तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में एमएड (सत्र: 2025-27) नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू होने की प्रबल संभावना; कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा से मांगी गई औपचारिक अनुमति, छात्र प्रतिनिधियों के सुझाव पर प्रशासन कर रहा है विचार

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: उच्च शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों के लिए तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) से एक बेहद राहत भरी और उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही शिक्षा शास्त्र में स्नातकोत्तर यानी एमएड (M.Ed - सत्र: 2025-27) पाठ्यक्रम में नामांकन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा से औपचारिक अनुमति मांगी गई है। हाल ही में छात्र संगठनों और बीएड (B.Ed) के विद्यार्थियों के साथ हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था, जहाँ सत्र नियमितीकरण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए थे। कुलपति की हरी झंडी मिलते ही विभाग द्वारा विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

बीएड विद्यार्थियों की मांग और बैठक का मुख्य एजेंडा

टीएमबीयू परिसर में शिक्षा विभाग और संबद्ध बीएड कॉलेजों के छात्रों के साथ हाल ही में हुई बैठक के दौरान सत्र को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी:

एक ही सत्र में नामांकन का सुझाव: बैठक में मौजूद बीएड के छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के समक्ष यह विशेष सुझाव रखा था कि एमएड पाठ्यक्रमों में नामांकन प्रक्रिया को इस प्रकार संचालित किया जाए ताकि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो और समय पर सत्र का संचालन हो सके। छात्रों का तर्क था कि यदि समयानुसार प्रक्रिया शुरू हो, तो सत्र 2025-27 की राह आसान हो जाएगी।

शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने की कवायद: पिछले कुछ वर्षों से विश्वविद्यालयों में विलंब से चल रहे सत्रों को दुरुस्त करने के लिए टीएमबीयू प्रशासन अब पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। छात्र प्रतिनिधियों के इसी सकारात्मक सुझाव को ध्यान में रखते हुए विभाग ने एमएड नामांकन की फाइल को आगे बढ़ाया है।

कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा के पाले में गेंद, जल्द मिल सकती है हरी झंडी

एमएड सत्र 2025-27 के संचालन को लेकर विभाग द्वारा सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं:

अनुमति के लिए फाइल प्रेषित: शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सत्र शुरू करने से जुड़े तमाम प्रावधानों, सीटों की संख्या और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के मानकों का हवाला देते हुए प्रस्ताव कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा के पास अनुमोदन के लिए भेज दिया है।

प्रशासनिक प्रतिबद्धता: विश्वविद्यालय सूत्रों का कहना है कि कुलपति प्रो. झा छात्रहित और समयबद्ध सत्र संचालन को लेकर हमेशा से सकारात्मक रहे हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कुलपति स्तर से जल्द ही इस प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी, जिसके बाद प्रवेश परीक्षा या चयन प्रक्रिया का खाका खींचा जाएगा।

नामांकन प्रक्रिया और प्रवेश परीक्षा की रूपरेखा

एक बार अनुमति मिलने के बाद टीएमबीयू में एमएड सत्र 2025-27 के लिए निम्नलिखित चरणों में प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है:

विस्तृत विज्ञापन (Notification): अनुमति मिलते ही विश्वविद्यालय द्वारा अखबारों और आधिकारिक वेबसाइट (tmbuniv.ac.in) पर नामांकन का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें योग्यता, आवेदन शुल्क और अंतिम तिथि की जानकारी होगी।

योग्यता और पात्रता: मान्यता प्राप्त संस्थान से न्यूनतम 50% अंकों के साथ बीएड (B.Ed) या समकक्ष डिग्री उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी इस पाठ्यक्रम के लिए पात्र होंगे।

पारदर्शी चयन प्रक्रिया: नियमानुसार प्रवेश परीक्षा (Entrance Test) या मेरिट लिस्ट के आधार पर योग्य विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, ताकि मेधावी छात्रों को प्राथमिकता मिल सके।

छात्रों में खुशी का माहौल, भविष्य को लेकर जगी उम्मीद

एमएड पाठ्यक्रम शुरू होने की सुगबुगाहट से उन युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है जो भागलपुर विश्वविद्यालय से ही उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं:

प्रतिक्रियाएं: कई बीएड पास छात्रों ने कहा कि अगर समय पर एमएड सत्र शुरू होता है, तो उन्हें बाहरी विश्वविद्यालयों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उनका बहुमूल्य समय बचेगा।

शिक्षण संस्थानों को मिलेंगे प्रशिक्षित शिक्षक: शिक्षाविदों का मानना है कि टीएमबीयू में एमएड की पढ़ाई नियमित होने से क्षेत्र के ट्रेनिंग कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों को उच्च कोटि के शिक्षक व प्रशिक्षक प्राप्त होंगे।

टीएमबीयू में एमएड (सत्र: 2025-27) की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना और कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक सुधार की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहा है। छात्रहित में दिए गए सुझावों को शामिल करते हुए यदि यह प्रक्रिया जल्द शुरू होती है, तो यह टीएमबीयू के शैक्षणिक इतिहास में सत्र नियमितीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। परीक्षार्थियों और इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी नजर बनाए रखें।