताबी डिग्रियां देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के भावी इंजीनियरों को एक सफल उद्यमी और उद्योगपति के रूप में ढालने के लिए पूरी तरह गंभीर हैं। वक्ताओं द्वारा रखे गए प्रेरणादायक विचारों और दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों ने छात्रों के भीतर एक नई दिशा और सोच पैदा की है, जो निश्चित रूप से आने वाले समय में सिल्क सिटी भागलपुर से नए और अनूठे स्टार्टअप्स को जन्म देगी।