भागलपुर उपद्रव: उग्र भीड़ ने पुलिस और नागरिक वाहनों को बनाया निशाना, जिप्सी पलटी और पेट्रोलिंग वैन में की गई तोड़फोड़
बिहार के भागलपुर में छात्रों के प्रदर्शन की आड़ में फैले उपद्रव ने अब एक सुनियोजित और हिंसक तांडव का रूप ले लिया है। तिलकामांझी चौक और उसके आसपास के इलाकों में जो हिंसा भड़की, उसने कानून-व्यवस्था को गंभीर चुनौती दी है। उग्र भीड़ ने न केवल पुलिसर्किमयों पर पथराव किया, बल्कि प्रशासनिक और आम नागरिकों की संपत्तियों को भी चुन-चुनकर निशाना बनाया। इस दौरान कई सरकारी और निजी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया है।
पुलिस जिप्सी पर हमला और उसे पलटना
हिंसा के दौरान उपद्रवियों का सबसे ज्यादा गुस्सा पुलिस के वाहनों पर फूटा। प्रदर्शनकारियों के बीच छिपे कुछ असामाजिक तत्वों ने एक पुलिस जिप्सी को घेर लिया। जिप्सी पर अंधाधुंध ईंट-पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया, जिससे उसका शीशा और बॉडी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
बात यहीं खत्म नहीं हुई; उग्र भीड़ ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए उस पुलिस जिप्सी को सड़क पर ही पलट दिया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासन की सख्ती और अधिक बढ़ गई है। पुलिसकर्मियों पर इस तरह का सीधा हमला इस बात का गवाह था कि उपद्रवी किसी बड़ी साजिश के तहत माहौल बिगाड़ने उतरे थे।
पेट्रोलिंग वैन को क्षति और अन्य वाहनों में तोड़फोड़
पुलिस जिप्सी के अलावा, उपद्रवियों ने इलाके में गश्त कर रही एक पेट्रोलिंग वैन को भी अपना निशाना बनाया। पेट्रोलिंग वैन पर पथराव कर उसके कांच तोड़ दिए गए और वाहन के अंदरूनी हिस्सों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
इस हिंसक झड़प और भगदड़ के बीच सड़क से गुजर रहे आम नागरिकों के निजी वाहनों को भी भारी क्षति उठानी पड़ी। उपद्रवियों ने कई दोपहिया और चौपहिया वाहनों (कार और बाइक) में तोड़फोड़ की। वाहन चालकों को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा, जिसके चलते कई गाड़ियां सड़क पर लावारिस हालत में क्षतिग्रस्त खड़ी रहीं।
पुलिसकर्मियों की सूझबूझ और स्थिति पर नियंत्रण
चारों तरफ फैली इस हिंसा और वाहनों पर हो रहे हमलों के बीच ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भारी तनाव के बावजूद संयम बनाए रखा। हालांकि, स्थिति को बेकाबू होते देख सुरक्षाबलों ने अतिरिक्त बल बुलाकर मोर्चा संभाला। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए कड़े कदम उठाए गए, जिससे धीरे-धीरे भीड़ तितर-बितर हुई।
इस घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त वाहनों को वहां से हटवाया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने भी सरकारी संपत्ति (पुलिस वाहनों) को नुकसान पहुंचाया है और कानून हाथ में लिया है, उनकी पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है। उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।