18 जिलों में बारिश और गरज-चमक के आसार, आकाशीय बिजली का खतरा बरकरार
पटना। बिहार में बुधवार, 12 अगस्त को मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। राज्य के कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।
सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर और भोजपुर समेत बिहार के कई जिलों में आज बारिश के आसार हैं। उत्तर-पश्चिमी, उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में मौसम अधिक सक्रिय रह सकता है। लोगों को खासकर आकाशीय बिजली और तेज हवा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में बारिश की संभावना
बिहार में मानसून की गतिविधियां फिलहाल पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश हो रही है। 12 अगस्त को कई जिलों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है।
सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में मौसम खराब होने की संभावना बताई गई है।
इन इलाकों में बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। कुछ जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना है।
सीवान, सारण और गोपालगंज में बदलेगा मौसम
उत्तर-पश्चिमी बिहार के सीवान, सारण और गोपालगंज में आज बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
हालांकि, खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों के लिए आकाशीय बिजली खतरा पैदा कर सकती है। गरज-चमक शुरू होने पर लोगों को खुले मैदान में रहने से बचना चाहिए।
किसानों को भी मौसम की स्थिति देखकर ही खेतों में काम करने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना बेहद खतरनाक हो सकता है।
बक्सर और भोजपुर में भी बारिश के आसार
बक्सर और भोजपुर भी आज के मौसम पूर्वानुमान में शामिल हैं। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक हो सकती है।
मानसून के दौरान बारिश किसानों के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन कम समय में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
बारिश के दौरान सड़कों पर दृश्यता कम होने से यातायात भी प्रभावित हो सकता है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
उत्तर-पूर्वी बिहार में भी सतर्क रहने की जरूरत
सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना है।
मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। कुछ ही समय में आसमान में घने बादल छाने के बाद तेज हवा और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।
इसलिए लोगों को मौसम में अचानक बदलाव होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।
आज भारी बारिश का व्यापक अलर्ट नहीं
12 अगस्त के तत्काल पूर्वानुमान में बिहार के किसी बड़े हिस्से में अत्यधिक भारी बारिश का व्यापक अलर्ट नहीं है। मुख्य चिंता गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर जिले में एक जैसी बारिश होगी। मानसूनी गतिविधियां स्थानीय स्तर पर अलग-अलग हो सकती हैं। किसी एक जिले के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है।
आकाशीय बिजली से खतरा
मानसून के दौरान बिहार में आकाशीय बिजली एक गंभीर प्राकृतिक खतरा बनी रहती है। बारिश कम होने के बावजूद बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
12 अगस्त से पहले भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है।
बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले खेत, मैदान, तालाब या ऊंचे और अकेले पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
किसानों के लिए विशेष सावधानी
बिहार की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। मानसून की बारिश फसलों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा किसानों के लिए चिंता का विषय बना रहता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि गरज-चमक शुरू होते ही खेतों में काम रोक दें और किसी पक्के भवन के अंदर चले जाएं। पेड़ के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
कृषि उपकरणों और अन्य धातु की वस्तुओं से भी इस दौरान दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहता है।
पटना में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी पटना में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
बारिश होने पर तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश के बाद उमस बढ़ने की संभावना भी रहती है। दिन में धूप निकलने पर गर्मी और नमी का असर महसूस किया जा सकता है।
पटना में भारी बारिश की संभावना तत्काल तौर पर कम बताई जा रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव संभव है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है बारिश
12 अगस्त के बाद बिहार में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है। मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमान के अनुसार 14 से 17 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में अपेक्षाकृत व्यापक बारिश हो सकती है।
इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में नदियों, निचले इलाकों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
सड़कों पर भी दिख सकता है असर
बारिश और तेज हवा का असर आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। शहरी इलाकों में अचानक बारिश से सड़कों पर पानी जमा हो सकता है और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो सकती है।
तेज हवा के दौरान पेड़, होर्डिंग, बैनर और अस्थायी संरचनाओं के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है।
लोगों को बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है।
बिजली आपूर्ति भी हो सकती है प्रभावित
तेज हवा और आकाशीय बिजली के कारण कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। बिजली के तार टूटने या ट्रांसफॉर्मर से जुड़ी समस्या होने पर लोगों को खुद उसे ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
अगर कहीं बिजली का तार गिरा दिखाई दे तो उससे दूर रहना चाहिए और संबंधित बिजली विभाग को इसकी सूचना देनी चाहिए।
बिजली गिरने के दौरान क्या करें?
आकाशीय बिजली से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका गरज-चमक शुरू होते ही किसी पक्के भवन के अंदर चले जाना है।
लोगों को खुले मैदान, खेत, छत, तालाब, नदी या अकेले पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
अगर कोई व्यक्ति खुले स्थान पर है और अचानक बिजली चमकने लगे तो उसे जल्द से जल्द सुरक्षित भवन में पहुंचना चाहिए।
येलो अलर्ट का क्या मतलब है?
येलो अलर्ट का अर्थ है कि लोगों को संभावित खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। यह जरूरी नहीं कि अलर्ट वाले हर क्षेत्र में अत्यधिक बारिश ही हो।
आज के मौसम में मुख्य खतरा गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से जुड़ा है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और मौसम खराब होने पर सावधानी बरतनी चाहिए।
बिहार में मानसून की स्थिति पर नजर
बिहार में अगस्त के दौरान मौसम मुख्य रूप से मानसूनी गतिविधियों पर निर्भर रहता है। मानसून की स्थिति में थोड़े बदलाव से कुछ जिलों में बारिश बढ़ सकती है, जबकि अन्य इलाके अपेक्षाकृत सूखे रह सकते हैं।
आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान है। इसलिए किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
बिहार में 12 अगस्त को कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के आसार हैं। सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर और भोजपुर समेत कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है। उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी बिहार के कई इलाकों में भी बारिश की संभावना है।
आज व्यापक स्तर पर अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन आकाशीय बिजली और गरज-चमक को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है।
मौसम विभाग के अनुसार 14 से 17 अगस्त के बीच बिहार में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
ऐसे में लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम का पूर्वानुमान ध्यान में रखना चाहिए। साथ ही वाहन चालकों को बारिश के दौरान सावधानी से यात्रा करनी चाहिए। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।