श्रावणी मेले के लिए पर्यटन विभाग की बड़ी सौगात; धांधी बेलारी में बन रही 500 बेड की अत्याधुनिक टेंट सिटी
सुल्तानगंज (भागलपुर): विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की भव्यता और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिहार पर्यटन विभाग ने सुल्तानगंज में एक अनूठी पहल की है। कांवरियों की सुविधा और उनके ठहरने की व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने के उद्देश्य से सुल्तानगंज के धांधी बेलारी में 500 बेड की क्षमता वाली एक अत्याधुनिक 'टेंट सिटी' का निर्माण किया जा रहा है। यह टेंट सिटी न केवल श्रद्धालुओं के लिए आराम का ठिकाना होगी, बल्कि यह आधुनिक सुविधाओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करेगी।
तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था
श्रावणी मेले के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं और यहां से गंगाजल लेकर देवघर के लिए प्रस्थान करते हैं। बढ़ती भीड़ के कारण ठहरने की समस्या एक बड़ी चुनौती रहती है। इसी समस्या के समाधान के लिए पर्यटन विभाग ने धांधी बेलारी के विशाल परिसर को चुना है। 500 बेड वाली यह टेंट सिटी श्रद्धालुओं को घर जैसा अनुभव प्रदान करेगी।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस टेंट सिटी की संरचना इस प्रकार तैयार की जा रही है कि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यहां न केवल रहने की व्यवस्था है, बल्कि उनकी सुरक्षा और स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी टेंट सिटी
इस टेंट सिटी की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
24 घंटे बिजली आपूर्ति: निर्बाध बिजली के लिए पावर बैकअप और जनरेटर की व्यवस्था की गई है, जिससे कांवरियों को तपती गर्मी और रात के अंधेरे में कोई परेशानी न हो।
स्वच्छ पेयजल: परिसर में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ (RO) प्लांट और वाटर कूलर लगाए जा रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य के प्रति सतर्क श्रद्धालु सुरक्षित पानी का उपयोग कर सकें।
आधुनिक शौचालय और स्नानघर: स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त संख्या में आधुनिक शौचालय और स्नानागार बनाए जा रहे हैं।
भोजन और चिकित्सा सुविधा: टेंट सिटी परिसर में कांवरियों के लिए शुद्ध और सात्विक भोजन की व्यवस्था के साथ-साथ एक अस्थायी चिकित्सा केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है। यहां प्राथमिक उपचार और एम्बुलेंस की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था: पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों द्वारा की जाएगी। साथ ही, सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
पर्यटन विभाग की कार्ययोजना
पर्यटन विभाग ने इस प्रोजेक्ट को युद्ध स्तर पर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मेले के उद्घाटन से पूर्व ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी। धांधी बेलारी स्थित यह टेंट सिटी न केवल कांवरियों के लिए एक आश्रय स्थल होगी, बल्कि यह बिहार में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की एक बड़ी कड़ी भी साबित होगी।
विभाग का प्रयास है कि सुल्तानगंज को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ श्रद्धालुओं को धार्मिक शांति के साथ-साथ आधुनिक सुख-सुविधाएं भी प्राप्त हों।
स्थानीय प्रशासन और जनभागीदारी
स्थानीय प्रशासन भी इस टेंट सिटी के निर्माण में पूरी सक्रियता दिखा रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। जिलाधिकारी ने स्वयं कार्यस्थल का मुआयना किया है और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि टेंट सिटी के निर्माण से न केवल बाहरी श्रद्धालुओं को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों को मेले के दौरान रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
मेले की बदलती तस्वीर
पिछले कुछ वर्षों में श्रावणी मेले के स्वरूप में व्यापक बदलाव आए हैं। अब तकनीक और प्रबंधन का तालमेल बिठाकर मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। धांधी बेलारी की यह टेंट सिटी इसी बदलाव का एक बड़ा हिस्सा है। श्रद्धालु अब इस सुविधा को लेकर काफी उत्साहित हैं, क्योंकि अब उन्हें खुले आसमान या पेड़ों के नीचे रात नहीं बितानी पड़ेगी।
सुल्तानगंज में पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा यह प्रयास सराहनीय है। धांधी बेलारी का यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में अन्य तीर्थ स्थलों के लिए एक मॉडल बनकर उभरेगा। कांवरियों के लिए अब गंगा यात्रा और अधिक सुखद और सुरक्षित होगी। श्रावणी मेला 2026 में आने वाले शिवभक्तों के लिए यह आधुनिक टेंट सिटी स्वागत के लिए तैयार है।