दुर्गापूजा से पहले जगमगाएगा भागलपुर 5.21 करोड़ की लागत से 5,068 स्थानों पर लगेंगे आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइट, निविदा प्रक्रिया और रखरखाव पर विशेष जोर
भागलपुर: सिल्क सिटी भागलपुर को रोशन करने और शहरवासियों को फेस्टिव सीजन में बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। आगामी दुर्गापूजा के पावन पर्व से ठीक पहले शहर की सड़कों, गलियों और प्रमुख चौराहों की सूरत बदलने की तैयारी जोरों पर है। भागलपुर नगर निगम प्रशासन द्वारा 5.21 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से शहर के कुल 5,068 स्थानों पर आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने के महाअभियान को बेहद तेज कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल शहर के अंधेरे कोने रोशन होंगे, बल्कि रात के समय आवागमन करने वाले राहगीरों और महिलाओं की सुरक्षा भी पुख्ता हो सकेगी।
निविदा प्रक्रिया और 16 संवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन
पारदर्शी तरीके से इस कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कागजी कार्रवाई और तकनीकी औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं:
संवेदकों की भागीदारी: इस बहुमूल्य परियोजना को हासिल करने के लिए कई प्रतिष्ठित एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। वर्तमान में नगर निगम द्वारा 16 संवेदकों (Contractors) के टेंडर दस्तावेजों का गहन सत्यापन (Verification) किया जा रहा है।
तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन: टेंडर प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल उन्हीं एजेंसियों को कार्यभार सौंपा जाए जो तकनीकी रूप से दक्ष हों और निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के कार्य को पूरा करने का अनुभव रखती हों।
त्वरित निष्पादन के निर्देश: नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत कार्य आदेश (Work Order) जारी कर दिया जाएगा, ताकि दुर्गापूजा की समय सीमा से पहले रोशनी का यह कार्य पूरा हो सके।
तीन वर्षों तक रखरखाव (Maintenance) की होगी विशेष जिम्मेदारी
इस बार की एलईडी लाइट योजना की सबसे बड़ी खूबी इसकी जवाबदेही और मेंटेनेंस पॉलिसी है:
एजेंसी की जिम्मेदारी: निगम प्रशासन ने अनुबंध की शर्तों में यह स्पष्ट रूप से प्रावधान किया है कि जिस भी चयनित एजेंसी को यह कार्य मिलेगा, उसे स्थापना के बाद अगले तीन वर्षों तक स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव और मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी।
शिकायत निवारण प्रणाली: यदि इस अवधि में कोई लाइट खराब होती है या तकनीकी खराबी आती है, तो संबंधित एजेंसी को तय समय के भीतर उसे दुरुस्त करना होगा। इससे नगर निगम के कर्मचारियों पर पड़ने वाला बोझ कम होगा और शहरवासियों को निरंतर निर्बाध रोशनी मिलती रहेगी।
ऊर्जा की बचत: पारंपरिक सोडियम या हैलोजन लाइटों की तुलना में ये आधुनिक एलईडी लाइटें बिजली की खपत कम करेंगी और रोशनी भी अधिक देंगी, जिससे नगर निगम के बिजली बिल के खर्च में भी भारी कमी आएगी।
दुर्गापूजा से पहले शहरवासियों को मिलेगी बड़ी सौगात
त्योहारी सीजन में भागलपुर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए यह एक बेहद सुखद खबर है:
रोशन गलियां और बाजार: दुर्गापूजा के दौरान शहर के विभिन्न पूजा पंडालों और बाजारों में रातभर भक्तों का तांता लगा रहता है। ऐसे में नई एलईडी लाइटों के लग जाने से शहर का हर कोना दूधिया रोशनी से नहला नजर आएगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: अंधेरी गलियों और चौराहों पर रोशनी होने से असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी और पुलिस प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में आसानी होगी।
भागलपुर नगर निगम प्रशासन द्वारा 5.21 करोड़ रुपये की लागत से 5,068 स्थानों पर एलईडी लाइटें लगवाने का यह कदम शहर के शहरी विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। संवेदकों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया और तीन साल के मेंटेनेंस अनुबंध जैसी पारदर्शी व्यवस्थाएं यह दिखाती हैं कि प्रशासन इस बार कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह गंभीर है। दुर्गापूजा से पहले शहर के जगमगाने की यह उम्मीद नागरिकों के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान लेकर आई है।