श्रावणी मेले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी तैयारी, 17 जिलों से आएंगे 53 विशेषज्ञ डॉक्टर; कांवरियों को मिलेगी 24 घंटे चिकित्सा सुविधा

भागलपुर: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और कांवरिया बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए इस पावन यात्रा में शामिल होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष विशेष कार्ययोजना तैयार की है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मेले के दौरान कुल 53 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जो चौबीसों घंटे विभिन्न चिकित्सा शिविरों और अस्पतालों में अपनी सेवाएं देंगे। इन चिकित्सकों को बिहार के 17 जिलों से प्रतिनियुक्त किया गया है, ताकि किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की व्यापक योजना

स्वास्थ्य विभाग ने श्रावणी मेले के लिए विस्तृत चिकित्सा प्रबंधन योजना तैयार की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाखों श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।

इसके लिए अस्थायी स्वास्थ्य शिविर, प्राथमिक उपचार केंद्र, एम्बुलेंस सेवाएं, रेफरल व्यवस्था और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

53 विशेषज्ञ डॉक्टर रहेंगे तैनात

इस वर्ष मेले में विभिन्न चिकित्सा विधाओं के 53 विशेषज्ञ डॉक्टर चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे।

इनमें सामान्य चिकित्सा, आपातकालीन चिकित्सा, हृदय रोग, अस्थि रोग, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, सर्जरी, एनेस्थीसिया तथा अन्य आवश्यक विशेषज्ञताओं के चिकित्सक शामिल किए गए हैं।

सरकार का उद्देश्य गंभीर मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना है।

विशेष कार्य पदाधिकारी ने जारी किया पत्र

स्वास्थ्य विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) मनोज कुमार ने सोमवार को आधिकारिक पत्र जारी करते हुए सभी 53 विशेषज्ञ चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की सूची संबंधित अधिकारियों को भेज दी।

यह सूची भागलपुर के सिविल सर्जन (CS) को भी उपलब्ध करा दी गई है, ताकि चिकित्सकों की तैनाती और ड्यूटी रोस्टर समय पर तैयार किया जा सके।

चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी चिकित्सा सुविधा

स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी प्रमुख चिकित्सा शिविरों में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक दवाइयां चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें।

आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विशेष चिकित्सा दलों को भी तैयार रखा जाएगा।

एम्बुलेंस और रेफरल व्यवस्था होगी मजबूत

श्रद्धालुओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।

गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल या उच्च चिकित्सा संस्थानों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए रेफरल प्रणाली भी सक्रिय रहेगी।

हीट स्ट्रोक और थकान पर विशेष नजर

श्रावणी यात्रा के दौरान लंबी पैदल यात्रा करने वाले कांवरियों को अक्सर थकान, निर्जलीकरण, हीट स्ट्रोक, बुखार और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इसे देखते हुए चिकित्सा शिविरों में ओआरएस, पेयजल, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।

संक्रमण रोकने पर भी जोर

स्वास्थ्य विभाग ने स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण को भी प्राथमिकता दी है।

मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, शौचालयों की व्यवस्था तथा कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए विशेष चिकित्सा टीमों को भी सक्रिय रखा जाएगा।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का समन्वय

मेले के सफल आयोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेगा।

सभी विभागों को समय-समय पर समीक्षा बैठक आयोजित कर तैयारियों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं से भी की गई अपील

स्वास्थ्य विभाग ने कांवरियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, अधिक थकान महसूस होने पर विश्राम करें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत निकटतम चिकित्सा शिविर से संपर्क करें।

साथ ही पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित श्रद्धालुओं को आवश्यक दवाइयां अपने साथ रखने की सलाह भी दी गई है।

सुरक्षित और सफल श्रावणी मेला बनाने की तैयारी

सरकार का लक्ष्य है कि इस वर्ष श्रावणी मेला पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और स्वास्थ्य सेवाओं से सुसज्जित रहे।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, पर्याप्त एम्बुलेंस, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और प्रभावी आपातकालीन प्रबंधन के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।

 

विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। 17 जिलों से 53 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, चौबीसों घंटे चिकित्सा सेवाएं, एम्बुलेंस, रेफरल व्यवस्था और विशेष स्वास्थ्य शिविरों की स्थापना से श्रद्धालुओं को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि लाखों कांवरियों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और स्वास्थ्य की दृष्टि से पूरी तरह संरक्षित रहे, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।