मुजफ्फरपुर में श्रावणी मेला से पहले अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, गरीबनाथ मंदिर और बाजार क्षेत्रों में निगम की बड़ी कार्रवाई

मुजफ्फरपुर: श्रावणी मेला 2026 को लेकर मुजफ्फरपुर नगर निगम ने शहर को व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम ने सोमवार से विशेष अतिक्रमण विरोधी अभियान की शुरुआत करते हुए गरीबनाथ मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। पहले ही दिन दर्जनों अस्थायी दुकानों, ठेलों और सड़क किनारे लगाए गए अवैध ढांचों को हटाया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि श्रावणी मेला समाप्त होने तक अभियान लगातार जारी रहेगा।

श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर विशेष अभियान

हर वर्ष श्रावण मास में बाबा गरीबनाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर के आसपास भारी भीड़ रहती है। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने पहले से ही अतिक्रमण हटाने की योजना तैयार की थी।

अधिकारियों के अनुसार, मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर कई अस्थायी दुकानें और ठेले सड़क पर फैल गए थे, जिससे पैदल चलने वालों और वाहनों को परेशानी हो रही थी। इसी को देखते हुए अभियान शुरू किया गया।

गरीबनाथ मंदिर और बाजार क्षेत्रों में चली कार्रवाई

नगर निगम की टीम सुबह ही पुलिस बल और दंडाधिकारियों के साथ गरीबनाथ मंदिर पहुंची। इसके बाद मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग, आसपास की गलियों और प्रमुख बाजारों में अभियान चलाया गया।

कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे लगाए गए अस्थायी शेड, टीन-शेड, बांस-बल्लियों से बनी दुकानें, ठेले और अन्य अवैध ढांचों को हटाया गया। कई स्थानों पर जेसीबी मशीन का भी इस्तेमाल किया गया।

अधिकारियों ने दुकानदारों से कहा कि वे सड़क और फुटपाथ पर कब्जा न करें, अन्यथा दोबारा अतिक्रमण करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दुकानदारों में मचा हड़कंप

अचानक शुरू हुई कार्रवाई से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानदारों ने जल्दबाजी में अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। कुछ दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया।

हालांकि, नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कई बार पहले भी नोटिस जारी किए गए थे और दुकानदारों को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था। चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के कारण यह कार्रवाई करनी पड़ी।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी तरह का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि हटाए गए स्थानों पर दोबारा दुकानें लगाई गईं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने कहा कि अभियान केवल गरीबनाथ मंदिर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मेला मार्ग, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से मंदिर तक जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर भी अतिक्रमण हटाया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

नगर निगम का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। श्रावणी मेला के दौरान लाखों कांवरिये और श्रद्धालु मुजफ्फरपुर पहुंचते हैं। यदि सड़कें अतिक्रमण से घिरी रहेंगी तो जाम और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

इसी वजह से मंदिर परिसर के आसपास पैदल मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारु रूप से हो सके।

पुलिस और प्रशासन रहे मुस्तैद

अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

कुछ स्थानों पर दुकानदारों और अधिकारियों के बीच हल्की बहस भी हुई, लेकिन पुलिस ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया।

मेला समाप्त होने तक जारी रहेगा अभियान

नगर निगम ने घोषणा की है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। श्रावणी मेला समाप्त होने तक प्रतिदिन निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं दोबारा अतिक्रमण पाया गया तो तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय और कचरा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने किया समर्थन

शहर के कई लोगों ने नगर निगम की इस कार्रवाई का समर्थन किया। उनका कहना है कि मंदिर क्षेत्र में वर्षों से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है, जिससे हर साल मेला के दौरान भारी जाम लगता है।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन नियमित रूप से इस तरह का अभियान चलाए तो शहर की यातायात व्यवस्था काफी बेहतर हो सकती है।

दुकानदारों की मांग

दूसरी ओर, प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। उनका कहना है कि वे वर्षों से वहीं दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। यदि उन्हें हटाया जा रहा है तो नगर निगम को उनके लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना चाहिए।

कुछ दुकानदारों ने यह भी कहा कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करेंगे, लेकिन आजीविका के लिए उचित व्यवस्था आवश्यक है।

श्रावणी मेला की तैयारियां तेज

श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और चिकित्सा शिविर, पेयजल केंद्र तथा सहायता केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान भी तैयार किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मुजफ्फरपुर में श्रावणी मेला से पहले नगर निगम द्वारा चलाया गया अतिक्रमण विरोधी अभियान प्रशासन की व्यापक तैयारियों का हिस्सा है। गरीबनाथ मंदिर और आसपास के बाजार क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग तैयार किया जा रहा है। हालांकि कार्रवाई से कुछ दुकानदार प्रभावित हुए हैं, लेकिन प्रशासन का कहना है कि जनहित और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। आने वाले दिनों में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि श्रावणी मेला शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।