सिल्क सिटी में ठगी का जाल लगातार फैला; आदमपुर की महिला से हजारों-लाखों की धोखाधड़ी, जोगसर थाना में प्राथमिकी दर्ज; पूर्व में भी सामने आ चुके हैं कई ऐसे मामले
भागलपुर, विशेष संवाददाता: भागलपुर जिला अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ इन दिनों साइबर ठगों और फ्रॉड करने वालों के नए-नए कारनामों के लिए भी चर्चा में है। सिल्क सिटी के पॉश इलाकों में शुमार आदमपुर मोहल्ले की रहने वाली एक महिला के साथ ठगी का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। शातिर ठगों ने महिला को अपने झांसे में लेकर बड़ी ही चालाकी से बड़ी रकम की ठगी कर ली। पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर जोगसर थाना में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब तकनीकी अनुसंधान के जरिए ठगों का सुराग तलाशने में जुटी है। हैरानी की बात यह है कि भागलपुर पुलिस जिले में इस तरह के धोखाधड़ी और ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे आम नागरिकों में गहरी चिंता का माहौल है।
कैसे हुई ठगी? जानिए क्या है पूरा मामला
जोगसर थाना क्षेत्र में दर्ज कराई गई प्राथमिकी और शुरुआती पुलिस अनुसंधान के अनुसार, यह पूरी घटना सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई:
झांसे में लेने का नया तरीका: आदमपुर की रहने वाली पीड़िता महिला को शातिर ठगों ने किसी लुभावने प्रलोभन, ऑनलाइन शॉपिंग, निवेश के नाम पर या फिर खुद को किसी प्रतिष्ठित विभाग का अधिकारी बताकर अपने जाल में फंसाया। ठगों ने महिला को विश्वास दिलाया कि उन्हें कम समय में तगड़ा मुनाफा या कोई सरकारी लाभ मिल सकता है।
खाते से उड़ाई गई रकम: जब महिला पूरी तरह उनके झांसे में आ गई, तो ठगों ने अलग-अलग बहानों से उनके बैंक खातों से हजारों रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए या फिर एटीएम और यूपीआई (UPI) के जरिए ठगी की इस वारदात को अंजाम दिया। रकम कटने के बाद जब महिला को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
जोगसर थाना में मामला दर्ज, पुलिस की तकनीकी छानबीन तेज
घटना के बाद सदमे में आई पीड़िता ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी:
प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू: जोगसर थाना की पुलिस ने महिला के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस आरोपियों की पहचान करने के लिए बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स और मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है।
साइबर सेल की ली जा रही मदद: चूंकि इस तरह के मामलों में अपराधी अक्सर फर्जी सिम कार्ड और अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए जोगसर पुलिस इस मामले में जिला साइबर सेल (Cyber Cell) की भी सहायता ले रही है ताकि ठगी की गई रकम को होल्ड कराया जा सके और आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके।
शहर में पहले भी आ चुके हैं ठगी के कई मामले
भागलपुर में इस तरह की घटनाएं कोई नई नहीं हैं; इससे पहले भी कई बार आम और खास लोग ठगी का शिकार बन चुके हैं:
बढ़ता साइबर और कागजी फ्रॉड: पिछले कुछ महीनों में जोगसर, आदमपुर, तिलकामांझी और कोतवाली थाना क्षेत्रों में नौकरी दिलाने के नाम पर, बीमा पॉलिसी के नाम पर, लॉटरी निकलने का झांसा देकर तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी वारदातों के कई मामले सामने आ चुके हैं।
सतर्कता की कमी और ठगों के हौसला: पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चलाती है, इसके बावजूद लोग अनजाने में शातिर ठगों के जाल में फंस जाते हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अपराधों से बचने के लिए नागरिकों का जागरूक रहना सबसे बड़ा हथियार है।
आदमपुर की महिला के साथ हुई ठगी और जोगसर थाने में दर्ज हुआ यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि आधुनिक दौर में अपराधी किस तरह तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया जा रहा है, लेकिन नागरिकों को भी यह समझना होगा कि किसी भी अनजान कॉल, लुभावने ऑफर या ऑनलाइन लालच में आकर अपनी निजी और बैंकिंग जानकारियां साझा न करें। थोड़ी सी सतर्कता ही इस प्रकार की ठगी से बचा सकती है।