बकाया वेतन की मांग को लेकर शिक्षा कार्यालय पहुंचे शिक्षक शारीरिक शिक्षकों ने जिला प्रशासन के समक्ष उठाई अपनी आवाज

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिला शिक्षा कार्यालय में उस समय शिक्षकों की भारी भीड़ जुट गई, जब विभिन्न प्रखंडों से आए शारीरिक शिक्षकों और स्वास्थ्य अनुदेशकों ने अपने लंबित मानदेय भुगतान की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बीते कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहे ये शिक्षक अपनी पीड़ा लेकर सीधे जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलकर जल्द से जल्द बकाया राशि के भुगतान की गुहार लगाई।

शिक्षा कार्यालय में शिक्षकों का जुटान और प्रमुख मांगें

कार्यालय पहुंचे शिक्षकों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से अधिकारियों के समक्ष रखा:

चार महीने से रुका है मानदेय: शिक्षकों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण उनके सामने अपने परिवारों का भरण-पोषण करना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना असंभव हो गया है।

ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग: शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि राज्य मुख्यालय से समन्वय स्थापित कर अविलंब वित्तीय आवंटन जारी किया जाए ताकि रुका हुआ वेतन उनके खातों में ट्रांसफर हो सके।

अधिकारियों का रुख और आश्वासन

शिक्षा कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना:

आवंटन की प्रक्रिया: अधिकारियों ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि राज्य स्तर से बजट और आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जैसे ही राशि प्राप्त होगी, प्राथमिकता के आधार पर सभी शिक्षकों के बकाए का भुगतान कर दिया जाएगा।

संवेदनशीलता बरतने की अपील: विभाग ने शिक्षकों से संयम बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

वेतन की मांग को लेकर शिक्षा कार्यालय पहुंचे शारीरिक शिक्षकों का यह प्रदर्शन इस बात का गवाह है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों को समय पर मानदेय मिलना कितना आवश्यक है। शिक्षकों की इस मुखर मांग के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि शिक्षा विभाग जल्द ही इस वित्तीय संकट का कोई ठोस समाधान निकालेगा।