सड़क किनारे बकरे की कटाई से फैल रहा खून और बाधित हो रहा यातायात; समाजसेवियों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की
बिहार के मुंगेर जिले के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक और व्यस्त उपमंडल क्षेत्र हवेली खड़गपुर (Haveli Kharagpur) से एक बेहद खतरनाक, लापरवाही से भरा और चिंताजनक मामला सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 333 (NH 333) पर सुरक्षा के तमाम नियमों को ताक पर रखकर कई दुकानदार अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क के किनारे ही दुकानें सजा रहे हैं। स्थिति तब और भी ज्यादा भयावह और शर्मनाक हो जाती है जब ये दुकानदार सड़क के ठीक किनारे बकरे की कटाई (Mutton Cutting/Slaughtering) जैसे कार्य खुलेआम करते हैं।
इसके कारण सड़क पर खून फैल जाता है, जिससे न केवल दुर्गंध और अस्वच्छता का माहौल बनता है, बल्कि आने-जाने वाले वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी भयंकर दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो जाता है। इस गैरकानूनी और खतरनाक मनमानी से आजिज आकर स्थानीय समाजसेवियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस पर त्वरित और सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। आइए इस गंभीर समस्या, एनएच 333 की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती इस तस्वीर और इसके दुष्प्रभावों का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
समस्या की जड़: एनएच 333 पर अतिक्रमण और लापरवाही
राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) देश या राज्य के परिवहन की धड़कन माने जाते हैं, जहाँ भारी वाहन तेज गति से गुजरते हैं। ऐसे व्यस्त मार्गों पर नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है, लेकिन हवेली खड़गपुर में तस्वीर इसके बिल्कुल विपरीत है।
सड़क के किनारे अवैध दुकानें: एनएच 333 के दोनों किनारों पर स्थानीय दुकानदारों और व्यवसायियों द्वारा स्थायी एवं अस्थायी रूप से अतिक्रमण कर दुकानें लगा ली गई हैं। ये दुकानें सड़क की सीमा (Road Margin) के इतनी करीब हैं कि ग्राहकों की भीड़ लगने पर मुख्य मार्ग का एक बड़ा हिस्सा ब्लॉक हो जाता है।
खुद की और दूसरों की जान से खिलवाड़: सड़क की पटरियों पर इस तरह दुकानें चलाना दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। तेज रफ्तार ट्रक, बसें या अन्य वाहन अनियंत्रित होकर कभी भी इन दुकानों में घुस सकते हैं, जिससे बड़ी जनहानि की आशंका हमेशा बनी रहती है।
बकरे की कटाई और सड़क पर फैलता खून: स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा
इस पूरी समस्या का सबसे खौफनाक पहलू सड़क के किनारे खुलेआम बकरे की कटाई करना और उसके अवशेषों का कुप्रबंधन है।
सड़क पर खून और गंदगी: नियमों के विरुद्ध जाकर सड़क किनारे ही पशुओं का वध किया जा रहा है, जिससे उनका खून सीधे मुख्य सड़क पर बहकर फैल जाता है। खून और अपशिष्ट पदार्थों के कारण सड़क पर फिसलन पैदा हो जाती है, जो दोपहिया वाहन चालकों (बाइक और साइकिल सवारों) के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
भयानक दुर्गंध और संक्रमण का खतरा: खुले में मांस कटाई और अपशिष्ट के सड़ने से आसपास भयंकर बदबू फैलती है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों का वहां सांस लेना भी दूभर हो गया है। मक्खियों और आवारा कुत्तों का जमावड़ा लग जाने से क्षेत्र में गंभीर संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।
यातायात पर बुरा असर और आए दिन लगने वाला जाम
तोपखाना बाजार या एनएच 333 के इस हिस्से से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन इस अवैध अतिक्रमण और कटाई के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
सड़क संकरी होना: सड़क के दोनों तरफ दुकानें सजने और ग्राहकों द्वारा अपने वाहन सड़क पर ही पार्क करने के कारण यह मुख्य मार्ग काफी संकरा हो गया है।
लंबा ट्रैफिक जाम: इस अव्यवस्था के कारण अक्सर व्यस्त समय में घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी बीच रास्ते में फंसी रहती हैं। इससे मरीजों और आम नागरिकों को भारी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।
समाजसेवियों की नाराजगी और प्रशासन से कड़ी मांग
इस गंभीर समस्या को लेकर हवेली खड़गपुर के समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल: सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग की लचर कार्यशैली के कारण इन अतिक्रमणकारियों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के हौसले बुलंद हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है।
त्वरित कार्रवाई की गुहार: समाजसेवियों ने जिला प्रशासन और नगर प्रशासन से मांग की है कि एनएच 333 से इस अवैध अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, सड़क किनारे मांस की कटाई करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो, और भविष्य के लिए सख्त निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।
हवेली खड़गपुर में एनएच 333 पर जान जोखिम में डालकर दुकान चलाने और खुलेआम बकरे की कटाई कर सड़क पर खून फैलाने की यह घटना प्रशासनिक उदासीनता का एक काला अध्याय है। यह स्थिति न केवल सड़क सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य के साथ एक गंभीर खिलवाड़ भी है। यदि समय रहते प्रशासन ने इस दिशा में बुलडोजर कार्रवाई या सख्त कानूनी कदम नहीं उठाए, तो कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। समय की मांग है कि पुलिस और प्रशासन तुरंत नींद से जागे और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाले।