तिलकामांझी चौक पर टोटो चालकों की मनमानी से लग रहा जाम, प्रशासनिक आदेशों को लेकर चालकों में असमंजस

भागलपुर:बिहार के सुल्तान सिटी कहे जाने वाले भागलपुर शहर में यातायात व्यवस्था (Traffic Management) को सुचारू बनाए रखना जिला प्रशासन और यातायात पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शहर के व्यस्तम इलाकों में शुमार तिलकामांझी चौक पर आए दिन लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा कई तरह के बदलाव किए गए हैं। इसी कड़ी में टोटो के परिचालन के लिए हटिया रोड का नया रूट निर्धारित किया गया था, ताकि मुख्य चौक पर वाहनों का दबाव कम हो सके।

लेकिन, धरातल पर नियमों के पालन में हो रही लाचारी और कुछ टोटो चालकों की मनमानी के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है। यातायात नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक आदेशों में स्पष्टता की कमी के कारण अब चालकों के बीच ही असमंजस और आपसी विवाद की स्थिति उत्पन्न होने लगी है।

निर्धारित रूट की अनदेखी और बढ़ती परेशानी

तिलकामांझी चौक पर वाहनों के बेकाबू दबाव और लगातार रेंगती गाड़ियों की समस्या को दूर करने के लिए यातायात विभाग ने रणनीतिक कदम उठाते हुए टोटो के लिए हटिया रोड होकर गुजरने का निर्देश दिया था। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह था कि चौक के मुख्य चौराहे पर टोटो की लंबी कतारें न लगें और आम जनता के साथ-साथ स्कूली बच्चों व एम्बुलेंस को भी जाम का सामना न करना पड़े।

हालांकि, नियम बनने के बावजूद रोजाना धड़ल्ले से कुछ टोटो चालकों द्वारा इसका उल्लंघन किया जा रहा है। स्थिति यह है कि कई टोटो चालक निर्धारित रूट (हटिया रोड) से जाने के बजाय सीधे तिलकामांझी चौक से एसएसपी आवास के आगे से अपने वाहनों का परिचालन कर रहे हैं। इस वीआईपी और संवेदनशील इलाके से अचानक टोटो की आवाजाही शुरू होने से वहां दोबारा ट्रैफिक का दबाव बढ़ने लगा है।

चालकों में क्यों है असमंजस की स्थिति?

इस मनमाने रवैये का सबसे बुरा असर उन अनुशासित चालकों पर पड़ रहा है जो प्रशासन के निर्देशों का ईमानदारी से पालन करते हुए हटिया रोड वाले लंबे या वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रहे हैं।

जब कुछ चालकों को रोक-टोक के बिना एसएसपी आवास के सामने से धड़ल्ले से निकलते देखा जाता है, तो अन्य टोटो चालकों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी हो जाता है कि आखिर नियम किसके लिए हैं? चालकों के बीच इस बात को लेकर गहरी ऊहापोह और भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि क्या यातायात पुलिस की तरफ से रूट के नियमों में कोई ढील दी गई है या फिर कोई नया संशोधित आदेश जारी किया गया है?

एक ही शहर और एक ही रूट के लिए अलग-अलग नियमों का पालन होता देख चालकों में आपसी खींचतान और प्रशासनिक सुस्ती को लेकर रोष भी देखने को मिल रहा है।

प्रशासनिक सख्ती और स्पष्टता की सख्त जरूरत

स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और रोजमर्रा सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि जब तक यातायात पुलिस इस मामले में पूरी तरह सख्त रुख नहीं अपनाती और दिशा-निर्देशों को लेकर कोई पारदर्शी व स्पष्ट आदेश जारी नहीं करती, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकलना मुश्किल है।

एकसमान नियम: प्रशासन को चाहिए कि वह सभी टोटो चालकों के लिए रूट का नियम अनिवार्य रूप से लागू करे।

याचिका व मॉनिटरिंग: एसएसपी आवास और तिलकामांझी चौक के पास यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जाए ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

भ्रम दूर करना: पुलिस प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर या आधिकारिक सूचना के जरिए रूट चार्ट को लेकर स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए ताकि चालकों के बीच का असमंजस खत्म हो सके।

भागलपुर की जनता और जागरूक वाहन चालकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस दिशा में तुरंत संज्ञान लिया जाए, ताकि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पटري पर लौट सके और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।