तिलकामांझी उपद्रव मामले में पुलिस की कड़ी कार्रवाई; आरोपियों की संख्या अधिक होने के कारण रविवार की देर रात तक चली रिमांड और कागजी प्रक्रिया, 14 नाबालिग भी किए गए निरुद्ध

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के संवेदनशील तिलकामांझी चौक व आसपास के इलाकों में हुए उपद्रव और विधि-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश के मामले में जिला प्रशासन और पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पकड़े गए उपद्रवियों और संदिग्धों की संख्या काफी अधिक होने के कारण पुलिस को कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति यह रही कि आरोपियों से पूछताछ, कागजी कार्रवाई और उनके रिमांड की प्रक्रिया को अंतिम रूप देते-देते रविवार की पूरी रात बीत गई और यह प्रक्रिया देर रात तक चली। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अब तक कई नामजद और अज्ञात उपद्रवियों पर शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें बालिग आरोपियों के साथ-साथ कानून के दायरे में रखते हुए नाबालिगों को भी संरक्षा एवं नियमों के तहत निरुद्ध किया गया है।

क्या था पूरा मामला और क्यों बढ़ानी पड़ी सख्ती?

भागलपुर के व्यस्ततम तिलकामांझी चौक पर कुछ दिनों पहले अचानक उपद्रव, तोड़फोड़ और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। दो पक्षों के बीच उपजे टकराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की इस घटना को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया था।

इंटेलिजेंस और सीसीटीवी फुटेज की मदद: घटना के बाद पुलिस ने इलाके में लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, ड्रोन वीडियो और लोकल इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की।

बड़ी संख्या में हुई थी गिरफ्तारियां: पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए प्रारंभिक चरण में ही कई उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया था। इनमें से मुख्य भूमिका निभाने वाले और उपद्रव का नेतृत्व करने वाले संदिग्धों की पहचान कर उन्हें कानूनी शिकंजे में लिया गया है।

रविवार की देर रात तक क्यों चली रिमांड की प्रक्रिया?

चूंकि इस मामले में नामजद और संलिप्त आरोपियों की संख्या बहुत अधिक थी, इसलिए रविवार का पूरा दिन कागजी कार्रवाई, मेडिकल जांच और कानूनी दस्तावेजों को तैयार करने में निकल गया:

लंबी पूछताछ और दस्तावेजों का मिलान: रविवार की शाम ढलने के बाद भी थानों और पुलिस लाइन में उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में आरोपियों से लंबी पूछताछ का दौर चला। कौन- किस साजिश में शामिल था और उपद्रव के दौरान किसकी क्या भूमिका थी, यह सुनिश्चित करने के लिए रिमांड के कागजात तैयार किए गए।

कानूनी पेचीदगियां: आरोपियों की तादाद ज्यादा होने की वजह से कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने और पुलिस रिमांड की अर्जी तैयार करने में समय लगा, जिसके कारण यह पूरी प्रक्रिया रविवार की देर रात तक जाकर पूरी हो सकी।

नाबालिगों की संलिप्तता और किशोर न्याय बोर्ड (JJB) की कार्रवाई

इस पूरे उपद्रव प्रकरण में एक बेहद संवेदनशील पहलू यह भी सामने आया है कि कई ऐसे किशोर भी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है:

14 नाबालिग किए गए निरुद्ध: पुलिस सूत्रों के अनुसार, उपद्रव और पत्थरबाजी की इस घटना में संलिप्तता पाए जाने के बाद 14 नाबालिगों को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया है। किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए इन्हें बाल सुधार गृह या विधिक प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अपनाई गई।

नाबालिगों के परिजनों को दी गई सूचना: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के मामलों में बाल कल्याण पुलिस इकाई (Child Welfare Police Officer) की देखरेख में काउंसलिंग और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है, ताकि वे असामाजिक तत्वों के बहकावे में न आएं।

अन्य आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी जारी

रविवार की रात रिमांड और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस अब इस कांड के अन्य फरार और पर्दे के पीछे रहकर उपद्रव भड़काने वाले मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है:

विशेष टीमों का गठन: जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में कई विशेष टीमों (Special Teams) का गठन किया गया है, जो भागलपुर के अलावा आसपास के जिलों में भी लगातार छापेमारी कर रही हैं।

वीडियो फुटेज से हो रही शिनाख्त: पुलिस उन तमाम चेहरों की पहचान करने में जुटी है जो वीडियो में पत्थरबाजी या तोड़फोड़ करते हुए साफ तौर पर नजर आ रहे हैं, लेकिन अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

प्रशासन की दो टूक: शांति व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

जिला प्रशासन और पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन ने यह भी कड़ा संदेश दिया है कि शहर की शांति, भाईचारा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले चाहे वे किसी भी दल या वर्ग से जुड़े हों, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। रविवार की देर रात तक चली इस मैराथन पुलिस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से सख्त रुख अपनाए हुए है।