अजगैवीनाथ मंदिर घाट का एडीएम समेत अधिकारियों ने किया निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
भागलपुर: सावन माह और आगामी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अजगैवीनाथ मंदिर घाट का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाट, मंदिर परिसर, पहुंच मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, प्रकाश व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए समय रहते सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर
जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान अजगैवीनाथ मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। विशेषकर सोमवार और अन्य महत्वपूर्ण तिथियों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास मार्ग, भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कहीं भी अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
घाटों की साफ-सफाई और स्वच्छता की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान नगर निकाय और सफाई विभाग के अधिकारियों को घाटों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए घाट परिसर, मंदिर क्षेत्र और आसपास के सार्वजनिक स्थानों की सफाई लगातार होती रहनी चाहिए।
उन्होंने कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था, नियमित कचरा उठाव और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। घाटों पर पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, कंट्रोल रूम, सार्वजनिक घोषणा प्रणाली तथा आपातकालीन निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
आपदा प्रबंधन और जल सुरक्षा पर फोकस
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने भी घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी किनारे सुरक्षा बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, लाइफ जैकेट, लाइफ बोट और गोताखोरों की उपलब्धता की समीक्षा की।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों के साथ समन्वय बनाए रखा जाए। जल पुलिस और प्रशिक्षित गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, एंबुलेंस सेवा, मेडिकल टीम और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का कहना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण किसी भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था रहनी चाहिए।
हीट स्ट्रोक, फिसलन, चोट या अन्य आकस्मिक घटनाओं के लिए मेडिकल स्टाफ को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही पेयजल और ओआरएस की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
बिजली और पेयजल व्यवस्था की समीक्षा
बिजली विभाग के अधिकारियों ने मंदिर परिसर और घाट क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण किया। खराब स्ट्रीट लाइट और विद्युत उपकरणों की मरम्मत के निर्देश दिए गए ताकि रात्रि के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने, अस्थायी जल स्टॉल लगाने और स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों ने दिए आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के अंत में एडीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी कमी को समय रहते दूर करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने जताई उम्मीद
स्थानीय नागरिकों और मंदिर समिति के सदस्यों ने प्रशासन के निरीक्षण का स्वागत किया। उनका कहना है कि समय रहते तैयारियां पूरी होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे।
व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों ने भी उम्मीद जताई कि सुव्यवस्थित व्यवस्था से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सावन और अन्य धार्मिक अवसरों के दौरान अजगैवीनाथ मंदिर घाट पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। सभी संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिले तथा उनकी धार्मिक यात्रा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।