सबौर के फरका पंचायत में गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटाव पर प्रशासन अलर्ट खेल मैदान के पास खतरे को देख डीएम के निर्देश पर सीओ और राजस्व कर्मचारी ने किया स्थलीय निरीक्षण, ग्रामीणों में राहत

भागलपुर: मानसून के मौसम में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और उससे उत्पन्न होने वाले कटाव के खतरों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत आने वाली फरका पंचायत में खेल मैदान के पास गंगा के बढ़ते जलस्तर और उससे हो रहे संभावित कटाव को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी (DM) और अंचल अधिकारी (CO) ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। प्रशासनिक निर्देश के अनुपालन में राजस्व कर्मचारी ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और वहां के हालात का जायजा लेते हुए स्थानीय ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

ग्रामीणों की शिकायत और प्रशासनिक त्वरित एक्शन

फरका पंचायत के खेल मैदान के आसपास के इलाके में जलस्तर बढ़ने से स्थिति संवेदनशील हो गई थी:

कटाव की आशंका से दहशत: ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते एहतियाती कदम नहीं उठाए गए, तो खेल मैदान और आसपास की उपजाऊ जमीन तथा रास्ते पानी के तेज कटाव की चपेट में आ सकते हैं।

डीएम तक पहुंची बात: स्थानीय लोगों द्वारा इस समस्या की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंचाई गई, जिस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत स्थानीय अंचल कार्यालय को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

राजस्व कर्मचारी की ग्राउंड विजिट: डीएम और सीओ के निर्देश के बाद राजस्व कर्मचारी ने बिना देर किए फरका पंचायत का रुख किया और खेल मैदान के पास पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

स्थल निरीक्षण और ग्रामीणों के साथ संवाद

मौके पर पहुंचे राजस्व अधिकारी ने स्थिति का बारीकी से आकलन किया:

ग्रामीणों से फीडबैक: निरीक्षण के दौरान राजस्व कर्मचारी ने स्थानीय निवासियों और किसानों से बातचीत कर जलस्तर में हो रही वृद्धि और कटाव के पिछले रुझानों के बारे में जानकारी ली।

नुकसान के आकलन की प्रक्रिया: टीम ने यह देखा कि वर्तमान में जलस्तर बढ़ने से किस हिस्से पर सबसे ज्यादा दबाव बन रहा है, ताकि उच्च अधिकारियों को सटीक रिपोर्ट सौंपी जा सके।

अंचल अधिकारी (CO) का बयान और आगामी कदम

इस पूरे घटनाक्रम पर अंचल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है:

सतर्कता और निगरानी: सीओ ने कहा कि जलस्तर में हो रही वृद्धि और कटाव की शिकायतों को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षात्मक उपायों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

संभावित खतरों से निपटने की तैयारी: प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जलस्तर बढ़ने से जनजीवन, खेल मैदान या किसी भी प्रकार की संपत्ति का नुकसान न हो।

सबौर के फरका पंचायत में खेल मैदान के समीप गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटाव की शिकायत पर जिला प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता यह दर्शाती है कि आम जनता की समस्याओं के प्रति अधिकारी कितने संवेदनशील हैं। समय रहते स्थलीय निरीक्षण और प्रशासनिक पड़ताल शुरू होने से स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन के इस proactive approach से संभावित आपदा को समय रहते रोकने में मदद मिलेगी।