गिरफ्तारी से बचने के लिए बदला हुलिया, दाढ़ी कटवाकर छिपने की कोशिश; वीडियो फुटेज से पुलिस ने दबोचा
भागलपुर: 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान भागलपुर के तिलकामांझी चौराहे पर हुई हिंसा, पथराव और उपद्रव के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में पुलिस को जांच के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आरोप है कि पथराव में शामिल हबीबपुर थाना क्षेत्र के बदरे आलमपुर निवासी 20 वर्षीय मुहम्मद जिशान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना हुलिया बदल लिया था। घटना के समय उसके चेहरे पर दाढ़ी थी, लेकिन बाद में उसने दाढ़ी साफ करा ली ताकि पुलिस उसे पहचान न सके। हालांकि, वीडियो फुटेज, स्टिल फोटोग्राफी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ शाहजंगी निवासी आरसी अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा में शामिल अन्य आरोपितों की पहचान का काम भी तेजी से चल रहा है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बिहार बंद के दौरान हुआ था उपद्रव
25 जुलाई को बिहार बंद के आह्वान के दौरान राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन हुए थे। भागलपुर के तिलकामांझी चौराहे पर भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। इस दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया और पथराव, तोड़फोड़ तथा पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए विशेष जांच शुरू की गई।
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदला हुलिया
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपित मुहम्मद जिशान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना हुलिया बदल लिया था। घटना के समय वह दाढ़ी में दिखाई दे रहा था, लेकिन बाद में उसने अपनी दाढ़ी पूरी तरह साफ करा ली।
पुलिस का मानना है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया ताकि वीडियो फुटेज में दिख रहे चेहरे और वर्तमान स्वरूप में अंतर हो जाए तथा पहचान करना मुश्किल हो सके। हालांकि आधुनिक तकनीकी जांच और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के कारण उसकी यह कोशिश सफल नहीं हो सकी।
वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्य बने अहम सबूत
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, मीडिया संस्थानों की वीडियो रिकॉर्डिंग, स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो और स्टिल फोटोग्राफ का बारीकी से विश्लेषण किया।
इन सभी साक्ष्यों का मिलान तकनीकी जांच के साथ किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मुहम्मद जिशान की पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इसी कार्रवाई के दौरान शाहजंगी निवासी आरसी अंसारी को भी हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में जुटी पुलिस
दोनों आरोपितों से पुलिस पूछताछ कर रही है। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि हिंसा की योजना कैसे बनाई गई, उसमें कितने लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे किसी संगठित समूह की भूमिका थी।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपितों ने हिंसा के दौरान किस प्रकार की भूमिका निभाई और क्या वे पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं।
अन्य आरोपितों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है।
जिन लोगों की भूमिका हिंसा में सामने आएगी, उनके खिलाफ भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
डिजिटल जांच पर विशेष जोर
इस मामले की जांच में पुलिस आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के अलावा मोबाइल फोन डेटा, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के कारण पहचान छिपाने या हुलिया बदलने जैसी कोशिशें अब ज्यादा समय तक सफल नहीं हो पातीं।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर हमला करने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा और कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास घटना से संबंधित कोई वीडियो, फोटो या अन्य जानकारी हो, तो उसे जांच एजेंसियों के साथ साझा करें।
प्रशासन का कहना है कि आम जनता के सहयोग से आरोपितों की पहचान और जांच को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
भागलपुर के तिलकामांझी चौराहे पर 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। आरोप है कि मुहम्मद जिशान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी दाढ़ी कटवाकर हुलिया बदलने की कोशिश की, लेकिन वीडियो फुटेज, स्टिल फोटोग्राफ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ आरसी अंसारी को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि आधुनिक तकनीक की मदद से पहचान छिपाने के प्रयास भी जांच एजेंसियों से लंबे समय तक नहीं बच सकते।