सुबह 9 बजे तक 4.61% मतदान, बीजेपी, राजद और जन सुराज के बीच त्रिकोणीय मुकाबला

पटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। मतदान के शुरुआती चरण में मतदाताओं की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक कुल 4.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को राज्य की राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज सिन्हा, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रत्याशी रेखा गुप्ता और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के बीच माना जा रहा है। तीन प्रमुख राजनीतिक दलों की मौजूदगी के कारण इस चुनाव ने त्रिकोणीय मुकाबले का रूप ले लिया है, जिस पर पूरे बिहार की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

शुरुआती मतदान की रफ्तार रही धीमी

मतदान सुबह निर्धारित समय पर शुरू हुआ। शुरुआती घंटों में कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या कम दिखाई दी। सुबह 9 बजे तक केवल 4.61 प्रतिशत मतदान दर्ज होने के बाद चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हो सकती है। आमतौर पर शहरी क्षेत्रों में सुबह के समय मतदान अपेक्षाकृत कम रहता है और दोपहर तथा शाम के समय मतदाताओं की संख्या बढ़ती है।

कई मतदान केंद्रों पर मतदाता अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। बुजुर्ग, महिलाएं और युवा मतदाता भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंचे। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं में भी उत्साह देखा गया।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

उपचुनाव को देखते हुए निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। मतदान प्रक्रिया की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और वेबकास्टिंग के माध्यम से भी की जा रही है।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि मतदान को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक सर्विलांस टीम और सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को रोका जा सके।

प्रमुख उम्मीदवारों पर सबकी नजर

इस उपचुनाव में सबसे अधिक चर्चा भाजपा के नीरज सिन्हा, राजद की रेखा गुप्ता और जन सुराज के प्रशांत किशोर को लेकर है। तीनों उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार के दौरान विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

भाजपा ने राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं तथा विकास कार्यों को चुनावी मुद्दा बनाया, जबकि राजद ने महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर मतदाताओं से समर्थन मांगा। दूसरी ओर जन सुराज ने व्यवस्था परिवर्तन, पारदर्शी शासन और वैकल्पिक राजनीति को अपने अभियान का प्रमुख आधार बनाया।

मतदाताओं में दिखा उत्साह

हालांकि शुरुआती मतदान प्रतिशत कम रहा, लेकिन मतदान केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं ने लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कई मतदाताओं ने कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है और प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।

महिला मतदाताओं की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली। कई केंद्रों पर महिलाओं के लिए अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी। दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

चुनाव आयोग की अपील

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में चल रहा है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता को मतदान से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह तुरंत चुनाव अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।

राजनीतिक दलों की नजर मतदान प्रतिशत पर

राजनीतिक दल मतदान प्रतिशत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। चुनावी रणनीतिकारों का मानना है कि अंतिम मतदान प्रतिशत चुनाव परिणामों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए सभी दल अपने समर्थकों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील कर रहे हैं।

नतीजों का इंतजार

मतदान संपन्न होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा। इसके बाद निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित तिथि पर मतगणना होगी और विजेता उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी।

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों को केवल एक विधानसभा सीट का परिणाम नहीं, बल्कि बिहार की मौजूदा राजनीतिक दिशा और विभिन्न दलों की जनस्वीकृति के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। यही कारण है कि राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता और विश्लेषकों की नजर भी इस चुनाव पर बनी हुई है।

फिलहाल मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दिन बढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में कितनी बढ़ोतरी होती है और अंततः किस उम्मीदवार को मतदाताओं का सबसे अधिक समर्थन मिलता है।