पर्यटन मंत्री के बेटे से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी की मांग, पूर्व बीजेपी विधायक को भी मिली जान से मारने की धमकी

पटना: बिहार में आपराधिक गतिविधियों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। राज्य के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे से कथित तौर पर रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह रंगदारी कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर मांगी गई है। इसके अलावा बिहार के ही पूर्व भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर को जान से मारने की धमकी मिलने की बात भी सामने आई है।

इन दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और धमकी देने वालों की पहचान करने के लिए तकनीकी और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई जा रही है।

मंत्री के बेटे से मांगी गई रंगदारी

जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे को कथित रूप से धमकी भरा संदेश या कॉल प्राप्त हुआ, जिसमें रंगदारी की मांग की गई। धमकी देने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान और उसकी वास्तविक मंशा का पता लगाया जा रहा है।

लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल

पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि धमकी वास्तव में किसी संगठित अपराध गिरोह की ओर से दी गई है या फिर किसी व्यक्ति ने डर पैदा करने के लिए गैंगस्टर के नाम का इस्तेमाल किया है।

अक्सर अपराधी बड़े नामों और चर्चित गैंग के नाम का इस्तेमाल कर लोगों में भय पैदा करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रेस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करती है।

पूर्व भाजपा विधायक को भी मिली धमकी

इधर, बिहार के पूर्व भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर को भी जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। धमकी के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

पूर्व विधायक ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी है। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है और धमकी देने वाले व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

एक मंत्री के परिवार और पूर्व विधायक को धमकी मिलने के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा सकते हैं।

राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को मिलने वाली धमकियों के मामलों में पुलिस प्रशासन पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। धमकी किस माध्यम से दी गई, किस नंबर या अकाउंट से संपर्क किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या ये अलग-अलग मामले हैं।

साइबर और तकनीकी जांच पर जोर

इस तरह के मामलों में पुलिस अब तकनीकी जांच का सहारा लेती है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के माध्यम से संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की जाती है।

अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वालों को जल्द चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

मंत्री के बेटे और पूर्व विधायक को धमकी मिलने की खबर के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। नेताओं ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई है।

वहीं, सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अपराधियों पर कार्रवाई का दावा

प्रशासन का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध और रंगदारी जैसे मामलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की धमकी मिलने पर तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें और घबराने की जरूरत नहीं है।

बिहार में पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे से कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने और पूर्व भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर को जान से मारने की धमकी मिलने के मामलों ने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है और धमकी देने वालों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इन घटनाओं के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज होने की संभावना है।